5 Dariya News

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय ने भाषा-संस्कृति इंटरफेस पर आमंत्रित वार्ता का आयोजन किया

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बठिंडा 19-Feb-2025

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के मानद प्रोफेसर और हैदराबाद विश्वविद्यालय में अनुप्रयुक्त भाषा विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. पंचानन मोहंती का एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। यह व्याख्यान 'भाषा और संस्कृति इंटरफेस' विषय पर आधारित था और विश्वविद्यालय के स्थापना सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित व्याख्यान श्रृंखला का पहला लेक्चर था।

अपने व्याख्यान में प्रोफेसर मोहंती ने बताया कि भाषा और संस्कृति आपस में जुड़ी होती हैं। वे मिलकर हमारी पहचान और परंपरा को प्रभावित करती हैं और एक-दूसरे को परिभाषित करती हैं। उन्होंने बताया कि भाषा सिर्फ संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह परंपराओं, पहचान और इतिहास को सहेजने वाली सांस्कृतिक धरोहर भी है।

प्रो. मोहंती ने भारत में विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अंग्रेज़ी के बढ़ते प्रभाव के कारण कई क्षेत्रीय भाषाएँ तेजी से विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत में बोली जाने वाली भाषाओं के बीच की भाषाई समानताओं को उजागर करते हुए भारत की साझी सांस्कृतिक विरासत की ओर संकेत किया। 

व्याख्यान के अंत में प्रो. मोहंती ने साहित्य और काव्यशास्त्र को भाषा संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए भारत की स्वदेशी भाषाओं के संवर्धन एवं संरक्षण का आह्वान किया। इस अवसर पर पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम की शुरुआत में अंग्रेजी विभाग से प्रो. शाहिला जफर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डीन छात्र कल्याण प्रो. संजीव ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।