5 Dariya News

एन.ओ.सी और चुल्हा टैक्स के आधार पर कोई नामांकन रद्द नही किया जाना चाहिए: शिरोमणी अकाली दल

डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने राज्य चुनाव आयोग से अपील की कि वे रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दें कि उन सभी दस्तावेजों को जांच के लिए चुनाव आयोग को भेजें जिन्हे वे अस्वीकार करना चाहते हैं

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चंडीगढ़ 02-Oct-2024

शिरोमणी अकाली दल ने आज चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पंचायत चुनावों में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) यां चुल्हा टैक्स न मिलने के आधार पर नामांकन पत्र खारिज खारिज नही किया जाए। राज्य चुनाव आयोग को लिखे पत्र में वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व मंत्री डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि हालांकि आयुक्त राज कमल चैधरी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे, लेकिन उनका पालन नही किया जा रहा है। 

उन्होने आयोग से सभी रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश देने का  अनुरोध किया कि यदि वे एनओसी न मिलने यां चुल्हा टैक्स का भुगतान न करने के आधार पर किसी नामांकन को खारिज करना चाहते हैं तो उसे जांच के लिए आयोग को भेजा जाना चाहिए। उन्होने कहा,‘‘ फिलहाल रिटर्निंग अधिकारी अंतिम समय में नामांकन खारिज करने के मकसद से जानबूझकर नामांकन पर फेसला लेने में देरी कर रहे हैं, ताकि आवेदकों के पास चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उच्च न्यायालय में जाने के अलावा कोई अन्य विकल्प न बचे।’’

यह कहते हुए कि लोकतंत्र को बनाए रखना आयोग की जिम्मेदारी है, जिसकी हत्या आम आदमी पार्टी ने पंचायत चुनावों में की है, डाॅ. चीमा ने कहा कि चुल्हा टैक्स के रूप में प्रति वर्ष 7 रूपये का सांकेतिक भुगतान उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को खारिज करने के साथ-साथ विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने के लिए किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इससे पहले 2018 में भी सरपंच पद के लिए 49हजार नामांकनों में से 21हजार नामांकन पत्रों की जांच के समय रदद कर दिए गए थे। 

उन्होने कहा,‘‘पंचों के नामांकन पत्रों के मामले में, 1.6 लाख लोगों ने नामांकन पत्र भरे थे, जांच के बाद केवल एक लाख ही मैदान में रह गए थे।’’ डाॅ. चीमा ने कहा कि नियमित तौर पर  पूरे राज्य में किसी भी पंचायत में चूल्हा टैक्स रजिस्टर नही बनाए गए तथा किसी भी सरकार ने टैक्स वसूलने के लिए कोई प्रयास नही किया गया है। 

उन्होने कहा कि आप के मंत्रियों और विधायकों ने आयोग के प्रयासों को नकार दिया है, जिसने उम्मीदवारों को चूल्हा टैक्स की एनओसी न मिलने की स्थिति में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए डाॅ. चीमा ने कहा कि व्यापक स्तर पर ऐसी शिकायतें हैं कि निर्वाचन अधिकारी अपने कार्यालयों में लोगों से मिलने के बजाय आप के पदाधिकारियों के कार्यालयों यां आवासों में बैठे रहते हैं।

अकाली दल के प्रवक्ता ने यह भी मांग की कि नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया की आयोग द्वारा वीडियोग्राफी की जानी चाहिए और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रक्रिया की निगरानी के लिए आॅब्जर्वर नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होने राज्य के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त शिकायतों को भी आगे बढ़ाया, जिसमें धर्मकोट से अकाली नेता बरजिंदर सिंह बराड़ की शिकायतें भी शामिल हैं, जिन्होने बताया कि कैसे कोटइसेखान में बीडीपीओ कार्यालय से सभी विपक्षी नेताओं को बाहर कर दिया गया तथा एसएसओ अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल का तबादला करने की मांग की। 

उन्होने कहा कि गुरुहरसहाय के नेता वरदेव सिंह मान ने पिछली तारीख में वार्डों के परिसीमन के बारे शिकायत दर्ज की थी और कंवरजीत सिंह बरकंदी ने एक डीएसपी के बारे में शिकायत की थी, जो सेवानिवृत्ति के करीब था, लेकिन उसे सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए तैनात किया गया ।