आज पैगंबर जिंदा होते तो मुस्लिम कट्टरपंथियों का पागलपन देखकर हैरान हो जाते: तस्लीमा नसरीन
5 Dariya News
बांग्लादेश 11-Jun-2022
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। बहुत बार उनके बयानों से दुनिया को चौंकाया वहीं उनके बयानों पर खूब बवाल हुए। वहीं इस बार भी नेता नूपुर शर्मा की पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी को लेकर भड़की हिंसा के बीच तस्लीमा नसरीन का बयान चौंकाने वाला है। तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि आज पैगंबर मुहम्मद जीवित होते, तो दुनिया भर में 'मुस्लिम कट्टरपंथियों' के पागलपन को देखकर चौंक जाते।
Even if prophet Muhammad was alive today, he would have been shocked to see the madness of the Muslim fanatics around the world.
नसरीन ने कहा कि कोई भी आलोचना से ऊपर नहीं है, कोई इंसान नहीं, कोई संत नहीं, कोई मसीहा नहीं, कोई पैगंबर नहीं, कोई भगवान नहीं। दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए गंभीर जांच आवश्यक है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तस्लीमा खुद को नास्तिक कहलाना पसंद करती हैं। उनकी भगवान, अलाह या ईश्वर कुछ भी कहें, आस्था कम है। आपको बता दें शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और कई स्थानों पर ये हिंसक हो गए। जिसके मद्देनजर झारखंड के रांची और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सभी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। उत्तर प्रदेश में, लोगों ने प्रयागराज और सहारनपुर में पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इन्हीं हालातों के देखते हुए तस्लीमा ने ये बयान दिया है।
नुपुर शर्मा का बयान विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूरे देश में दंगे और हिंसा हो रही है। वहीं कुवैत की एक सुपरमार्केट ने अपने शेल्फ से भारतीय उत्पादों को हटा दिया है। कुवैत के अल-अरदिया कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी स्टोर के वर्कर्स भारतीय चाय और अन्य उत्पादों को स्टोर से हटा रहे हैं। कुवैत सिटी के बाहर स्थित एक सुपरमार्केट से चावल, मसालें और मिर्चियों को शेल्फ से हटाकर प्लास्टिक शीट्स में कवर कर दिया गया है। इन पर अरबी भाषा में लिखा गया है, हमने भारतीय उत्पादों को हटा दिया है। सुपरमार्केट चेन के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी भारतीय उत्पादों के व्यापक बहिष्कार पर विचार कर रही है।
पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर अब तक कई देश आपत्ति जता चुके हैं। इनमें ईरान, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान, यूएई, जॉर्डन, अफगानिस्तान, बहरीन, मालदीव, लीबिया और इंडोनेशिया हैं। इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक अल-अजहर यूनिवर्सिटी ने पैगंबर मोहम्मद पर इन टिप्पणियों को असल आतंकवाद बताया। सऊदी अरब स्थित मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कहा कि इन टिप्पणियों से नफरत को बढ़ावा मिल सकता है। सऊदी अरब ने इसे जघन्य अपराध बताया।
क्या है पूरा मामला-
शुक्रवार 27 मई को भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर नुपुर शर्मा एक TV चैनल की डिबेट में पहुंचीं। बहस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू आस्था का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। अगर यही है तो वह भी दूसरे धर्मों का मजाक उड़ा सकती हैं। नुपुर ने इसके आगे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र किया, जिसे कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया और नुपुर पर पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। ये विवाद तूल पकड़ता गया जिसके बाद नुपुर को बीजेपी ने पार्टी ने निकाल दिया। चारों तरफ नुपुर की आलोचना होने लगी।