WHO: भारत में कोरोना से 47लाख मौतें हुईं, राहुल गांधी बोले-विज्ञान झूठ नहीं बाेलता, PM बोलते हैं
5 Dariya News
06-May-2022
कोरोनो की वजह से भारत ही क्या, पूरी दुनिया को जान-माल का इतना नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई में शायद सदियां लग सकती है। WHO ले अनुमान लगाया है कि भारत में कोरोना से 47 लाख मौतें हुई हैं। WHO को इस दावे के बाद अब देश में सियासत गर्मा गई है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर PM मोदी को आड़े हाथ लिया है। राहुल ने लिखा- PM नरेंद्र मोदी झूठ बोलते हैं... विज्ञान झूठ नहीं बोलता। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में कोरोना से मौतों का सरकारी आंकड़ा 5,23,889 है। लेकिन WHO मान रहा है कि भारत में 47 लाख से ज्यादा मौतें कोविड से हुई हैं। WHO का अनुमान है कि पिछले दो वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने या तो कोरोना वायरस से या सेहत पर पड़े इसके प्रभाव के कारण जान गंवाई है। WHO का ये आंकड़ा दुनिया के दूसरे देशों द्वारा मुहैया कराए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 60 लाख मौत के दोगुने से अधिक है। इनमें से ज्यादातर मौतें दक्षिण पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में हुईं हैं। वहीं भारत में ये आंकड़ा 47 लाख है। ये संख्या आधिकारिक आंकड़ों से करीब 10 गुना ज्यादा है। WHO के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयियस ने इस आंकड़े को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे देशों को सीखना चाहिए। देशों को भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित होना चाहिए।
47 lakh Indians died due to the Covid pandemic. NOT 4.8 lakh as claimed by the Govt.
Science doesn't LIE. Modi does.
Respect families who've lost loved ones. Support them with the mandated ₹4 lakh compensation. pic.twitter.com/p9y1VdVFsA
देश में अब सियासत तेज है। विपक्ष सरकार को झूठा और आंकड़े छूपाने वाला बता रहा है। वहीं नीति आयोग का कहना है कि जब पहले से ही भारत के पास कोरोना से हुईं मौतों का आंकड़ा मौजूद है तो हम WHO के मॉडल को क्यों माने, जहां पर सिर्फ अनुमान के मुताबिक आंकड़े जारी किए गए हों। वहीं एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी WHO द्वारा दारी किए गए आंकड़ों को गलत बताया है। उन्होंने कहा- भारत में जन्म-मृत्यु के आंकड़े दर्ज करने का बिलकुल सही तरीका है। भारत में इसके जरिए कोविड के अलावा हर तरह की मौत के आंकड़े दर्ज होते हैं। इन्हें गलत नहीं ठहराया जा सकता।
प्रियंका गांधी ने भी घेरा-
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया- कोविड त्रासदी के दौरान जब करोड़ों लोग अपने परिजनों के लिए ऑक्सीजन, दवाइयां व अस्पताल में बेड की गुहार लगा रहे थे, उस समय सरकार का सारा जोर आंकड़ों की बाजीगरी पर था। देशवासियों को पता लगना चाहिए कि आखिर सच्चाई क्या है? वहीं कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा विख्यात जर्नल लैंसेट ने भारत में कोविड से मरने वालों की संख्या 40 लाख से अधिक बताई थी। इसके बाद अब डब्ल्यूएचओ ने मरने वालों की संख्या 47 लाख से अधिक बताई है। दुनिया में कोविड से मरने वाला हर तीन में से एक व्यक्ति भारत का था। दुनिया की एजेंसियां कह रही हैं कि झूठा डेटा देने में दूसरे स्थान पर भारत है। भारत सरकार ने इस काम से भारत का सिर नीचा किया है। हम मांग करते हैं कि कोविड से मरने वाले हर व्यक्ति के परिवार को सरकार 4-4 लाख रुपए दें।