5 Dariya News

कृषि कानूनों और बीएसएफ पर केंद्रीय कार्रवाई को रोकने के लिए कैबिनेट को फैसला करने को मजबूर करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाएगा: शिरोमणी अकाली दल

चन्नी के निवेशक ‘ तमाशा’ में एक भी पैसा निवेश नही किया, अमरिंदर और चन्नी के पूरे कार्यकाल के दौरान पंजाब में कुल निवेश बादल सरकार की एक भी परियोजना के बराबर नही: सुखबीर सिंह बादल

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राजपुरा/पटियाला 27-Oct-2021

शिरेामणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदन पंजाब कैबिनेट को निर्देश दे कि वह सिविल और पुलिस मशीनरी सहित राज्य मशीनरी का इस्तेमाल करे ताकि कृषि के काले कानूनों को रदद किया जा सके और बीएसएफ को पंजाब की संवैधानिक अथॉरिटी को हड़पने से रोका जा सके।‘‘ हम सदन में निर्देश चाहते हैं कि एक अप्रभावी प्रस्ताव नही’’। राजपुरा में अपने व्यस्त जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए सरदार बादल ने कहा कि हम मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी पर अपने फैसले को लागू करने की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से रखने के लिए  सदन के निर्देश की भी मांग करेंगे’’।सरदार बादल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के केंद्रीय कदम को सही ठहराते हुए यह साबित कर दिया कि पंजाब कांग्रेस ने इस कदम को संभव बनाने के लिए केंद्र के साथ मिलीभगत की है। ‘‘ इस तरह के कदम कुछ ही दिनों में नही उठाए जाते। जाहिर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में पहले इस पर चर्चा हुई थी। वर्तमान मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी मंत्रिमंडल का हिस्सा थे और उन्हे इस कदम की जानकारी भी थी। उन्हे अब इस मुददे पर मगरमच्छ की तरह आंसू नही बहाने चाहिए’’।सरदार बादल ने मुख्यमंत्री से पंजाबियों के साथ यह ब्यौरा देने को भी कहा कि ‘ सादगी और गरीबी’’ की अपनी फर्जी छवि को उभारने के लिए सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से हर रोज करोड़ लोगां की गाढ़ी कमाई को जलाया जाता है। ‘‘ पंजाबियों ने कभी भी एक आदमी की गरीबी और सादगी को लोगों की जेबों पर  इतना भारी पड़ते कभी नही देखा है ’’। सरदार बादल ने कहा कि वह मानव इतिहास में इस तरह के पाखंड का कोई अन्य उदाहण नही है।प्ंजाब में निवेश पर मुख्यमंत्री चन्नी के ‘जोरदार दावों ’ को खारिज करते हुए सरदार बादल ने मुख्यमंत्री चन्नी को चुनौती दी कि वे अपने निवेशकों के ‘जंबूरी’ के परिणामस्वरूप पंजाब में किए गए एक करोड़ यां योग्य निवेश का विस्तार आधिकारियक वेबसाइट पर डालें। 

‘‘ चन्नी यां कैप्टन अमरिंदर के कार्यकाल के दौरान सभी निवेश सरदार परकाश सिंह बादल की अगुवाई वाली सरकार द्वारा लाए गए किसी भी एक प्रोजेक्ट पर निवेश के बराबर नही है। ‘‘22 हजार करोड़ में श्री गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी यां अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे यां चार यां छह लैन एक्सप्रेसवे यां एम्स बठिंडा जैसी परियोजनाओं के बारे में बात की तथा कहा कि कांग्रेस इनमें से किसी भी परियोजना से मेल खाने के लिए अमरिंदर और चन्नी कार्यकाल के लगभग दस सालों में एक भी प्रोजेक्ट  का नाम नही  बता सकते’’।छोटे उद्योगपत्तियों से बातचीत करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार लाल फीताशाही में कटौती करेगी और राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सुचारू करेगी। ‘‘ सरदार बादल ने कहा कि ‘‘ हमने अपनी सरकार में जो डिपार्टमेंट इन्वेस्ट पंजाब बनाया था, वह अब विनिवेश पंजाब बन गया है, लेकिन मैं उद्योगपत्तियों को इसे फिर से पटरी पर लाने का भरोसा दिलाता हूं।इससे पहले अकाली दल अध्यक्ष ने पार्टी प्रत्याशी चरनजीत सिंह बराड़ के साथ नालस गांव में भवान शिव के मंदिर में  नतमस्तक हुए। उन्होने उद्योगपत्तियों से भी मुलाकात की और सरकार बनने पर उनकी शिकायतों को दूर करने का आश्वासन दिया। जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों से बातचीत के दौरान उन्होने वकीलों की भलाई के लिए काम जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होने आईटीआई चौंक पर डॉ. बी. आर अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी और प्रतिमा की बार बार तोड़ फोड़ करने पर दुख जताया। उन्होने घोषणा की कि एक बार शिअद-बसपा गठबंधन की सरकार बनने पर सरकार ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेगी।अकाली दल अध्यक्ष ने राजपुरा के विभिनन संघों के सदस्यों के साथ विस्तृत बातचीत की , जहां लोगों ने विधानसभा हलके में नहरी पानी की कमी और अराजकता का मुददा उठाया। उन्होने स्थानीय विधायक हरदयाल सिंह कंबोज को अवैध गतिविधियों को सरंक्षक देने का भी आरोप लगाया। इसका जवाब देते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने विधायक के कुकर्मों की जांच  कराने का आश्वासन दिया। उन्होने विधायक के खिलाफ अवैध डिस्टलरी चलाने पर कानूनी कार्रवाई का भी आश्वासन  दिया।एसओआई के सैकंड़ों मोटरसाइकिल सवारों ने अकाली दल अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया।इस दौरान उनके साथ प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और एन. के शर्मा जैसे प्रमुख नेता थे।