एलपीयू ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन के लिए भारत में लीडर घोषित
शिक्षा से संबंधित दो प्रमुख पत्रिकाओं ने अपने नवीनतम संस्करणों में एलपीयू को इसकी प्रमुख विशेषताओं के साथ कवर किया है
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जालंधर 09-May-2022
करंट अफेयर्स, करियर रिव्यू और वैश्विक शैक्षिक समाचार प्रदान करने वाली दो प्रमुख पत्रिकाओं- 'कॉम्पिटिशन सक्सेस रिव्यू (सीएसआर)' और 'द नॉलेज रिव्यू', दोनों ने अपने नवीनतम संस्करणों में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को भारत में 'ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग' के लीडर के रूप में स्वीकार किया है। सीएसआर ने अपने मई 2022 संस्करण में डिस्टेंस एजुकेशन के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों की गणना की है। भारत में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो ) में सुधार के लिए एलपीयू को प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उल्लेख किया है। एलपीयू की पेशकश हर दिन मजबूत होती जा रही है क्योंकि यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी मोड पर आधारित नए कार्यान्वयन और समावेशन की स्थापना की गई है।
पिछले दो वर्षों से भारत सरकार की 'नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)' रैंकिंग में एलपीयू की स्थिति का जिक्र करते हुए; सीएसआर ने एलपीयू के उन विद्यार्थियों का भी जिक्र किया है जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में शानदार सफलता हासिल की।'द नॉलेज रिव्यू' ने एलपीयू को अपनी कवर स्टोरी के रूप में भी पेश किया है और एलपीयू की सराहना, खासकर महामारी की अवधि के दौरान इसके अभिन्न कार्यों के लिए की है । एलपीयू ने अपने शिक्षार्थियों तक पहुंचने में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर लिया है। एलपीयू के कार्यक्रम उन सभी विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करते हैं जो संस्थानों में औपचारिक शिक्षा नहीं ले सकते हैं। इस प्रकार, एलपीयू का उद्देश्य शिक्षा में दूरी को पाटना है। यह पुरस्कारों और सम्मानों की शानदार यात्रा एलपीयू की सफलता की गाथा को प्रदर्शित करता है। इसमें 'टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022', 'आउटलुक-आई केयर रैंकिंग 2021' और कई अन्य रैंकिंग शामिल हैं।
एलपीयू के चांसलर डॉ अशोक मित्तल ने साझा किया:
"एलपीयू का उद्देश्य मजबूत विश्लेषणात्मक और नेतृत्व कौशल के साथ अनुभवी प्रोफेशनल्स के रूप में स्नातक तैयार करना है। हमारे डिस्टेंस एजुकेशन के विद्यार्थियों को परिसर में अपने रेगुलर समकक्ष विद्यार्थियों के समान ही अवसर मिलते हैं- चाहे ये अवसर अकादमिक, सांस्कृतिक, प्रतिस्पर्धी, प्लेसमेंट या खेल गतिविधियां हों। डॉ मित्तल कहते हैं, "इसके अलावा, हमारा लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग के संबंध को भी विकसित और कार्यान्वित करना है।"