5 Dariya News

हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नौकरी चाहने वाले को रोजगार के अवसर प्रदान करना है : डॉ. अरुण कुमार मेहता

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श्रीनगर 17-Aug-2023

मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने यूटी में वित्तीय संस्थानों के सहयोग से विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा रोजगार सृजन योजनाओं के समग्र कार्यान्वयन की समीक्षा हेतु बुलाई गई बैठक में कहा कि अपनी सभी आबादी के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के बाद यूटी का अगला लक्ष्य सभी नौकरी चाहने वालों को रोजगार प्रदान करना है।

बैठक में आयुक्त सचिव श्रम एवं रोजगार के अलावा, प्रमुख सचिव कृषि, प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य, आयुक्त सचिव आरडीडी, सचिव पीडी एवं एमडी, सचिव जनजातीय कार्य, मिशन निदेशक जेकेआरएलएम, डीजी प्लानिंग के अलावा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अपनी अधिकांश आबादी को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं तक पहुंच के अलावा सड़क, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि अब ध्यान उन सभी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने पर है जो ऐसे अवसरों का लाभ उठाने के इच्छुक हैं।

मुख्य सचिव ने दोहराया कि महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के संबंध में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को लागू करने की भावना में यह जरूरी है कि प्रत्येक संबंधित विभाग इन्हें अपना लक्ष्य बनाए और उन्हें समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए योजनाएं बनाएं। उन्होंने सबसे पहले इस जनसंख्या का प्रासंगिक डेटा रखने पर जोर दिया ताकि उसके अनुसार प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। उन्होंने महिलाओं और युवाओं के हितों को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया स्टैक‘ की तर्ज पर एक डेटाबेस बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की मांग और लक्ष्य के बीच अंतर का उचित अध्ययन किया जाना चाहिए और इसे पाटने के उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या का जो भी वर्ग किसी भी प्रकार का लाभ चाहता है, उसे इन लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए।

डॉ. मेहता ने सभी संबंधित विभागों को अपने क्षेत्रों में मांगों को पूरा करने के लिए अपने लक्ष्य को फिर से निर्धारित करने के लिए कहा। उन्होंने युवाओं की वास्तविक महत्वाकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने के लिए पंचायत स्तर पर रोजगार योजनाओं के निर्माण का आह्वान किया।

इस अवसर पर आयुक्त सचिव, श्रम एवं रोजगार, रेहाना बातुल ने बैठक में बताया कि इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों द्वारा कार्यान्वित विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं के तहत 19733 इकाइयाँ स्थापित हो चुकी हैं, जो 95000 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा कर रही हैं। इसके अलावा इस दौरान विभिन्न स्थानों पर 36 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिससे 614 लोगों को रोजगार मिला।

इसके अलावा यह भी पता चला कि विभाग ने रोजगार हासिल करने के लिए परामर्श और अन्य प्रासंगिक सहायता देने के लिए 85540 महिलाओं सहित 251336 शिक्षित युवाओं को पंजीकृत किया है। इस साल जुलाई तक कुल 15807 परामर्ष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 44433 लोगों ने भाग लिया, इसके अलावा 180 जागरूकता शिविरों में 13809 उम्मीदवारों ने भाग लिया।

बैठक में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय करियर सेवा परियोजना के तहत 17 जिला रोजगार एवं परामर्श केंद्रों को मॉडल करियर केंद्रों के रूप में उन्नत किया गया है। इन मॉडल कैरियर केंद्रों से यूटी में बेरोजगार युवाओं को परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं प्रदान करने के अलावा नौकरी चाहने वालों को सभी उपलब्ध नौकरी के अवसरों से जोड़ने की उम्मीद है।