5 Dariya News

मुख्यमंत्री नायब सैनी की करनाल उपचुनाव में जीत एवं कांग्रेस विधायक वरूण चौधरी के सांसद बनने बावजूद हरियाणा विधानसभा में भाजपा की ताजा सदस्य संख्या बहुमत से एक कम - एडवोकेट हेमंत

5 Dariya News

चंडीगढ़ 04-Jun-2024

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के रिक्त करनाल‌‌‌ विधानसभा  सीट उपचुनाव  में जीतने से मौजूदा हरियाणा विधानसभा सदन में भाजपा की सदस्य संख्या ( स्पीकर  ज्ञान चंद गुप्ता को मिलाकर) 40 से 41 हो गई है. वहीं वर्तमान 14 वीं हरियाणा विधानसभा‌ में अंबाला जिले की मुलाना वि.स. सीट से कांग्रेस विधायक वरूण चौधरी के अंबाला लोकसभा सीट से  सांसद बनने से    उन्हें विधायक पद से त्यागपत्र देना  होगा.   

पंजाब एवं  हरियाणा के  हाईकोर्ट एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि चूंकि विधायक रहते हुए  वरूण लोकसभा सांसद निर्वाचित‌ हुए हैं, इसलिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 101 के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए दोहरी‌ सदस्यता निषेध नियम, 1950 के अंतर्गत वरूण को उनकी निर्वाचन‌ नोटिफिकेशन प्रकाशित होने  के 14 दिनों के  भीतर हरियाणा विधानसभा की सदस्यता अर्थात विधायक पद से त्यागपत्र देना होगा.

इसी प्रकार  सिरसा जिले की रानियां और गुरूग्राम जिले की बादशाहपुर वि.स. सीटे‌ पहले से रिक्त हैं. इस प्रकार विधानसभा की वर्तमान सदस्य‌  संख्या  जल्द 87 हो जाएगी.  हेमंत ने बताया कि 87 सदस्ययी  हरियाणा विधानसभा सदन में बहुमत का आंकड़ा 44 बनता   है.  गत माह  भाजपा सरकार को  समर्थन कर रहे तीन निर्दलीय विधायकों - करनाल की नीलोखेड़ी  से धर्म पाल गोंदर, कैथल की पुण्डरी  से रणधीर सिंह गोलन और चरखी दादरी जिले की दादरी  से सोमबीर सांगवान ‌द्वारा सरकार से समर्थन वापिस लेने के ऐलान  के बाद (हालांकि कुछ तकनीकी कारणों  से  फिलहाल राज्यपाल और स्पीकर  को इस बारे  में आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाना  लंबित है) और बीती  25 मई को  एक निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद के निधन के बाद से  नायब सैनी सरकार के बहुमत पर  सवाल खड़े हो रहे हैं.

वर्तमान में  हरियाणा की भाजपा  सरकार के पास एक निर्दलीय विधायक नयन‌ पाल रावत एवं  हलोपा के इकलौते विधायक गोपाल कांडा का ही समर्थन है जिससे उसके पास 43 विधायक बनते हैं जो बहुमत‌ से एक कम है. विपक्ष के पास कुल 44 विधायक है जिसमें कांग्रेस के 29 ( वरुण चौधरी को छोड़कर) 

जजपा के 10, चार निर्दलीय और एक इनेलो के  अभय चौटाला. हालांकि भाजपा इन विपक्षी  विधायकों  में सेंधमारी कर अपनी सदन‌ में अपनी  संख्या बढ़ा सकती है. हालांकि बदले राजनीतिक परिवेश में भाजपा के कुछ असंतुष्ट विधायकों का भी विपक्ष में पलाउ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. जो  भी हो‌, सरकार का अल्पमत या बहुमत विधानसभा‌‌‌ सदन‌ ‌में ही साबित किया जा सकता है अन्यथा नहीं जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में स्पष्ट किया गया है.

हेमंत ने एक और रोचक जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा हरियाणा विधानसभा में बेशक भाजपा के 41 सदस्य (विधायक ) हैं परन्तु  संवैधानिक रूप से   प्राथमिक तौर पर  40 भाजपा  विधायक ही नायब सैनी सरकार के पक्ष में (अगर विश्वास प्रस्ताव  हो ) और विरोध में ( अगर अविश्वास प्रस्ताव हो ) ही वोट कर सकते हैं क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 189 (1) के अनुसार विधानसभा स्पीकर केवल  सदन में किसी प्रस्ताव पर मत बराबर होने की परिस्थिति में ही  अपना निर्णायक मत (कास्टिंग वोट ) दे सकता है.