राज्य स्तरीय बाग़बानी सम्मेलन : दोआबे को आलू बीज के हब के तौर पर विकसित किया जाएगा : राणा गुरजीत सिंह
टिशू कल्चर अधारित ‘सीड पटैटो एक्ट 2021 पास करने वाला पहला राज्य बना पंजाब
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कपूरथला 10-Dec-2021
जाब के बाग़बानी और तकनीकी शिक्षा मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा है कि दोआबा क्षेत्र को आलू बीज हब के तौर पर विकसित किया जाएगा, क्योंकि दोआबा क्षेत्र की मिट्टी ऊपजाऊ शक्ति विश्व स्तर के मुकाबलों के लिए आलू बीज तैयार करने के लिए बहुत उचित है।इस लिए टिशू कल्चर अधारित ‘सीड पटैटो एक्ट 2021 पंजाब कैबिनेट की तरफ के पास किया गया है, जिसके अंतर्गत पहली बार आलू के ‘बीज की ट्रेसेबिलटी ’ और ‘बीज प्रमाणीकरन ’ की व्यव्स्था शुरू की गई है, जिसके साथ न सिर्फ़ बीज की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि वह अंतराष्ट्रीय मापदण्डों पर भी पूरा उतर सकेगा। ऐसा एक्ट के पास करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य है।आज आई.के. गुजराल पंजाब तकनीकी यूनिवर्सिटी में पहले बाग़बानी सम्मेलन जिसमें राज्य भर के हज़ारों बाग़बानों और बाग़बानी के माहिरों ने भाग लिया, दौरान किसानों को संबोधन करते हुए कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि दोआबा क्षेत्र में आलू बीज के उत्पादन की असीम संभावनायों मौजूद है, जिसके लिए ऐरौपोनिक तकनीक (हवा में मिट्टी रहित बीज पैदा करना) को और बढावा दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि पहली बार है कि आलू बीज के लिए राज्य में 78 हज़ार हेक्टेयर अंदर खेती हुई है, जो कि अपने आप अंदर रिकार्ड है।उन्होंने कहा कि किसानों और बाग़बानों को गुणवत्ता वाले पौधे मिलना यकीनी बनाने के उदेशय से ‘फ़्रूट और नरसरी एक्ट 1961 में संशोधन किया गया है, जिसके अंतर्गत नरसरियों की रजिस्ट्रेशन, पौधे तैयार करने के लिए जड़ की पहचान, टैगिंग और ट्रेसेबिलटी ( बीज का असली उत्पदान स्थान पता करना) जरूरी किया गया है। इससे न सिर्फ़ किसानों को सही बीज और पौधे मिलेंगे ,बल्कि भविष्य में भी इसके बड़े लाभ मिलेंगे।
किसानों के साथ बातचीत के सैशन दौरान कैबिनेट मंत्री ने राज्य भर में केलो का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए केले को वैज्ञानिक तरीके के साथ पकाने के लिए ‘राईपनिंग यूनिट ’ स्थापित करने का भी ऐलान किया। पहले केले को कैल्शियम कारबायड के साथ पकाया जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक है।उन्होंने कहा कि राज्य में ज़मीन निचले पानी को बचाने के लिए पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी और बाग़बानी विभाग राज्य में खित्ताबन्दी पर काम करे जिससे क्षेत्र अधारित फसलों और कम पानी लेने वाली फसलों को उत्साहित किया जा सके।उन्होंने कहा कि राज्य में केवल 7 प्रतिशत क्षेत्र ही बाग़बानी अधीन है परन्तु इसका कुल घरेलू उत्पाद में योगदान 13 प्रतिशत है, जिसको दोगुना करन का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार विभाग की तरफ से इजरायल में दो माहिर भेजे गए हैं, जो कि जल्द ही रिपोर्ट सौंपेंगे जिस अनुसार राज्य में बाग़बानी को उत्साहित करने के लिए रिपोर्ट को लागू किया जायेगा। इस मौके बाग़बानी विभाग की डायरैक्टर शैलिन्दर कौर आई.एफ.एस. ने कहा कि किसान केवल उनकी ज़मीन में से एक कनाल बाग़बानी को ज़रूर दे, जिससे न सिर्फ़ उन की आमदन बढ़ेगी बल्कि वह फ़सली विभिन्नता की तरफ भी बढ़ सकेंगे।कैबिनेट मंत्री की तरफ से इस मौके किसानों के साथ विचार विमर्श भी किया गया, जिस दौरान किसानों ने उनको पंजाब सरकार की योजनाओं के बारे में सवाल किए।
सम्मेलन दौरान अलग -अलग माहिर किसानों और बाग़बानी वैज्ञानिकों ने भी संबोधन किया, जिसमें राणा इंद्र प्रताप सिंह गन्ना काश्तकार, गुरराज सिंह प्रधान आलू उत्पादन एसोसिएशन, कुलवंत सिंह आहलूवालीया चेयरमैन पंजाब एग्रो जूस, डा. अवतार सिंह ढींडसा फूल उत्पादक, रणबीर सिंह जी.ऐम.,डा, राकेश शारदा कृषि यूनिवर्सिटी, डा. परमजीत सिंह नोडल अधिकारी आलू उत्पादन ने भी संबोधन किया।कैबनिट मंत्री की तरफ से इस मौके अलग -अलग सफल किसानों को भी सम्मानित किया गया और सफल किसानों की कहानियों वाली एक किताब भी जारी की गई। उन्होंने इस मौके अलग -अलग विभागों के किसानों की तरफ से लगाई प्रदर्शनियाँ का भी दौरा किया और किसानों के साथ बातचीत की।इस मौके प्रसिद्ध गायक दविन्दर द्यालपुरी ने किसानों का मनोरंजन भी किया।इस मौके पी.टी.यू के रजिस्ट्रार श्री जसप्रीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर एस पी आंगरा, अमनदीप सिंह गोरा गिल, संयुक्त डायरैक्टर जसपाल सिंह भट्टी और जगदेव सिंह, सुखदीप सिंह हुन्दल सहायक डायरैक्टर, लाल बहादुर सहायक डायरैक्टर, दलजीत सिंह गिल सहायक डायरैक्टर, बलविन्दर सिंह बाग़बानी विकास अधिकारी और बाग़बानी विभाग के अधिकारी और किसान उपस्थित थे।