सीयू पंजाब में "ट्रांसलेशनल ट्रेंड्स इन नेचुरल एंड हेल्थ साइंसेज" विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
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बठिंडा 04-Dec-2024
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रांगण में गुरुवार को 'ट्रांसलेशनल ट्रेंड्स इन नेचुरल एंड हेल्थ साइंसेज' (टीटीएनएचएस 2024) विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज़ एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। विश्वविद्यालय द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रोफेसर राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और एसईआरबी इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है।
यह सम्मेलन में भारत और विदेशों से वैज्ञानिक, संकाय सदस्य, शोधकर्ता, छात्र और उद्योग विशेषज्ञ सहित 350 से अधिक प्रतिभागी ट्रांसलेशनल शोध में हुई नवीनतम प्रगति पर विचार विमर्श करेंगे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और पौधों को जल अर्पण करने के साथ हुई। तदुपरांत कार्यक्रम संरक्षक एवं पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में संम्मिलित हुए टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी के निदेशक डॉ. राकेश कुमार मिश्रा, विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष,प्रो. भूषण पटवर्धन, भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी और विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए सीयू पंजाब के संस्थापक कुलपति प्रो. जै रूप सिंह तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों प्रो. स्टीवन कैसल (यूएसए), डॉ. मासाको किनोशिता (जापान) और प्रो. जियान झाओ (चीन) के साथ मिलकर सम्मेलन पुस्तिका का अनावरण किया।
कार्यक्रम के आरंभ में कार्यक्रम संयोजक प्रो. विनोद कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया, भारत के माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. जगबीर सिंह द्वारा भेजे गए प्रेरणादायक संदेश साझा किए।
मुख्य अतिथि डॉ. राकेश मिश्रा ने अपने उद्घाटन संबोधन में टीटीएनएचएस 2024 को विशेषज्ञता साझा करने और अंतरविषयी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच बताया। उन्होंने जीनोमिक प्रौद्योगिकियों की उन्नति पर प्रकाश डालते हुए इस बात को रेखांकित किया कि यह सम्मेलन सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने "जीनोम टेक्नोलॉजीज" विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए जीनोम एडिटिंग और अनुक्रमण तकनीकों की वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में क्षमता को रेखांकित किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने इस बात पर बल दिया कि टीटीएनएचएस 2024 का उद्देश्य नवाचार को प्रेरित करना और शोधकर्ताओं को वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए सशक्त बनाना है। उन्होंने इस सम्मेलन को वैश्विक स्वास्थ्य व पर्यावरणीय समस्याओं के लिए वास्तविक समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रो. तिवारी ने सैद्धांतिक शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच पुल बनाने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराया, जो "जय अनुसंधान" के आदर्श वाक्य द्वारा निर्देशित है। उन्होंने पंजाब की समृद्ध ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रांसलेशनल रिसर्च और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन तथा आधुनिक एवं पारंपरिक ज्ञान के सम्मिश्रण के माध्यम से हम भारत के प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर सकते है।
उद्घाटन समारोह में सम कुलपति प्रो. किरण हजारिका, डीन इंचार्ज अकादमिक्स प्रो. आर.के. वुसिरीका, डीन छात्र कल्याण प्रो. संजीव ठाकुर, कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। टीटीएनएचएस 2024 के प्रथम दिवस पर दो प्लेनरी सत्र, नौ तकनीकी सत्र और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अगले दो दिनों में विश्वस्तरीय विशेषज्ञ परिवर्तनकारी नवाचारों और शोधकर्ताओं को महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु प्रेरित करने पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।