बिश्नोई कोई गैंग नहीं एक समाज है..जो जिंदगी जीने से लेकर पर्यावरण को बचाने तक का सिखाता है पाठ, जानिए यहाँ इस समुदाय का इतिहास
5 Dariya News
12-Jun-2022
बिश्नोई के नाम से पूरा देश खौफ खा रहा है। ये नाम शायद ही अपने पहले कभी सुना होगा लेकिन ये नाम तब ज़्यादा सुर्खियों में आया जब इस गैंग के लोगों ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की दिनदिहाड़े हत्या कर दी थी। आज बहुत से लोग इस नाम से बहुत भ्रमित है की बिश्नोई एक गैंगे है। आपको बता दें की आज पुरे देशभर में ये बदनाम नाम बिश्नोई गैंग नहीं बल्कि एक समाज है। इस नाम से जितनी भी घटना को अंजाम दिया गया है उसमें सबसे पहला नाम लॉरेन्स बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का है। लॉरेन्स एक माफिया की तरह है जो जेल से ही घटनाओं को अंजाम दे रहा है। आज हम इस आर्टिकल में आपको बिश्नोई समाज से जुड़ी हर जानकारी को विस्तार से बताएंगे।
बिश्नोई समाज का इतिहास
बिश्नोई समाज का इतिहास का बहुत ही अलग है। इस समाज ने पर्यावरण,जलवायु परिवर्तन जैसे बेहद ज़रूरी मुद्दे, जो आज हमारे सोशल मीडिया और इंटरनेशनल कन्वेंशन में बहुत ज्यादा चर्चा में बने रहते हैं, इन्हीं सब मुद्दों के लिए बिश्नोई समाज के बड़ी- बड़ी सख्सियत जैसे अमृता देवी समेत कई लोगों ने बलिदान दिया है। आपको बता दें की ये कोई जाती नहीं है ये एक समुदाय है जिसका लाइफस्टाइल बाकियों से बिलकुल अलग है ये पर्यावरण और प्रकृतिक को लेकर बहुत प्रेम भावना रखते हैं। इस समुदाय के लोगों ने कई आंदोलन जैसे खेजड़ली, चिपको आंदोलन खड़े करना और प्रकृति को लेकर लड़ाइयां लड़ी है जिसमें कई लोगों ने अपनी जान भी गवा दी थी।
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ज़्यादातर इन जगह पर रहते हैं बिश्नोई समाज के लोग
बिश्नोई समाज के लोग हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में रहते हैं लेकिन इस समुदाय के लोग ज़्यादातर राजस्थान में रहते हैं। इनकी कुल जनसंख्या लगभग 10 लाख है। बिश्नोई समाज एक पढ़ा-लिखा समाज है जो अपनी पढ़ाई से प्रकृति के लिए लड़ाई लड़ना अच्छे से जानता है। इस समाज के लोग पशु-पक्षियों को अपने बच्चों की तरह प्यार करते और पालते हैं। साथ ही पेड़-पौधों की भी पूरी देखभाल और सुरक्षा करते हैं और 29 नियमों का पालन करते हैं, जिनमें से एक नियम शाकाहारी रहना और हरे पेड़ नहीं काटना आदि शामिल है।
बिश्नोई समाज और इनकी राजनीति
शायद आपको जानकारी हो तो बिश्नोई समाज का नाम पहले भी एक बार मीडिया में खूब चर्तित हुआ था। जब 1998 में जोधपुर के नजदीक किसी गांव में, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने फिल्म की शूटिंग करते हुए काले हिरण का शिकार किया था जिसके बाद बिश्नोई समाज के लोगों ने इस मामले पर बहुत क्रोध दिखाया और 20 साल तक कोर्ट से न्याय का दरवाजा खटखटया था जिसकी वजह से सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई गई थी लेकिन सलमान खान ज़ल्द ही वापिस आ गए थे। सलामन के घर वापिस लौटने पर उन्हे जान से मारने की धमियां मिली जिसमें बिश्नोई समुदाय से जुड़े गैंगस्टर लॉरेन्स बिश्नोई का नाम सामने आया। उस समय अनुमान लगाया जा रहा था की लॉरेन्स सलमान को टारगेट करके राजनीती में अपनी जगह बनाने के लिए ये सब कर रहा है।
इस समुदाय के लोग राजनीति के लिए एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करते हैं जो इस समाज को आगे बढ़ाने और सही नेतृव्त करने के लिए एक रोल मॉडल हो। एक समय की बात है जब हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिश्नोई परिवार का दबदवा चलता था तब इन प्रदेशों में अगर कोई राजनीती में जीतता भी था तो वो बिश्नोई परिवार के दरबार ज़रूर पहुचंता था। यानि ये अपनी समुदाय की राजनीती का प्लान बड़ी कटरता से करते थे।
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बिश्नोई समाज से जुड़ा लॉरेन्स बना आज हरियाणा और पंजाब का सबसे बड़ा गैंगस्टर
बिश्नोई समाज से जुड़ा लॉरेन्स बिश्नोई भी अपना नाम कमाने की कोशिश कर रहा था लेकिन एक गैंगस्टर के रूप में। ये नाम तब फेमस हुआ जब लॉरेन्स ने बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार सलमान खान (Salman Khan) को काले हिरण को जान से मारने की धमकि दी। आपको बता दें लॉरेन्स (Gangster Lawrence Bishnoi) जेल में है लेकिन वहाँ बैठे- बैठे भी 700 से अधिक लोगों का गैंग उसके अंदर काम कर रहा है जो पंजाबी गायक सिद्धू को मारने से लेकर सलमान खान पर हमला करवाने जैसी वारदतों को करने का काम कर रहा है।