डिप्टी कमिशनर शोकत अहमद परे सुचारू पराली प्रबंधन के लिए गांवों में पहुंचे, किसानों के साथ की सीधी बातचीत
पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए किसान पराली प्रबंधन के लिए इन-सीटू और एक्स-सीटू तकनीकों को अपनाएं: डी.सी.
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पटियाला 12-Sep-2024
डिप्टी कमिशनर शोकत अहमद परे ने आगामी सीजन के दौरान बिना आग लगाए पराली को संभालने के लिए गांवों में जाकर किसानों के साथ विचार-विमर्श किया और पिछले साल पराली नहीं जलाने वाले किसानों को सम्मानित किया। उनके साथ एस.डी.एम. समाना ऋचा गोयल, जिला कृषि अधिकारी जसविंदर सिंह और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन गुरकरन सिंह भी मौजूद थे।
शोकत अहमद परे ने जिले में पिछले साल सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाओं वाले गांव तलवंडी मलिक और घग्गा के किसानों के साथ खुली चर्चा की। पहले उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और फिर उनके समाधान के लिए मौके पर ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों का सहयोग बहुत जरूरी है और जिला प्रशासन किसानों को इन-सीटू और एक्स-सीटू दोनों तकनीकों से पराली प्रबंधन के लिए पूरा सहयोग करेगा।
उन्होंने तलवंडी मलिक और घग्गा के किसानों से कहा कि एक्स-सीटू के तहत पराली प्रबंधन के लिए बेलर और इन-सीटू के लिए जरूरी मशीनरी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस मौके पर किसानों ने भी इस बार पराली नहीं जलाने की शपथ ली। डिप्टी कमिशनर ने दोनों गांवों के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान इस बार डेमो के तौर पर 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में सरफेस सीडर से गेहूं की बुवाई जरूर करें।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का इस्तेमाल करके पराली का निपटारा आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पराली को जलाकर खत्म करना किसी समस्या का हल नहीं है। इससे हम खेतों को अवशेष से तो खाली कर देते हैं, लेकिन पर्यावरण को प्रदूषित कर अपने और अपने परिवार को कई बीमारियों का शिकार बना लेते हैं।
डिप्टी कमिशनर ने पिछले साल पराली नहीं जलाने वाले किसान अमरिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, करनदीप सिंह, कुलदीप कुमार, निर्मल सिंह और सरबजीत सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया और अन्य किसानों से भी पराली प्रबंधन में सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर कृषि अधिकारी सतीश कुमार, पी.पी.सी.बी के एस.डी.ओ. मोहित सिंगला, कृषि विस्तार अधिकारी रविंदरपाल सिंह चट्ठा और प्रभदीप सिंह भी मौजूद थे।