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कैप्टन अमरिन्दर ने जंगी विचारों के खिलाफ पूर्व सैनिकों को चेतावनी दी

5 दरिया न्यूज (रोहित कुमार)

अमृतसर 24-Apr-2014

पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पूर्व सैनिकों को नरिन्दर मोदी जैसे भाजपा नेताओं की जंगी सोच के खिलाफ चेतावनी दीहै, जो बार्डर क्षेत्र के लोग हैं और पूर्व सैनिकों के परिवारों को लड़ाई का नुक्सान सहन करना पड़ेगा। इसके अलावा, आम आदमी भी इसके प्रभावों से अछूता नहीं रह पाएगा।यहां पूर्व सैनिकों की विशाल रैली को संबोधित करते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि बार्डर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से ज्यादा कोई शांति नहीं मांगता। यह सच्चाई है कि बार्डर क्षेत्र के लोग दुश्मन द्वारा किए गए हमले से सीधे प्रभावित होते हैं। ऐसे में भारत व पाकिस्तान के मध्य शांति क्यों नहीं होनी चाहिए, जिन दोनों देशों के बार्डर इलाकों में बसे लोगों के हित इससे जुड़े हैं।सेना के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि उन्होंने 1965 की जंग के दौरान तीन सप्ताह खेमकरण सैक्टर में बतौर ए.डी.सी. टू लैफ्टीनेंट जनरल हरबख्श सिंह निकाले थे। वह जनरल हरबख्श सिंह ही थे, जिन्होंने सेना प्रमुख के बयास नदी से पीछे हटने के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया था। यदि अमृतसर में न बने रहते, तो बयास से पार वाला इलाका समेत अमृतसर पाकिस्तान के पास चला जाना था।अमृतसर के साथ रिश्ता होने का दावा करने वाले अपने भाजपा विरोधी अरुण जेतली पर चुटकी लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि इस मिट्टी काअसली बेटा साबित करनेके लिए आप में पंजाबी खून होना चाहिए। जेतली के यहां से लडऩे में कोई खामी नहीं है, परंतु उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए कि वह पंजाबी हैं।

कैप्टन अमरिन्दर ने वन रैंक वन पैंशन केा लेकर भाजपा व अकालियों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी पर भी पूर्व सैनिकों को सावधान किया, जिसको कांगे्रस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने लागू किया है। इसका नोटिफिकेशन जारी हो चुका है व जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे व सभी पूर्व सैनिकों को ओ.आर.ओ.पी के तहत पैंशन मिलने लगेगी।इस अवसर पर संबोधित करते हुए लैफ्टीनेंट जनरल (रिटा.) टी.एस. शेरगिल ने कैप्टन अमरिन्दर की देश प्रति सेवा को याद किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर 15 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे व समय से पहले रिटायरमेंट ले ली थी। परंतु 1965 में जंग के समय वह दोबारा देश के लिए सेना में भर्ती हुए। क्या गुजरात के वकील जेतली देश के लिए ऐसी कुर्बानी की कोई उदाहरण दे सकते हैं।इस अवसर पर अन्यों के अलावा लाली जवंदा, राजा मालङ्क्षवदर सिंह, कर्नल (रिटा.) भाग सिंह, मेजर अमरदीप, मेजर राजदीप सिंह भी मौजूद रहे।