डॉ. सेनु दुग्गल ने गन्ना पेराई सत्र से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा की
नवांशहर की सहकारी चीनी मिल का किया निरीक्षण
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नवांशहर 27-Nov-2024
हाल ही में गन्ने की कीमत में 10 रुपये बढ़ोतरी के साथ इसकी कीमत 401 रुपये प्रति क्विंटल करने के साथ पंजाब अब देश भर में गन्ना उत्पादकों को सबसे अधिक भुगतान करने वाला राज्य बन गया है। पेराई सीजन 2024-25 के लिए तकनीकी मानकों के अनुसार मिलों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा करने के उद्देश्य से आज शुगरफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. सेनू दुग्गल ने नवांशहर की सहकारी चीनी मिल का दौरा किया।
सेनु दुग्गल ने कहा कि सभी हितधारकों, विशेषकर हमारे गन्ना उत्पादकों के लिए परेशानी मुक्त और सुचारू सीजन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादकों के लिए एक सफल पेराई सीजन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सभी महाप्रबंधकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि सत्र 2024-25 के दौरान प्रदेश की सभी सहकारी समितियों द्वारा लगभग 230 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जायेगी। उन्होंने कहा कि नवांशहर में 29 नवंबर, गुरदासपुर में 30 नवंबर और अजनाला में 1 दिसंबर से सहकारी गन्ना मिलें शुरू हो जाएंगी। इसी तरह, भोगपुर और बुढेवाल मिलें 2 दिसंबर को और मोरिंडा और नकोदर मिलें 3 दिसंबर को पेराई शुरू करेंगी, जबकि बटाला 5 दिसंबर और फाजिल्का 10 दिसंबर को पेराई शुरू करेंगी।
सभी किसानों के लिए अच्छा और लाभकारी अनुभव सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, डॉ. दुग्गल ने निर्देश दिया कि संबंधित फील्ड अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पूरी प्रक्रिया के दौरान आपूर्ति कैलेंडर के अनुसार किसानों को पर्चियां जारी की जाएं और ये पर्चियां किसानों को उनके घरों और उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर पहुंचाई जाएं।
उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान किसानों को आने वाली किसी भी समस्या के तत्काल समाधान के लिए प्रत्येक मिल में एक नोडल अधिकारी मौके पर तैनात किया जाएगा, जिसका नाम, पद, संपर्क नंबर और प्रत्येक को जारी की जाने वाली पर्चियों की जानकारी मिलों के नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन प्रकाशित की जाएगी। डॉ. दुग्गल ने यह भी निर्देश दिए कि पूरे सीजन के दौरान किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे विश्राम कक्ष, पीने का पानी, चाय और भोजन के लिए कैंटीन आदि उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि मिलों में गन्ना लाने के लिए सुचारू प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि किसानों को आवश्यकता से अधिक इंतजार न करना पड़े। डॉ. दुग्गल ने गन्ना उत्पादकों से भी सभी निर्देशों का पालन करने और विभाग के साथ सहयोग करने की भी अपील की।
इस अवसर पर मिल के महाप्रबंधक राजिंदर प्रताप सिंह, निदेशक मंडल के सदस्य हरिपाल सिंह जाडली, चरणजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, सुरिंदर कौर, कश्मीर सिंह, सोहन सिंह उप्पल, सरताज सिंह, महेंद्र सिंह, जगतार सिंह, श्रमिक महासंघ के अध्यक्ष हरदीप सिंह, सतनाम सिंह, महेश चंद्र एवं मिल के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।