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सकीना मसूद ने आईयूएसटी में नेशनल एकेडेमिया इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 4.0 का उद्घाटन किया

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अवंतीपोरा 12-Nov-2024

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री सकीना मसूद ने इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में नेशनल एकेडेमिया इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 4.0-कल्टीवेटिंग सिनर्जी का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार, नासिर असलम वानी, उपकुलपति आईयूएसटी, उपकुलपति क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर, विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर के उद्योग और वाणिज्य क्षेत्र के दिग्गज, उभरते उद्यमी, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए, सकीना मसूद ने रेखांकित किया कि यह कॉन्क्लेव शैक्षिक क्षेत्र और उद्योगों के बीच सहयोग, नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जिससे जम्मू और कश्मीर के समग्र विकास में योगदान मिलेगा।

सकीना मसूद ने कहा, “आधुनिक दुनिया की बढ़ती चुनौतियों और अवसरों से निपटने के लिए शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग समय की जरूरत है।“ उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग-अकादमिक साझेदारी महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को हल करने, नवाचार को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए अभिन्न है कि छात्र नौकरी बाजार की उभरती मांगों के लिए तैयार हैं।

छात्रों से सरकारी नौकरियों से परे देखने का आह्वान करते हुए, मंत्री ने छात्रों को पर्यटन, आतिथ्य और अन्य क्षेत्रों जैसे उभरते क्षेत्रों में अपने लिए अवसर बनाने और नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी निर्माता बनने की सलाह दी।

मंत्री ने आगे कहा कि राष्ट्र निर्माण में विकास का योगदान शिक्षा क्षेत्र के माध्यम से अधिकतम है और यह सरकार के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। सकीना ने कहा, “उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली हमारी सरकार दूरदराज के इलाकों में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हम पहली कक्षा से विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा की नीति पर काम कर रहे हैं।“

मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को परिसर में कश्मीरी भाषा को बढ़ावा देने और इसके संरक्षण और प्रचार के लिए सर्वोत्तम प्रयास करने की भी सलाह दी। सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री के सलाहकार, नासिर असलम वानी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह विश्वविद्यालय न केवल जम्मू-कश्मीर में बल्कि पूरे देश में शीर्ष श्रेणी के विश्वविद्यालय में से एक बनकर उभरा है। 

उन्होंने छात्रों से इस विश्वविद्यालय से शिक्षित उद्यमी बनकर निकलने और पर्यटन, बागवानी, कला एवं शिल्प, आतिथ्य और अन्य क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने की क्षमता का दोहन करने का आह्वान किया।

सलाहकार ने रेखांकित किया कि यह सम्मेलन अकादमिक शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है। उन्होंने हाल के वर्षों में विकास के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना की और उन्हें अन्य जिलों में विस्तार पर ध्यान देने की सलाह दी।

इस अवसर पर बोलते हुए, वीसी आईयूएसटी, शकील अहमद रामशू ने स्थापना के बाद से विश्वविद्यालय की प्रगति और उपलब्धियों के बारे में एक रूपरेखा दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एक समग्र पाठ्यक्रम विकसित किया है जो विश्वविद्यालय के बहु-विषयक दृष्टिकोण को दर्शाता है। 

उन्होंने रेखांकित किया कि विष्वविद्यालय का डिज़ाइन योर ओन डिग्री पाठ्यक्रम इस विश्वविद्यालय की सबसे नवीन और सफल पहल में से एक के रूप में उभरा है। हमारी सरकार जिस विकसित देश की आकांक्षा रखती है, उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह कॉन्क्लेव मंच एक बेहतरीन मंच होगा।

डीन एकेडमिक अफेयर्स, आईयूएसटी, प्रोफेसर ए. एच. मून और सीएमडी सिडबी के प्रतिनिधि, बलबीर सिंह ने भी इस अवसर पर बात की और कार्यशाला के प्राथमिक उद्देश्यों के बारे में बताया। कॉन्क्लेव के दौरान, मंत्री ने सलाहकार के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वैश्विक स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ कृषि-तकनीक स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ तकनीक आधारित स्टार्टअप और सर्वश्रेष्ठ उभरते स्टार्टअप जैसी विभिन्न श्रेणियों में विभिन्न संस्थापकों को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर मंत्री ने सीआईईडी की वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की।

इससे पहले, मंत्री ने सलाहकार के साथ 19वें विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के तहत चल रहे समारोहों के हिस्से के रूप में स्थापित विभिन्न तकनीक आधारित स्टालों का भी निरीक्षण किया और छात्रों के साथ बातचीत भी की।