प्रदेश में है साढ़े 38 हजार किलोमीटर सड़कों का वृहद जाल : गोविंद सिंह ठाकुर
कुल्लू के ढालपुर में गोविंद ठाकुर ने फहराया तिरंगा
5 Dariya News
कुल्लू 15-Apr-2021
हिमाचल दिवस का जिला स्तरीय समारोह कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में धूमधाम के साथ मनाया गया। शिक्षा व कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने तिरंगा फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली।इस अवसर पर संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने नैसर्गिक सौंदर्य से नवाजा है और विकास की दृष्टि से भी यह प्रदेश आज देशभर में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डा. वाई.एस.परमार ने प्रदेश को एक अलग पहचान दिलाई और विकास के लिए एक सशक्त आधार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में जब यह प्रदेश एक पूर्ण राज्य बना तो उस समय प्रदेश में 10 हज़ार 617 किलोमीटर लम्बी सड़कें थीं, साक्षरता दर 31.96 प्रतिशत थी। प्रदेश में 4 हज़ार 693 शैक्षणिक संस्थान तथा 587 स्वास्थ्य संस्थान थे। बिजली की सुविधा भी 3 हज़ार 249 गांवों में उपलब्ध थी। प्रति व्यक्ति आय भी मात्र 651 रुपये थी। आज प्रदेश में सड़कों की लम्बाई बढ़कर 38 हज़ार 470 किलोमीटर हो चुकी है। 10 हज़ार 508 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की संख्या 15 हज़ार 553 है तथा साक्षरता दर 82.80 पहुंच गई है। प्रदेश में 4 हज़ार 320 स्वास्थ्य संस्थान लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश के सभी गांवों में बिजली उपलब्ध है।गोविंद ठाकुर ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हमने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखने के साथ-साथ आधुनिकीकरण को भी अपनाया है। जनमंच, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 और प्रगति पोर्टल व ‘माई गोव’ जैसे नवाचार प्रयास, इस दिशा में उठाए गए महत्त्वपूर्ण कदम हैं। वृद्धजनों के प्रति आदर-सत्कार का भाव रखते हुए सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन पाने की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया गया तथा इसकी पात्रता के लिए कोई आय सीमा भी नहीं रखी गई। प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 1 लाख 63 हजार 607 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1 लाख 36 हजार परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए, जिस पर 21 करोड़ 76 हजार रुपये व्यय किए गए हैं। प्रदेश में महिलाओं को खाना पकाने के लिए धुएं भरे चुल्हे से छुटकारा दिलाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ की गई है। योजना के अन्तर्गत अब तक 2 लाख 91 हजार महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। दिसम्बर, 2019 में ही प्रदेश को चूल्हा धुंआ मुक्त राज्य घोषित किया गया था। इस प्रकार की उपलब्धि प्राप्त करने वाला हिमाचल देशभर में पहला राज्य बन गया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में अब तक 3 लाख 34 हजार परिवारों ने गोल्डन कार्ड बनाए हैं। इस योजना के तहत अब तक 77 हजार 549 लाभार्थियों को लगभग 81 करोड़ रुपये की निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। आयुष्मान भारत में कवर नहीं होने वाले प्रदेशवासियों के लिए प्रथम जनवरी, 2019 से हिमकेयर योजना आरम्भ की है जिसके तहत अब तक 4 लाख 61 हजार परिवार पंजीकृत हैं। हिमकेयर के तहत एक परिवार के पांच सदस्यों तक प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। योजना के तहत अब तक 1 लाख 25 हजार लाभार्थियों को 129 करोड़ 27 लाख रुपये के निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। पार्किन्सन, कैंसर, मस्कुलर डिस्ट्रोफी, अधरंग, किडनी फेलियर व टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त निरंतर देखभाल की भी आवश्यकता रहती है इसलिए सहारा योजना आरम्भ की गई है। योजना में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सहायता राशि के रूप में 3000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। अब तक 11 हजार 187 लाभार्थियों को योजना में कवर किया गया है तथा उन्हें 13 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 18 से 45 वर्ष के युवाओं को स्वावलंबन से जीवन-यापन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरंभ की गई है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत 100 लाभार्थियों को लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। योजना के तहत नए उद्यम वाले युवाओं को एक वर्ष के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। हिम स्टार्टअप योजना के तहत 10 करोड़ रुपये का वैंचर फंड स्थापित किया गया है। प्रदेश में गरीब परिवारों को मुफ्त विद्युत कनेक्शन प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री रोशनी योजना आरम्भ की गई है। योजना के तहत लगभग 17,550 कनैक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 5862 लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। राज्य में सभी गांवों और बस्तियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए महत्त्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना आरम्भ की गई है। इस मिशन के तहत जुलाई, 2022 तक सभी ग्रामीण घरों को नल से स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 अक्तूबर, 2020 को अटल टनल, रोहतांग राष्ट्र को समर्पित की गई। यह टनल इंजीनियरिंग का करिश्मा है और समुद्र तल से 10,000 फुट की ऊंचाई पर बनी है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह टनल पूरे साल जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति तथा लेह के लिए सड़क सुविधा उपलब्ध करवाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। योजना के तहत इस वर्ष 1 हजार 915 किलोमीटर लम्बी 283 सड़कों का निर्माण किया गया है। सड़क निर्माण में हिमाचल प्रदेश देशभर में दूसरे स्थान पर है। ज़िला मण्डी को सबसे अधिक नई सड़कों के निर्माण में देश के सभी ज़िलों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। गत तीन वर्षों में योजना के तहत 4 हजार 468 किलोमीटर सड़कों का कार्य पूर्ण किया गया, जिस पर 2 हजार 500 करोड़ रुपये व्यय किए गए।शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के किसानों ने फसल विविधीकरण को प्रमुखता दी है और अपना ध्यान पारम्परिक खेती से हटाकर गैर-मौसमी व नकदी फसलें उगाने पर केन्द्रित किया है। वर्ष 1950-51 में फलों का उत्पादन 792 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जाता था, जो वर्ष 1971 में यहां बढ़कर 28,000 हेक्टेयर हुआ। इस समय फलों का उत्पादन 2,33,300 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जा रहा है। फलों का उत्पादन भी बढ़कर 8.45 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 18 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा सब्ज़ी उत्पादन हो रहा है तथा 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्ज़ियां जिसमें अधिकतर गैर मौसमी सब्ज़ियां उगाई जा रही हैं।गोविंद ठाकुर ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए अनेक राष्ट्र स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए। शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट 2017-18 में प्रदेश को देशभर में प्रथम स्थान मिला। वर्ष 2019 में इंडिया टूडे द्वारा किए गए सर्वेक्षण में प्रदेश को ‘बेस्ट परफार्मिंग स्टेट आवार्ड’ से नवाजा गया है। प्रथम कक्षा से आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें वितरित करने वाला हिमाचल प्रथम प्रदेश बना। समग्र शिक्षा के तहत शिक्षकों को आॅनलाइन प्रशिक्षण एवं निगरानी के लिए वर्ष 2019 में प्रदेश को ‘स्काच आर्डर आफ मेरिट’ सम्मान प्राप्त हुआ है।
कुल्लू जिला में जल जीवन मिशन के तहत 157 करोड़ स्वीकृत
कुल्लू जिला में हुए विकास पर चर्चा करते हुए गोविंद ठाकुर ने कहा कि अकेले जिला में पिछले नौ महीनों के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग पौने दो सौ करोड़ की परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए हैं। हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 157 करोड़ रुपये की 32 पेयजल योजनाओं मंजूर की गई हैं, जिनके कार्य प्रगति पर हैं। हर खेत को पानी पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत कुल्लू जिला के लिए 983 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत कुल्लू जिला की 13 सिंचाई योजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। 48 करोड़ 75 लाख रुपये की इन सिंचाई योजनाओं से 2164 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पलचान से औट तक ब्यास नदी के तटीयकरण के लिए केंद्र सरकार की मदद से 1555 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।
मनाली शहर की 162 करोड़ की मल निकासी परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूर्ण
गोविंद ठाकुर ने कहा कि मनाली शहर के आस-पास 5-6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को भी सीवरेज लाइन से जोड़ने के लिए लगभग 162 करोड़ की परियोजना का निर्माण कार्य जल्द आरंभ किया जा रहा है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं और पाईपों की खरीद भी कर ली गई है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 12406 निःशुल्क गैस कनेक्शन तथा 32 हजार मुफ्त रिफिल सिलेण्डर प्रदान किए गए है। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत लगभग 16,354 परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन तथा 12,625 मुफ्त रिफिल उपलब्ध करवाए गए हैं। जिला में 42,594 पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। इसपर सालाना 48 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है।
मनरेगा में 60 लाख कार्यदिवस अर्जित
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिला में मनरेगा में वर्तमान में कुल 94,850 जाॅबकार्ड धारक पंजीकृत हैं। पिछले तीन सालों में 1,43,330 परिवारों ने रोजगार के लिए आवेदन किया है। कुल 60 लाख कार्यदिवस अर्जित करके 58 हजार कार्यों पर 16,332 लाख रुपये का व्यय किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन सालों में 177 बी.पी.एल. परिवारों को मकान स्वीकृत किए गए जिसपर 90 लाख की राशि प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 128 आवासों के लिए 19 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
जल्द मिलेगा जिलावासियों को आधुनिक बस अड्डा
गोविंद ठाकुर ने कहा कि कुल्लू में बस अड्डे का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है और जल्द ही मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण करेंगे। भूतनाथ पुल को जल्द यातायात के लिए बहाल कर लिया जाएगा। 7.60 करोड़ की लागत से खड़ीहार से लिंगर-बान्सु सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है जो जून 2021 तक पूरा होगा। बदाह-पाहनाला से शिलिहार सडक का निर्माण युद्ध स्तर पर जून 2021 मे होगा पूरा। 1129.36 लाख की आएगी लागत। बुआई गांव के लिए पीज से सम्पर्क सड़क का कार्य प्रगति पर है जो जून 2021 में पूरा होगा। इसपर 661.45 लाख रुपये की लागत आएगी। राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुल्लू के प्रशासनिक खण्ड का निर्माण कार्य जारी है। 938.65 लाख की लागत से बनने वाले इस खण्ड का निर्माण जून 2021 तक पूरा किया जाएगा।उन्होंने कहा कि 6.93 करोड़ की लागत से रामशिला से भेखली-जिंदौड़-ब्यासर सड़क का स्तरोन्यन कार्य प्रगति पर है। 19.70 करोड़ की लागत से रायसन शिरड़, शिलीहार सड़क का स्तरोन्यन कार्य जारी है। इससे पांच पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मनाली विधानसभा क्षेत्र के बामतट सड़क पर सात पुलों में से चार का कार्य पूरा हो चुका है जबकि तीन पुलों का निर्माण प्रगति पर हैं। इन पुलों के निर्माण पर कुल 12.13 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। सोलंग नाला गांव को सड़क से जोडा जा रहा है।
नई राहें, नई मंजिलें योजना में विकसित होगी लग घाटी
गोविंद ठाकुर ने कहा कि जिला में रीवर राफ्टिंग, पैरा ग्लाईडिंग, हैली स्कीं जैसी अनेक साहसी गतिविधियां की जा रही हैं। प्रदेश सरकार इन्हें बढ़ावा देगी ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर प्राप्त हों। ब्यास बिहाल मनाली, गुलाबा तथा जगतसुख में तीन नये नेचर पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। मनाली के रामबाग में एक खूबसूरत आडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। इसकी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। लारजी झील में वाटर स्पोट्र्स शुरू की जाएगी। कुल्लू की लग घाटी तथा निरमण्ड के बागा सराहन को नई राहें, नई मंजिलें योजना के तहत पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए शामिल किया है।
जिला कोविड केयर सेंटर में 200 बिस्तरों की सुविधा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 100 बिस्तरों का जिला कोविड केयर सेंटर बनाया गया हैजो सभी सुविधाओं से लैस है। इस केन्द्र के बनने के बाद कोविड के मामले बाहरी अस्पतालों को रैफर नहीं किए जा रहे हैं। आक्सीजन की आपूर्ति सभी बिस्तरों के साथ जोड़ी गई है। जिला में 20 वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 100 और बिस्तरों की सुविधा क्षेत्रीय अस्पताल में की जाएगी। कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में टीबी के टैस्ट के लिए अत्याधुनिक सी.बी. नाट मशीन स्थापित की गई है। बंजार में लगभग 16 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरों के अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है जो जनवरी 2022 तक पूरा होगा।हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से तैयार की गई कोरोना वैक्सीन से लोगों को राहत मिली है। हमें वैक्सीन लगाने के अभियान में शामिल होना ही है, साथ में ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ के मंत्र को भी अपनाना है और किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी है। क्योंकि कोरोना पुनः बड़ी तेजी से अपने पांव पसार रहा है। हमें अधिक सचेत रहकर एक जिम्मेवार नागरिक की भूमिका निभानी है।इससे पूर्व, शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को कोरोना के प्रोटोकोल की अनुपालना करने तथा प्रदेश के विकास में योगदान संबंधी शपथ भी दिलाई।गोविंद ठाकुर ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रर्दशन करने वाली संस्थाओं, पुलिस कर्मियों व अन्यों को सम्मानित भी किया।सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के कलाकारों ने समूह गान तथा वीरनाथ युवा मण्डल ने कुल्लवी नाटी प्रस्तुत की।विधायक सुरेन्द्र शौरी, गोविंद ठाकुर की धर्मपत्नी रजनी ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत, पार्षदगण, भाजपा जिलाध्यक्ष भीमसेन, उपायुक्त ऋचा वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भापजा के पदाधिकारी व पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि व आम लोग समारोह में शामिल हुए।