खुले आसमान के नीचे परिवारों सहित अपनी बारी आने का प्रवासियों को होता है इंतजार : साहिबी आनंद
मोहाली के स्पोर्टस स्टेडियम मे स्क्रीनिंग व पास बनवाने भारी संख्या में पहुंच रहे लोग
5 Dariya News
मोहाली 17-May-2020
जिला प्रशासन की ओर से पंजाब से अन्य राज्यों में भेजे जाने के लिए जो हैल्थ स्क्रिनिंग व पास बनवाने को लेकर किए जा रहे कार्यों के सही प्रकार से चलने के दावे किए जा रहे हैं वो कहीं ना कहीं खोखले दिखाई दे रहे हैं। ये हम नहीं कहते लेकिन जिस तरह मोहाली के सैक्टर-78 स्थित मल्टी स्पोर्टस स्टेडियम सोहाना के पास प्रवासियों का जमावड़ा पहुंच रहा है, और सरेआम सोशल डिस्टैंसिंग जैसे नियमों की धजिज्जयां उड़ाई जा रही हैं, यह उससे साफ नजर आ रहा है। ये विचार मोहाली के पार्षद व भाजपा पार्टी के युवा नेता साहिबी आनंद ने मीडिया से बातचीत करते पेश किए। साहिबी की ओर से सेक्टर-78 पहुंच कर प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को जाना और समझने के बाद उन्हें सोशल डिस्टैंसिंग और गर्मी से अपने परिवार व बच्चों की सेहत का भी ध्यान रखने को कहा।
अपने वाहनों से जाने को तैयार प्रवासी
इस दौरान उन्होंने बातचीत में बताया कि अधिकांश प्रवासियों के मुंह पर रूमाल थे जबकि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाएं लंबे समय से यहां के आस-पास के इलाके में सडक़ों किनारे डेरा जमाए हुए थे। बच्चे सडक़ों के आस-पास ही दौड़ रहे थे, जिससे कभी भी कोई बड़ा सडक़ हादसा होने का डर बना हुआ था। उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं कि इन सभी को ट्रेप से ही भेजा जाए। हैल्थ स्क्रीनिंग करवाने आए कई लोगों का कहना था कि जिला प्रशासन उनकों बस, निजी वाहनों आदि का पास जारी करे, तो वो खुद अपने वाहनों से जाने को तैयार हैं। लेकिन जब वह कोई अपना नीजि वाहन तैयार करते हैं और पैसे तक चुकाने के लिए तैयार होते हैं तो वाहन मालिक व ड्राईर्स का यही कहना होता है कि जिला प्रशासन उनको पास जारी नहीं कर रहा है और बिना परमिशन की वह जा नहीं सकता।
ऑनलाइन अप्लाई करने पर भी नहीं मिल रही जानकारी
जिसके चलते उनके पास दो ही रास्ते अपने राज्यों तक जाने के लिए बचते हैं पहला यह कि वह ट्रेनों पर जाएं और हैल्थ स्क्रीनिंग का इंतजार करें या अनेकों तरह की परेशानियों को झेलते हुए पैदल ही अपने परिवार के साथ सैंकड़ो किलोमीटर का सफर तय करें।लेकिन चाह कर भी वह पैदल नहीं जा पा रहे हैं। कई प्रवासी मजदूरों का आरोप है कि उन्होंने जिला प्रशासन के पास ऑनलाइन आवेदन भी कर रखा है। लेकिन अभी तक उनके पास कोई फोन नहीं आया और कौन सी गाड़ी कब कहां से कैसे जाएगी कि कोई जानकारी न मिलने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार जल्दी से जल्दी प्रवासियों के लिए करें इंतजाम
साहिबी आनंद ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जल्दी से जल्दी प्रवासियों को बिना किसी परेशानी के उनको उनके राज्यों में भेजा जाए और सरकार उन्हें ट्रेनों के अलावा निजी वाहनों में भी जाने की परमिशन दें और इस प्रक्रिया को सरल बनाए। क्योंकि प्रवासी मजदूर अनपढ़ और हर तरह से लाचार दिखाई दे रहे हैं और उनके पास खाने के लिए पैसे भी नहीं हैं। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों को कड़ी धूप में खड़ा करने के वजाए उनके किसी पार्क व छां वाली जगह पर ठहराया जाए और उनके खाने-पीने की व्यवास्था भी की जानी चाहिए।