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भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण कार्यक्रम को पूरा करने की एक निश्चित समय सीमा निर्धारित करें : अटल डुल्लू

डिजिटाइज्ड जमाबंदियों की गुणवत्ता, सटीकता की जांच हेतु टीमों का गठन करने को कहा

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जम्मू 04-Dec-2024

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में हुई प्रगति का आकलन करने हेतु राजस्व विभाग की एक बैठक की। बैठक में वित्तीय आयुक्त राजस्व के अलावा प्रमुख सचिव वित्त, संभागीय आयुक्त जम्मू, सचिव राजस्व, एसआईओ एनआईसी, निदेशक, सर्वेक्षण एवं भूमि अभिलेख और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।

संभागीय आयुक्त, कश्मीर और उपायुक्त भी अपने-अपने अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। अटल डुल्लू ने इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों पर इस डिजिटलीकरण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए गंभीर कदम उठाने के लिए दबाव डाला क्योंकि अधिकांश काम अब पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि विभाग का अगला लक्ष्य इन अभिलेखों को भू-संदर्भित कैडस्ट्राल मानचित्रों के साथ एकीकृत करना और उनकी आसानी और उपयोग के लिए जनता को समर्पित करना होना चाहिए। मुख्य सचिव ने विभाग पर राजस्व विशेषज्ञों की टीमों का गठन करने के लिए दबाव डाला, जो इस डिजीटल रिकॉर्ड की सटीकता का आकलन करने के लिए जिलों का दौरा करेंगे। 

उन्होंने कहा कि इन रिकॉर्डों की गुणवत्ता और सटीकता की जांच करना महत्वपूर्ण है और लोगों को किसी भी विसंगति के लिए अपने संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने में स्वयं आगे आना चाहिए ताकि इन्हें समय पर ठीक किया जा सके। इस बैठक के दौरान अटल डुल्लू ने विभाग द्वारा जनता को दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं पर भी गौर किया। 

उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित लोक सेवा गारंटी अधिनियम समयसीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अंतिम समय में आवेदनों को वापस करने या रद्द करने पर रोक लगाने के लिए कहा क्योंकि यह इस अधिनियम के उद्देश्य को विफल करता है।

वित्तीय आयुक्त राजस्व शालीन काबरा ने अपनी बात में कहा कि विभाग ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया में पर्याप्त प्रगति की है और जम्मू और श्रीनगर जिलों को छोड़कर विभाग के अधिकांश क्षेत्र के अधिकारियों ने इसे पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि विभाग वर्तमान में इन अभिलेखों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन प्रक्रिया में लगा हुआ है। 

उन्होंने कहा कि यह अभ्यास एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा ताकि विभाग इसे वेक्टरकृत कैडस्ट्राल मानचित्रों के साथ एकीकृत करने की दिशा में आगे बढ़ सके। राजस्व सचिव, कुमार राजीव रंजन ने भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत उठाए जाने वाले कदमों के साथ-साथ इस दिशा में विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक, व्यापक और पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। उन्होंने बैठक में अब तक हुई प्रगति और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी जानकारी दी। इसमें यह भी कहा गया कि डिजिटलीकरण के बाद विभाग कैडस्ट्राल मानचित्रों के डिजिटलीकरण के बाद उनकी जियो-रिफ्रेंसिंग का काम कर रहा है, जो गांवों में 89 प्रतिषत तक पूरा हो चुका है।

बैठक में यह भी बताया गया कि डिजिटलीकृत आरओआर के साथ स्थानिक मानचित्र का एकीकरण आम जनता के उपयोग और सुविधा के लिए इसे एलआरआईएस पोर्टल पर लाइव करने के साथ समाप्त होने वाली कार्रवाई का अगला कदम है।