जम्मू डीजीजीआई 3.0 में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में खड़ा है
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श्रीनगर 16-Jun-2023
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने वर्श 2022-23 के दौरान जिलों को दिए गए 385 डिलीवरेबल्स के एक सेट को प्राप्त करने में जिलों के प्रदर्शन के साथ जिला सुशासन सूचकांक 3.0 का तीसरा संस्करण जारी किया।प्रारंभ में, मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सचिव राघव लंगर की अध्यक्षता में योजना विकास एवं निगरानी विभाग की पूरी टीम की पंचायतों से लेकर जिला स्तर तक की इस व्यापक कवायद और रैंकिंग को संकलित करने के लिए प्रशंसा की।
डॉ. मेहता ने लक्षित हस्तक्षेपों को सक्षम करने वाले साक्ष्य आधारित नियोजन उपकरण को अपनाने के लिए इस अभ्यास को पथप्रदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक क्षेत्र के प्रति अधिक केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करने में प्रशासन की सहायता करेगा। इन रैंकिंग ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में कमियों को इंगित करने में मदद की है जिससे हस्तक्षेपों के प्रभाव को मापने योग्य बनाया जा सकता है जिससे बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
मुख्य सचिव ने इसे यूटी में सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक उपकरण करार दिया। उन्होंने सभी उपायुक्तों से आग्रह किया कि वे इन रैंकिंग को अच्छी तरह से देखें और इसकी प्रणाली में इंगित विकास संबंधी खामियों को दूर करने के लिए योजना तैयार करें।जिलों के प्रदर्शन को मापने के लिए डीजीजीआई मापदंडों में 10 क्षेत्रों के तहत 58 संकेतक शामिल हैं।
इनमें 11 संकेतक वाले कृषि और संबद्ध क्षेत्र, वाणिज्य और उद्योग (5), मानव संसाधन विकास (9), सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र (9), सार्वजनिक अवसंरचना और उपयोगिताएँ (6), समाज कल्याण और विकास (6), वित्तीय समावेशन ( 3), कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा (4), पर्यावरण (2), नागरिक केंद्रित शासन (3) क्षेत्र शामिल हैं ।
इस वर्ष जम्मू जिला 10 में से 6.3771 के समग्र स्कोर के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद सांबा 6.1799 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर, श्रीनगर (6.0045) तीसरे, राजौरी (5.8696) चैथे, बांदीपोरा (5.7651) 5वें, अनंतनाग (5.7110) 6वें, बडगाम (5.4924) 7वें, पुलवामा (5.2814) 8वें, डोडा (5.2622) 9वें, गांदरबल (5.2588) 10वें, बारामूला (5.0285) 11वें स्थान पर है, और उसके बाद शोपियां (4.9446), उधमपुर (4.9332), कुपवाड़ा (4.8881), कठुआ (4.8179), किश्तवाड़ (4.7800), कुलगाम (4.6391), रामबन (4.6354), पुंछ (4.4623), और रियासी (4.4608) जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में सबसे नीचे हैं।
इसी तरह यह डीजीजीआई 2.0 के दौरान प्रत्येक जिले द्वारा अर्जित पिछली रैंकिंग और अंकों के बारे में भी जानकारी देता है। अनंतनाग जिले ने इस साल पिछले 17वें से 6वें स्थान पर अपनी रैंक में लंबी छलांग लगाई है, जबकि कुलगाम इस साल 11 स्थानों की गिरावट के साथ 17वें स्थान पर पहुंच गया है, शोपियां ने पिछली बार चैथी बार से इस साल 12वीं रैंक हासिल करने के लिए 8 स्थानों की गिरावट दर्ज की है।
पुलवामा जो पहले पहले रैंक पर था वह इस बार 8वीं रैंक पर पहुंच गया है। राजौरी और बांदीपोरा अन्य जिले हैं जिन्होंने इस वर्ष अपनी रैंक बढ़ाकर क्रमशः 10वें से चैथे और 13वें से 5वें स्थान पर बेहतर प्रदर्शन किया है। डेटा प्रत्येक जिले के क्षेत्रवार प्रदर्शन को भी दर्शाता है, जो उन्हें एक विशिष्ट क्षेत्र से संबंधित प्रत्येक पैरामीटर पर रैंकिंग करता है।
विभिन्न क्षेत्रों में पुलवामा ने कृषि और वित्तीय समावेशन क्षेत्रों में, श्रीनगर ने उद्योग और संबद्ध क्षेत्र में, सांबा ने मानव संसाधन विकास और समाज कल्याण क्षेत्रों में, राजौरी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक-केंद्रित शासन क्षेत्रों में, जम्मू ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उपयोगिताओं में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
न्यायपालिका और जन सुरक्षा में अनंतनाग और पर्यावरण की सुरक्षा में बांदीपोरा को पहला स्थान मिला है। ये रैंकिंग मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, जिला विकास आयुक्तों, योजना, वित्त विभाग के विभागाध्यक्षों और अन्य संबंधित विभागों की उपस्थिति में जारी की। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर दो साल पहले इस शासन मॉडल को सफलतापूर्वक स्थापित करने वाला पहला राज्य था और अब इसे देश के अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दोहराने पर विचार किया जा रहा है।