पति की कुर्सी बचाने मैदान में उतरी रश्मि ठाकरे, एक-एक कर सभी बागी MLA की पत्नियों को घुमाया फोन
पति Uddhav Thackeray की कुर्सी और साख बचान के लिए अब पत्नी Rashmi Thackeray ने मोर्चा संभाल लिया है। रश्मि बागी विधायकों की पत्नियों को मनाने में जुट गईं हैं।
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मुंबई 27-Jun-2022
Maharashtra में Uddhav Thackeray की सरकार खतरे में है। कुर्सी के साथ-साथ साख भी दांव पर लगी है। शिवसेना के बागी नेता Eknath Shinde 46 विधायकों को अपने साथ लेकर उद्धव ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं। बागियों को मनाने में शिवसेना के वरिष्ठ नेता और खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी फेल हो गए हैं। वहीं अब इस लड़ाई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी Rashmi Thackeray ने मोर्चा संभाल लिया है।
जी हां! खबर ये है कि शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे ने बागी विधायकों की पत्नियों को फोन कर उनसे बात की है। रश्मि ठाकरे ने बागी विधायकों की पत्नियों को अपने पति से महाराष्ट्र संकट को लेकर बात करने के लिए राजी करने की कोशिश की। वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे भी विधायकों की बगावत के बाद से एक्टिव मोड में हैं। उद्धव ठाकरे ने भी कुछ बागी विधायकों से मैसेज के जरिये बात की है। बागी विधायकों का कहना है कि वे शिवसेना के साथ हैं।
बागी विधायकों की ओर से शिवसेना के साथ होने को लेकर बयान लगातार आ रहा है जिससे पार्टी के भीतर थोड़ी भ्रम की स्थिति बन गई है। उद्धव ठाकरे ने पहले भी कुछ विधायकों के गुवाहाटी से मुंबई लौटने के बाद सरकार के समर्थन का भरोसा जताया था। उन्होंने कहा था कि कुछ विधायक हमारे मैसेज का जवाब दे रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बागियों को मनाने की अब तक की हर कोशिश बेकार रही है। इसलिए रश्मि ठाकरे बागियों की पत्नियों को फोन कर रही हैं और उनसे अपने पति को वापस बुलाने के लिए कह रही हैं। कहा जा रहा है कि रश्मि ठाकरे पर्दे के पीछे से शिवसेना संगठन को संचालित करती हैं। शिवसेना समर्थकों के सड़क पर उतरने के साथ ही बागी विधायकों के समर्थकों ने भी जवाबी हमला शुरू कर दिया है। उद्धव के समर्थकों ने मुंबई में रविवार को बाइक रैली निकाली। वहीं, पुणे में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और बागियों के खिलाफ नारेबाजी की। शिवसैनिकों ने कहा गद्दारों को माफ नहीं करेंगे।
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अब महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच शिवेसना के नेतृत्व वाली आघाड़ी सरकार के नेताओं को भरोसा है कि गुवाहाटी गए बागी विधायक जब मुंबई लौटेंगे तब वह टूट जाएंगे। इसी के सहारे सरकार को बचा लेने की उम्मीद की जा रही है। वहीं, बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे शिवसेना के दो तिहाई विधायकों के (37) को हर हाल में अपने पक्ष में रखना चाहते हैं। NCP प्रमुख Sharad Pawar ने कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार चला पाएंगे कि नहीं, यह तब पता चलेगा जब बागी विधायक गुवाहाटी से वापस लौटेंगे।