होली एक पवित्र त्यौहार
5 दरिया न्यूज (नेहा वर्मा)
15-Mar-2014
हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक राष्ट्रीय पर्वो मे होली का यह पर्व पवित्रता एकता आत्मीयता का भाव लेकर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के रूप मे भारत हे नहीं बलकी विश्व के कई अन्य देशों मे भी हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाता हैं क्यों मनाया जाता है ! नर नारी हो बहिन भाई हो बेटे –बेटियां हो युवा ,वृद्ध सभी होली पे गुलाल लगते है व आपसी मतभेदो को भुलाकर हँसी ख़ुशी इस पर्व को मनाते है ! क्यों मनाया जाता है ये पर्व भगवत कथा के आहार पर सतयुग मे राक्षसराज हिरण्यकश्यप द्वारा अपने पुत्र प्रलाद को अपनी दुष्ट प्रवति के चलते उसकी धार्मिक आस्थाओं से डिगने के लिए अपनी बहन होलिका को अपनी तेजाग्नि से जलाने के निर्देश दिए गये, मगर ईश्वर पैर अडिग विशवास रखने वाला बालक प्रहलाद अपनी बुआ की गोद मे बेठा रहा !इस प्रकरण मे होलिका अपनी ही प्रज्वलित अग्नि मे जलकर नष्ट हो गई और उस बालक प्रह्लाद का ईश्वरीय कृपा से कुछ भी नही बिगड़ सका !इन्हीं मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा व चेत्र मास कृष्णपक्ष की प्रतिपदा के मध्य से नरसिंह भगवन ने , उस दुष्ट राक्षस हिरण्यकश्यप,( जिसे ये वरदान प्राप्त था कि मैं न दिन मे मारा जाऊं न रात्रि मे न घर मे न भर मरुँ, न किसी मानव से न की जानवर से ) इस सत्ये को साकार करते हुए उस परमपिता परमात्मा ने – जो न तो नर था न जानवर –ऐसे स्वरूप को प्रतिष्टपित करके,उसका वध किया ! तब से यह त्यौहार दुष्ट प्रवितियो के विनाश ,करने के रूप मे मनाया जाता हैं
होली का पर्व हिन्दू धर्म का प्रतीक बना है ! इसका वर्णन कृष्णलीला से मथुरा-वृन्दावन, बज्र मे मनाई जाने वाली होली बहुत प्रसिद्ध व मानमोहक होती है !इस त्यौहार मे गीत गाये जाते है और मिठाईया बांटी जाती है ! रंग खेलते है पिचकारी चलाते है ! परन्तु आजकल होली सिर्फ पावन पर्व सिर्फ लिखने हो हे रह गया है होली पे आजकल ज्यादतर लोग शराब पी कर चेहरे पे बेरंग रंग लगा कर हुड्गद मचाते है ! पानी की टंकियों मे रंग मिला के पानी की बर्बादी करते है और अपनी घिनोनी पशुवृति और धन और बल के अहंकार से इस पर्व की महानता पर दाग लगाने का प्रयास भी करते है !शरारती युवकों द्वारा एक –एकक बाइक पर बगैर हेलमेट तीन –तीन संख्या मे बेठ कर अथवा कारों से अजीब अजीब आवाज़े निकालते हुए हॉर्न बजाते हुए महिलायों पर रंग भरे गुबारे या रंग फेंकते है और आपस मैं लडाई झगडा करते हैं ये हमारी परम्परा को ढेस पहुचाते है! जो लोग होली जैसे पावन पर्व को ख़राब करते है भगवान् उन्हें सदबुधि दे और हम एकजुट हो के प्रण ले और अपनी परम्परा को सुरक्षित करने की कोशिश करे !