नवनीत राणा ने फिर दी CM उद्धव को चुनौती: बोलीं- अब कश्मीर जाकर करूंगी हनुमान चालीसा का पाठ
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महाराष्ट्र 10-Jun-2022
हनुमान चालीसा को लेकर सांसद नवनीत राणा एक बार फिर चर्चा में हैं। एक बार फिर उन्होंने महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे तीखे जुबानी वार किए हैं। वहीं नवनीत ने उद्धव ठाकरे की चुनौती को स्वीकार कर ली है। नवनीत राणा ने कहा कि, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अगर सीएम उद्धव ये समझते हैं कि अगर वहां जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना मुश्किल है तो मैं वहां जरूर जाउंगी और पाठ करूंगी, ये मेरी चुनौती है। आपको बता दें कि CM उद्धव ठाकरे ने नवनीत राणा को कश्मीर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने को कहा था।
अपने इंटरव्यू में नवनीत राणा ने नुपुर शर्मा के बारे में भी खुलकर बात की। नवनीत ने कहा कि नुपुर ने जो किया उसकी सजा उन्हें मिल गई है। बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल कर अच्छा कदम लिया। लेकिन मैं ये कहना चाहूंगी कि यदि नुपुर शर्मा को सजा मिल सकती है तो ओवैसी को सजा क्यों नहीं मिल सकती। ऐसा भेदभाव क्यों?
नवनीत राणा ने सीएम उद्धव ठाकरे की औरंगाबाद में हुए उनका संबोधन का जिक्र कर कहा कि, सीएम होने के नाते उन्हें वहां के लोगों की परेशानियों पर बात करनी चाहिए थी लेकिन वह मुझे वहां से कश्मीर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की चुनौती दे रहे हैं। इस सभा में उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद की समस्याओं को लेकर बात तक नहीं की। महाराष्ट्र की सीएम कहते हैं कि मंदिर जाना जरूरी नही है। हनुमान चालिस पढ़ना जरूरी नहीं है तो आप कैसे कहते हैं कि आप हिंदुत्व को दर्शाते हैं।
नवनीत राणा ने कहा कि औरंगाबाद की जनता पानी के लिए परेशान है लेकिन सीएम ने इसे लेकर सभा में बिल्कुल भी जिक्र नहीं किया। कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग पर बात करते हुए नवनीत राणा ने कहा कि देश के पीएम और गृह मंत्री देश की जनता के साथ हैं। सरकार इनकी सुरक्षा के लिए जल्द ही बड़ा कदम उठाएगी और लोगों को इस बात का विश्वास है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नवनीत राणा हनुमान चालीसा विवाद को लेकर जेल भी जा चुकी हैं। कुछ समय पहले उन्होंने CM उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही थी। जिसके बाद शिवसैनिकों ने नवनीत राणा के घर के बाहर हंगामा कर दिया था। वहीं इस मामले में नवनीत राणा को गिरफ्तार भी किया गया। वही करीब 13 दिन तक जेल में रहीं फिर कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया था।