सीजीसी लांडरां के अविनाश कुमार ने एआई-संचालित वीटीओएल ड्रोन इनोवेशन के लिए एसआईटी आइडियाथॉन 3.0 जीता
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लांडरां 20-Feb-2025
सीजीसी लांडरां के चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज (सीईसी) के इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) डिपार्टमेंट के बी.टेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के थर्ड ईयर के स्टूडेंट अविनाश कुमार ने सिलीगुड़ी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, वेस्ट बंगाल द्वारा आयोजित नेशनल लेवल इनोवेशन चैलेंज एसआईटी आईडियाथोन 3.0 में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्हें ट्रॉफी और ₹10,000/- नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत भर की 81 टीमों के खिलाफ कम्पीट करते हुए, अविनाश ने उत्कृष्ट टेक्निकल दक्षता और समस्या समाधान कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे उन्होंने सीजीसी लांडरां का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में फाइनलिस्ट्स ने अपने इनोवेटिव सोल्युशन, एआई, सस्टेनेबिलिटी, डिजास्टर प्रिवेंशन, एजुकेशन और सोशल एम्पावरमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रस्तुत किए। अविनाश के प्रोजेक्ट ‘वेब्टेकफलाई’, एक उन्नत एआई-संयुक्त मल्टीपर्पज़ वीटीओएल प्लेन (वर्टीकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) ने अपने प्रैक्टिकल ऍप्लिकेशन्स और टेक्नोलॉजिकल क्रिएटिविटी के कारण विशेष पहचान बनाई। यह प्रोजेक्ट ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है। ट्रेडिशनल ड्रोन आमतौर पर भार पेलोड कैपेसिटी, उड़ान अवधि, पहाड़ों, जंगलों व डिजास्टर क्षेत्रों जैसे कठिन इलाकों में अनुकूलता की समस्याओं का सामना करता है। लेकिन अविनाश के एआई-संचालित समाधान ने वीटीओएल तकनीक को फिक्स्ड-विंग दक्षता के साथ एकीकृत किया है, जिससे उड़ान सीमा में वृद्धि और पेलोड कैपेसिटी में सुधार हुआ है। यह ड्रोन एआई-संचालित थर्मल इमेजिंग, रीयल-टाइम एनालिटिक्स और ऑटोनोमस नेविगेशन जैसी आधुनिक क्षमताओं से लैस है, जो इसे डिजास्टर मैनेजमेंट, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स ऍप्लिकेशन्स जिसका उपयोग सर्च एंड रेस्क्यू (खोज एवं बचाव), सर्विलेंस और मेडिकल ऐड डिलीवरी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा सकता है। अविनाश को बधाई देते हुए, सीजीसी लांडरां के प्रेजिडेंट रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा, "हमें अविनाश पर गर्व है। उसका प्रोजेक्ट यह दर्शाता है कि एआई और ऑटोमेशन कैसे मेडिकल केयर, डिजास्टर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में क्रांति ला सकता है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र अपनी नवीनतम सोच से तकनीक के भविष्य को आकार दे रहे हैं।" इसी भावना को दोहराते हुए और छात्र की सराहना करते हुए, सीजीसी लांडरां के कैंपस डायरेक्टर डॉ. पी.एन. हृषीकेशा ने कहा, "अविनाश की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि हमारा संस्थान छात्रों को अपने ज्ञान को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें उम्मीद है कि उसकी यह सफलता और अधिक छात्रों को एक्सप्लोरेशन, इनोवेशन और विभिन्न इंडसट्रीज़ की समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगी।"