लॉकडाउन के दौरान जम्मू-कश्मीर के देष के अन्य भागों में फंसे हुए लोगों की वापसी
सरकार ने 74218 फसे हुए जेके निवासियों को 16 विशेष ट्रेनों, 3 हवाई जहाजों एवं बसों द्वारा वापस लाया
5 Dariya News
जम्मू 19-May-2020
विष्व में फैली हुई महामारी के दौरान लॉकडाउन के कारण जम्मू कष्मीर के फसे हुए 74218 लोगों को विषेश टेनों, हवाई जहाजों और बसों द्वारा यूटी में वापिस लाया गया।सरकार ने आंकडों की जानकारी के अनुसार जम्मू और उधमपुर रेलवे स्टेशनों पर रेलगाड़ियों द्वारा 14225 लोगों को घर वापस लाया। अतिरिक्त 59492 लोगों को लखनपुर के रास्ते से वापस लाया तथा 501 छात्रों सहित यात्रियों को विशेष हवाई जहाजों द्वारा लाया गया।इसके अतिरिक्त, 1844 फंसे हुए यात्रियों ने 18 मई से 19 मई की सुबह लखनपुर से प्रवेश किया एवं 890 यात्री जम्मू में 6वीं कोविड विशेष ट्रेन जम्मू पहुंचे। अतिरिक्त 10 वीं ट्रेन द्वारा मुरादाबाद से 510 यात्री उधमपुर पहुँचे। उन्होंने 5508 यात्री विभिन्न जिलों से 6 टेनों द्वारा जम्मू लाये, जबकि 10 विशेष ट्रेनों द्वारा अब तक 8717 यात्री उधमपुर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा, भोपाल और बेंग्लुरु से लगभग 1400 यात्रियों को ले जाने वाली दो ट्रेनें आज शाम तक उधमपुर पहुंचने की उम्मीद है। जम्मू, उधमपुर, कठुआ और श्रीनगर जिला प्रशासनों ने अपने उपायुक्तों के मार्गदर्शन के तहत सभी वापस आये यात्रियों को संगठित और सुविधाजनक वापस उनके घरों में पहुंचाये जाने हेतु सुनिष्चित किया। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेषनों पर स्थापित कियोस्क पर प्रशासन द्वारा 100 प्रतिशत सैंपलिंग सुनिश्चित की जा रही है।कोविड-19 के चलते सभी यासत्रियों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के सख्ती से पालन करते हुए अपने अपने स्थानीय जिलों में वापस ले जाने के लिए विस्तृत परिवहन प्रणाली स्थापित की है। जम्मू और कश्मीर के विभिन्न जिलों में इन यात्रियों के स्वागत और उनके घर जाने के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान यात्रियों द्वारा सामाजिक दूरी के पालन का पूरी तरह से सुनिष्चित किये जाने के निर्देष दिये।इस अवसर पर प्रमुख सचिव पीडीडी, रोहित कंसल, आयुक्त सचिव उद्योग और वाणिज्य, मनोज कुमार द्विवेदी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी हृदेश कुमार, जो क्रमशः जम्मू, उधमपुर और कठुआ में फंसे हुए लोगों की वापसी के प्रबंधन के नोडल अधिकारी भी हैं, उपस्थित थे।
सभी वापस आने वाले यात्रियों हेतु ऑनलाइन पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं के लिए डियुटी मजिस्ट्रेट द्वारा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 19 मई 2020 तक लखनपुर के माध्यम से 59492, को वापस लाया गया जिनमें पंजाब से 13240, हिमाचल प्रदेश से 19616, आंध्र प्रदेश से 21, दिल्ली से 5600, गुजरात से 1290, राजस्थान से 2215, हरियाणा से 3499, छत्तीसगढ़ से 110, उत्तराखंड से 3050, महाराष्ट्र से 587, उत्तर प्रदेश से 3834, ओडिशा से 42 तथा असम से 244 फसे हुए लोगों को वापस लाया गया। अतिरिक्त मध्य प्रदेश से 898, देहरादून से 88, चंडीगढ़ से 906, तेलंगाना से 635, कर्नाटक से 7, चेन्नई से 52, बिहार से 236, पश्चिम बंगाल से 46, झारखंड से 26, नेपाल से 3 और अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3247 लोगों को लाया गया हैं।इसी तरह से गुजरात में जम्मू और कश्मीर के फसे हुए यात्रियों को एक विशेष ट्रेन कालूपुर रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद से आज षाम 5 बजे यूटी की ओर रवाना होगी। जम्मू और कश्मीर सरकार ने वंदे भारत मिशन के तहत ओमान, दुबई और ईरान से यूटी निवासियों को लाने की मांग की। जिससे सम्बंधित मुख्य सचिव, बी.वी. सुब्रह्मण्यम ने केंद्रीय विदेश सचिव को उनकी व्यक्तिगत हस्तक्षेप की प्राथमिकता पर मांग करते हुए पत्र लिखा। जम्मू और कश्मीर सरकार ने देश के अन्य हिस्सों में फंसे अपने निवासियों की सुविधा के लिए एक वेब पोर्टल- http://jkmonitoring.nic.in/ शुरू किया है जिससे लोगों को पंजीकृत हेतु अपडेट में सहुलियत मिलेगी। जिन लोगों ने पहले जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा खोले गए लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पंजीकरण किया है, वे फिर से पंजीकृत नहीं होंगे। वेब पोर्टल registeredthroughwww.jktpo.in. उन व्यक्तियों के विवरण के साथ पहले से ही अपडेट किया जा चुका है जो पहले से ही पंजीकृत है। जिन लोगों ने पंजीकरण कराया है, वे अपने आवेदन की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं।वेब पोर्टल के अलावा, एक समर्पित 24ग्7 कोविद -19 हेल्पलाइन नंबर - 0191-2466988 रिटर्नर्स की सहायता और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय किया गया है।