मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने 10वीं यूटी-स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता की
जम्मू-कश्मीर के युवाओं को लाभकारी स्वरोजगार प्रदान करने हेतु ‘स्वरोजगार उत्सव‘ शुरू किया
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श्रीनगर 04-Jul-2023
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने बैंक्वेट हॉल में केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए जम्मू-कश्मीर में ‘‘स्वरोजगार उत्सव‘‘ अभियान के शुभारंभ के दौरान कहा कि ‘अभियान के दौरान लाभार्थियों की जरूरतों और कौशल की उचित पहचान के बाद इसकी व्यवहार्यता के अलावा प्रत्येक स्व-रोजगार उद्यम की स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में स्वरोजगार को संतृप्त करने के लक्ष्य के साथ इन सभी चीजों को एक व्यापक कार्य योजना में शामिल करने की आवश्यकता है। स्व-रोजगार की संतृप्ति सरकार के प्रयासों के केंद्र में है और वित्तीय क्षेत्र को जम्मू-कश्मीर में स्व-रोजगार की संतृप्ति के लिए एक क्रियाशील तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता है।
प्रमुख सचिव वित्त संतोष डी. वैद्य, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, एमडी और सीईओ जेएंडके बैंक बलदेव प्रकाश, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, भल्लामुडी श्रीधर, महाप्रबंधक आरबीआई नीरज कुमार के अलावा आरबीआई, नाबार्ड, बैंक, विभागाध्यक्ष, बीमा कंपनियां और अग्रणी जिला प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
डॉ. ए.के. मेहता ने कहा कि यूटीएलबीसी फोरम अनिवार्य रूप से लोगों के स्वरोजगार में संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए है और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को देखते हुए, हमें देष में बेरोजगारी दर को नीचे लाते हुए इसकी गति को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने विभिन्न वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और सरकार प्रायोजित योजनाओं के लाभों के बारे में जम्मू-कश्मीर के सभी पंचायतों, ब्लॉकों और जिलों में प्रमुख स्थानों पर वित्तीय साक्षरता अभियान, मीडिया अभियान, होर्डिंग, बिल बोर्ड आदि लगाकर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जा सके।
वार्षिक ऋण योजना 2022-23 के तहत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण में जेएंडके बैंक के प्रदर्शन की सराहना करते हुए, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कार्यरत अन्य बैंकों को आगे आने और उन लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सलाह दी, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। जिस तरह से जेएंडके बैंक ऋण देने में विश्वास दिखा रहा है, अन्य सभी बैंकों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
इससे पहले, 10वीं यूटीएलबीसी बैठक में भाग लेने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए, एमडी और सीईओ जेएंडके बैंक बलदेव प्रकाश ने संपूर्ण बैंकिंग बिरादरी की ओर से जेएंडके सरकार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में उद्यमशीलता विकास, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के उद्देश्य से कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू करने के लिए हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया।
मुख्य सचिव ने जम्मू और कश्मीर के युवाओं को लाभकारी स्वरोजगार प्रदान करने के लिए ‘‘स्वरोजगार उत्सव‘‘ नामक ‘रोजगार सृजन अभियान‘ शुरू किया। जेएंडके बैंक के एमडी और सीईओ ने कहा, यह अवधारणा जम्मू-कश्मीर के हर कोने में हर व्यक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रखी गई थी। उन्होंने कहा कि यह अभियान आज से जम्मू-कश्मीर की प्रत्येक पंचायत और वार्ड में शुरू किया जाएगा और 30 सितंबर 2023 को समाप्त होगा।
मुख्य सचिव ने बैंकों से ‘स्वरोजगार उत्सव‘ के दौरान नामित पंचायत प्रभारी अधिकारियों के साथ समन्वय करने का आग्रह करते हुए बैंकों को लोगों की आवश्यकता के अनुसार क्षेत्र-विशिष्ट अनुकूलित रोजगार योजनाएं तैयार करने की सलाह दी।उन्होंने बैंकों को अगले तीन महीनों के लिए ‘डिजिटल जेके-डिजिटल पेमेंट्स‘ नामक एक बड़े पैमाने पर डिजिटल-भुगतान प्रोत्साहन अभियान शुरू करने का भी निर्देश दिया ताकि सरकार के ‘‘कम-नकद समाज‘‘ के दृष्टिकोण को साकार किया जा सके।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर बैंक के महाप्रबंधक, सैयद रईस मकबूल ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न बैंकों की वित्तीय उपलब्धियों पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में बैंकों ने वार्षिक ऋण योजना के तहत 17,16,527 लाभार्थियों को 60,048 करोड़ रुपये का ऋण वितरित करके लक्ष्य का 118 प्रतिषत हासिल किया है। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान प्रमुख रोजगार सृजन योजनाओं के तहत 30,410 लाभार्थियों को कवर करने के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले बैंकों ने 48,120 लाभार्थियों को 2,016 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं।