सीबीएसए, सीजीसी लांडरां ने वैश्विक प्रबंधन रुझान 2025 पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की
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लांडरां 24-Feb-2025
सीजीसी लांडरां के चंडीगढ़ बिज़नेस स्कूल ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (सीबीएसए) ने कैंपस में दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस ‘शेपिंग द फ्यूचर-ग्लोबल ट्रेंड्स इन मैनेजमेंट पैरेडाइम्स 2025 (आईसीएसएफएमपी 2025)’ का आयोजन किया। इस सम्मेलन में 300 से ज़्यादा स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर्स, आकडेमिशिएंस और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
इवेंट के पहले दिन की ख़ास बात थी कांफ्रेंस बुक का रिलीज़, जिसमें उभरते हुए प्रबंधन प्रतिमानों में अकादमिक उत्कृष्टता, इनोवेशन और क्रिएटिविटी को दर्शाते रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। 100 से अधिक प्रस्तुत पेपर्स में से 86 को चयनित किया गया।इंटरनेशनल कांफ्रेंस के पहले दिन की शुरुआत इंडस्ट्री लीडर्स और अकादमिक क्षेत्र के दिग्गजों के ज्ञानवर्धक बातों के साथ हुई।
प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे - श्री स्टीव मैककेना, एसोसिएट प्रोफेसर, कर्टिन बिजनेस स्कूल, ऑस्ट्रेलिया, डॉ. करमिंदर घुम्मन, एसोसिएट डीन ऑफ़ इंडस्ट्री कनेक्ट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, एलएम थापर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, प्रो. (डॉ.) पुष्पेंद्र कुमार, किरोरी मल कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, मिस दीप्ति ऋषि, लीडरशिप कोच और श्री गौतम शर्मा, फाउंडर, सूर्य एन्वायरो एंड केमिकल्स।
डॉ. पी.एन. हृषीकेश, कैंपस डायरेक्टर,सीजीसी लंडरां और डॉ. रमनदीप सैनी, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, सीबीएसए ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और विचारशील बौद्धिक चर्चा व विचारों के आदान-प्रदान के लिए मंच तैयार किया।कांफ्रेंस के पहले दिन कीनोट स्पीकर के रूप में श्री स्टीव मैककेना ने ‘टेक्स्टबुक्स एंड मैनेजमेंट पैरेडाइम्स’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
उन्होंने मैनेजमेंट पैरेडाइम्स और थेओरीज़ और उनकी एप्लीकेशन पर व्याख्यान दिया, जिसमें इनकी अलग-अलग कॉन्टिनेंट्स की मार्किट के अनुप्रयोग को रेखांकित किया। उन्होंने जोर दिया कि मैनेजमेंट की प्रक्रिया उसके मूल प्रिंसिपल्स से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि मैनेजमेंट यूनिवर्सल है, लेकिन इसकी स्टाइल्स अलग-अलग हो सकती हैं। दिन के दूसरे प्रमुख स्पीकर और गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ. करमिंदर घुम्मन ने ‘पैरेडाइम्स एंड पैरेडाइम शिफ्ट’ पर अपने विचार साझा किए तथा श्रोताओं को पैरेडाइम्स की एक शैक्षणिक और प्रबंधन अवधारणा के रूप में व्यापक समझ प्रदान की।
कांफ्रेंस के दूसरे दिन, पंजाब यूनिवर्सिटी, जीएनडीयू, इक्फ़ाई और आईबीए बेंगलुरु और आईकेजीपीटीयू जैसे प्रमुख संस्थानों के स्टूडेंट्स और रेसेअर्चेर्स द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने ज्ञानवर्धक चर्चाओं को प्रेरित किया और इंडस्ट्री तथा अकादमिक जगत के बीच सहयोग को और मजबूत किया।
कार्यक्रम का समापन,वैलेडिक्टरी सेशन के साथ हुआ, जहां सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अंत में, डॉ. चारू मेहन, एचओडी, एमबीए, सीबीएसए - सीजीसी लांडरां ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।