पर्यावरण को चुनावी मुद्दा बनाने की अपील
5 दरिया न्यूज
चंडीगढ़ 09-Mar-2014
पंजाब के किसी दूषित और गंदे नाले में अपने सहयोगियों के साथ घुटनों तक धंसे किसी को सफाई अभियान में जुटे हुए आपने देखा हो, तो वे पर्यावरण विज्ञानी बाबा बलबीर सिंह सीचवाल हैं। पर्यावरण के लिए उनके काम और प्रयास को पंजाब ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। कुछ साल पहले पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने यूरोपीय संघ में अपने वक्तव्य में पर्यावरण को लेकर सीचवाल के अथक प्रयासों का जिक्र किया था। सीचवाल वैसे तो पर्यावरणविद् हैं और राजनीति से उनका नाता नामभर का है, लेकिन इस बार लोकसभा चुनावों में उन्होंने आवाज उठाई है और चुनावी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक पार्टियों से पर्यावरण के मुद्दे पर गौर करने और बातचीत करने का आग्रह किया है।
उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से आग्रह किया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में पर्यावरण को मुख्य मुद्दा बनाएं।इतना ही नहीं, सीचवाल चाहते हैं कि राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी घोषणापत्रों में पर्यावरण के मुद्दे को शामिल करें और चुनाव प्रचार के दौरान पार्टियों के उम्मीदवार भी पर्यावरण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण के मुद्दे को प्रमुख प्राथमिकता दें। सीचवाल ने आईएएनएस से कहा, "भारत के गांवों और शहरों का अनियोजित विकास अवैध नालों, गंदी घरेलू नालियों और कारखानों के जहरीले अवशिष्ट पदार्थो के नदियों में बहाए जाने के लिए जिम्मेदार है। इससे एक तरफ जहां प्राकृतिक जल के स्रोत तेजी से खत्म हो रहे हैं, वहीं दूसरी और दुर्लभ जलीय जंतु और यहां तक कि इंसान भी खतरे में पड़ गए हैं।"सीचवाल अपने 'एक ओंकार चैरिटेबल ट्रस्ट' के स्वयंसेवी सहयोगियों के साथ गंदे नालों की सफाई, जलाशयों से जलकुंभी और गाद की सफाई, छोटी नदियों के तटों की सफाई और सड़क निर्माण और विकास में जुटे हैं।'टाइम्स' पत्रिका ने 2008 में सीचवाल को 'हीरोज ऑफ द एनवायरमेंट' की 30 लोगों की सूची में शामिल किया था।