बीएनएस पर सेमिनार में भारतीय दंड प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन पर चर्चा
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राजपुरा 23-Jan-2025
आर्यन्स कॉलेज ऑफ लॉ, राजपुरा, नियर चंडीगढ़ और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ (यूटी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक सेमिनार में "भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)" पर चर्चा की गई। डॉ. अंशू कटारिया, चेयरमैन, आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, राजपुरा, चंडीगढ़ के पास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
जबकि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट परमिंदर सिंह सम्मानित अतिथि थे। डॉ. नैंसी शर्मा, सहायक प्रोफेसर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ मुख्य वक्ता थे। डॉ. शर्मा ने कहा कि 2023 का भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) भारत के प्राथमिक दंड कानून के रूप में 1860 के मौजूदा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेता है।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 के बारे में विस्तार से बताया। इन नए कानूनों ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 आपराधिक प्रक्रिया (सीआरपीसी) 1973, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (आईईए) 1872 की जगह लेते हुए भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
डॉ. अंशू कटारिया ने उल्लेख किया कि यह नए भारतीय आपराधिक कोड पर केंद्रित है जिसने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह ली है, जिसमें कानूनी प्रणाली के लिए इसकी प्रमुख विशेषताओं और निहितार्थों के बारे में चर्चा की गई है; कानून और न्याय मंत्रालय ने कानूनी पेशेवरों, कानून प्रवर्तन और बड़े पैमाने पर जनता के बीच इस नए कानून के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे भारत में कई सम्मेलन आयोजित किए।
समापन भाषण में एडवोकेट परमिंदर सिंह ने आर्यन ग्रुप का कॉलेज का यह सेमिनार आयोजन करने के लिए धन्यवाद किया । उन्होंने डॉक्टर नैंसी शर्मा सहायक प्रोफेसर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ लीगल स्टडीज पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ का भारतीय न्याय संहिता पर चर्चा के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की भविष्य में भी कानून के विभिन्न विषयों के संदर्भ में आर्यन ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के साथ मिलकर सेमिनार का आयोजन करते रहेंगे ।