5 Dariya News

अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में आईएफएडी परियोजना के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की

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जम्मू 19-Dec-2022

अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि उत्पादन विभाग अटल डुल्लू ने आज यहां नागरिक सचिवालय में पूरे जम्मू-कश्मीर में कृषि विकास हेतु अंतर्राष्ट्रीय कोष परियोजना के कार्यान्वयन के साथ-साथ परियोजना निगरानी इकाइयों की स्थापना पर हुई प्रगति पर चर्चा हेतु एक बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में स्कास्ट कश्मीर के उपकुलपति प्रो. नजीर अहमद, एपीडी में सचिव शबनम शाह कामिली, देश समन्वयक, आईएफएडी मीरा मिश्रा, स्कास्ट जम्मू के प्रतिनिधि, एपीडी के तकनीकी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से षामिल हुए।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए, अटल डुल्लू ने अधिकारियों पर सटीक खेती, मशीनीकरण, उच्च उपज वाली छोटी अवधि की फसलों और अन्य तकनीकी हस्तक्षेपों की शुरुआत करके कृषि क्षेत्र के उत्पादन और उत्पादकता पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया, ताकि जम्मू और कश्मीर में आईएफएडी के तहत वांछित उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आईएफएडी जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास हेतु इस परियोजना के माध्यम से महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहा है और हमें आईएफएडी परियोजना के तहत परिकल्पित वांछित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए इस अवसर का उपयोग करना चाहिए। 

उन्होंने अधिकारियों से आईएफएडी के प्रबंधन के साथ घनिष्ठ समन्वय और तालमेल बनाए रखने का आह्वान किया ताकि परियोजना को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आईएफएडी परियोजना सीमांत किसानों और श्रमिकों के उत्थान हेतु बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए विभाग को समुदाय विशिष्ट उद्यम के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहिए और आईएफएडी परियोजना में निर्दिष्ट समर्थन प्रणाली के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को मजबूत करना चाहिए। 

उन्होंने अधिकारियों से निर्यात की अधिकतम संभावना वाली फसलों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया ताकि सीमांत किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार हो।इसके अतिरिक्त उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानव संसाधन विकास, गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र, ब्रांडिंग हेतु बुनियादी ढांचा, विपणन और कौशल विकास हेतु इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाने चाहिए। 

उन्होंने अधिकारियों से यह भी आह्वान किया कि पंचायती राज संस्थाओं को शामिल कर किसानों के क्षमता विकास हेतु विभिन्न संस्थाओं के बीच पार्टनरशिप बनाई जाए, ताकि उन्हें इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा सके।बैठक के दौरान, स्कास्ट कश्मीर के उपकुलपति ने आईएफएडी परियोजना के तहत हासिल की गई प्रगति पर एक संक्षिप्त विवरण दिया।

जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कृषि क्षेत्र में ग्रामीण लोगों की स्थिति के उत्थान के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की जबरदस्त क्षमता है।उल्लेखनीय है कि यह परियोजना सीमांत श्रमिकों और किसानों के समावेशी विकास हेतु आईएफएडी और जम्मू-कश्मीर सरकार की एक सहयोगी योजना है।