उपायुक्त ने मरीजों की सराय का किया उद्घाटन, किश्तवाड़ रीडिंग हब अपनी तरह की पहली 24 घंटे की लाइब्रेरी
5 Dariya News
किश्तवाड़ 27-Jan-2023
गणतंत्र दिवस समारोह 2023 के एक भाग के रूप में और आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में, उपायुक्त डॉ. देवांश यादव ने गुरुवार को जिला अस्पताल में हायर सेकेंडरी स्कूल व मरीज सराय और किश्तवाड़ रीडिंग हब (24 घंटे लाइब्रेरी) की दोनों सुविधाओं का उद्घाटन किया।
जीएचएसएस में, उपायुक्त ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, सुदर्शन कुमार शर्मा, प्रिंसिपल जीजीएचएसएस, सुनीता शर्मा, स्टाफ सदस्यों और छात्रों की उपस्थिति में किश्तवाड़ रीडिंग हब नाम से अपनी तरह की पहली 24 घंटे की लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यह सुविधा एएवाई छात्रों के लिए मुफ्त सदस्यता के साथ किताबें, ई-लाइब्रेरी, वाईफाई सुविधा सहित अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।
इस अवसर पर बोलते हुए, डीसी ने कहा कि 24 घंटे खुले पुस्तकालय के लिए छात्रों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया गया है। उन्होंने कैरियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप सत्र के लिए किश्तवाड़ रीडिंग हब का उपयोग करने पर जोर दिया, जिसके लिए अगले सप्ताह तक अधिकारियों/विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि यह पुस्तकालय ज्ञान के सभी चाहने वालों को सीखने का एक समृद्ध वातावरण प्रदान करेगा और इस तरह की सुविधाएं लोगों को पुस्तकालयों में वापस लाएगी। उन्होंने आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं से इन सुविधाओं का लाभ उठाने और ठल्श्रन् प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध ई-लर्निंग का उपयोग करने का आह्वान किया।
बाद में, उपायुक्त ने जिला अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जाविदा काजी और अन्य स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति में एक मरीज सराय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. देवांश ने कहा कि यह सार्वजनिक सुविधा जरूरतमंद और गरीब रोगियों और उनके तीमारदारों को 50 रुपये प्रति रात (10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मुफ्त) की सस्ती दर पर सेवा देगी।
उपायुक्त ने अस्पताल के कर्मचारियों और प्रबंधन के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अस्पताल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और अन्य सुविधाएं प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों में सराय का विस्तार होकर 60 बिस्तरों वाला अस्पताल बन जाएगा, जहां दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजन रह सकेंगे।