हिम केयर योजना में 5 लाख तक उपचार, जनता का मुफ्त इलाज का सपना हुआ साकार
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कुल्लू 15-Feb-2020
आनी- केंद्र की कल्याणकारी योजना आयुष्मान भारत ने गरीब आदमी का जहां मुफ्त इलाज का सपना पूरा किया वहीं प्रदेश की संवेदनशील सरकार ने दो कदम आगे बढ़ाते हुए आम लोगों को आयुष्मान भारत के बाद हिमकेयर योजना लाकर हर प्रदेशवासी का 5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ तबकों के लोग इसके दायरे से बाहर हुए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुआई वाली प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना पेश की। इस योजना के बाद प्रदेश के सभी लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज पक्का हुआ है। यह योजना मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस योजना को लांच करते हुए सरकार ने सपष्ट किया था कि प्रदेश का हर तबके का व्यक्ति इलाज के धन के आभाव में परेशानी न झेले। योजना से प्रदेश का कोई भी व्यक्ति अब ऐसा नहीं बचा है जो धन-राशि के आभाव में इलाज न करवा पाए। कुल मिलाकर कहा जाए तो प्रदेश के सभी लोग (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर) 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज के दायरे में आए हैं। सरकार की ओर से इस योजना के तहत अभी तक करीब 5.50 लाख परिवारों को पंजीकृत भी कर दिया गया है। योजना कितनी कारगर है ये इस बात से पता चलता है कि इसके प्रदेश में अब तक 5.50 लाख परिवारों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है और 199 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है जिसमें 56 निजी अस्पताल शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत 55798 लाभार्थियों को 52.57 करोड़ रुपये से अधिक के निःशुल्क ईलाज की सुविधा का लाभ मिला है। स्वास्थ्य विभाग आनी के बीएमओ डॉ. ज्ञान ठाकुर का कहना है कि ये योजना लोगों के कैशलेस उपचार के लिए बरदान साबित हुई है। हजारों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। सरकार ने इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए एक बार फिर लोगों को मौका दिया है। डॉ. ज्ञान ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि 31 मार्च 2020 तक जो लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं वो हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत हो जाएं, या जिन लोगों ने पहले से कार्ड बनाए हैं वो भी 31 मार्च तक कार्ड को रिन्यू कर सकते हैं।
क्या है हिम केयर योजना
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना में न आने वाले परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना पेश की है। इसके लिए लोगों को लोकमित्र केंद्र में जाकर कार्ड बनाना होता है। इसके लिए अलग अलग वर्गों के लिए अलग अलग फीस निर्धारित की गई है। बीपीएल, योजना में प्रीमियम श्रेणी के हिसाब से रहेगा। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बीपीएल परिवार, रेहड़ी फड़ी तथा मनरेगा कामगारों के लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ेगा, जबकि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों, 70 वर्ष से अधिक आयु या वरिष्ठ नागरिकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आउटसोर्स कर्मचारी, मिड-डे मील वर्कर्स, अंशकालिक कर्मचारी, दिहाड़ीदार, आशा वर्कर्स, अनुबंध कर्मचारी वर्ग के लिए 365 रुपये का प्रीमियम रहेगा। अन्य लोगों के लिए 1 हजार रुपए की राशि कार्ड बनाने के लिए देनी होती है।
31 मार्च 2020 तक फिर बनाएं कार्ड
सरकार की ओर से योजना पेश करने के बाद इसमें लाखों परिवारों को पंजीकृत किया गया लेकिन कुछेक परिवार किन्हीं कारणों से पंजीकृत नहीं हो पाए। जनहितैषी सरकार ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए लोगों को एक बार इस योजना में पंजीकृत होने का मौका दिया है। 31 मार्च 2020 तक लोग अपने परिवार के पांच सदस्यों को इस योजना के तहत पंजीकृत करवाकर हिमकेयर कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को कार्ड पहले से बन चुके हैं वो भी 31 मार्च तक इन कार्ड को रिन्यू कर सकते हैं।
क्या हैं योजना के लाभ
चयनित परिवारों को प्रति बर्ष 5 लाख रुपये तक निशुल्क इलाज का प्राबधान है। हर परिवार से अधिकतम पांच सदस्य इस कैशलेस उपचार पैकेज का लाभ उठा सकते हैं। पांच से अधिक सदस्यों वाला परिवार अपने शेष सदस्यों को हर अतिरिक्त इकाई के लिए अधिकतम पांच सदस्यों के साथ एक अलग इकाई में नामांकित कर सकता है। इस स्कीम मेँ लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाओं कवर की जा रही है | जिसमे डे -केयर सर्जरी भी शामिल हैं। परिवार के सभी सदस्य इस योजना के तहत शामिल होने के पात्र है | इसमें कोई आयु सीमा निश्चित नहीं की गयी है | प्रदेश में 193 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें लाभार्थी नि:शुल्क इलाज प्राप्त कर सकते हैं।