5 Dariya News

बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध फिल्म-निर्माता महेश भट्ट द्वारा एलपीयू के मंच पर 'द लास्ट सैल्यूट प्ले के लिए प्रदर्शन

प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक अरविंद गौड़ द्वारा निर्देशित, कास्ट स्टार में एक विशेष भूमिका में शामिल रहे महेश भट्ट और इमरान जाहिद मुख्य नायक की भूमिका में

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जालन्धर 22-Jan-2020

बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने आज लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का दौरा किया जहां उन्होंने एलपीयू के शांति देवी मित्तल ऑडिटोरियम में 'द लास्ट सैल्यूट प्ले के लिए परफॉर्म भी किया। कई बार, मुंबई, नई दिल्ली जैसे शहरों में देश के विशाल थिएटर मंचों पर प्रदर्शित यह प्ले इराकी पत्रकार मुंतधर-अल-जैद की किताब 'द लास्ट सैल्यूट टू प्रेसिडेंट बुश पर आधारित है। सुप्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक अरविंद गौड़ द्वारा निर्देशित, नाटक में महेश भट्ट विशेष भूमिका में रहे और इमरान जाहिद ने मुख्य नायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर फिल्म उद्योग में प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक, श्री भट्ट ने एलपीयू के फिल्म निर्माण और परफार्मिंग आटर्स विभाग के विद्यार्थियों के साथ फिल्म निर्माण के महत्वपूर्ण टिप्स भी सांझा किए।कथित तौर पर, इस नाटक के द्वारा इराक पर अमेरिकी आक्रमण के नतीजों व प्रभावों का पता चलता है। प्ले की शुरूआत महेश भट्ट द्वारा एक पत्र को पढऩे से होता है जिसे उन्होंने अमेरिका में प्रेयर ब्रेकफास्ट के न्योते को वर्ष 2002 में ठुकराया था। इस नाटक का संगीत, संगीता गौड़ द्वारा दिया गया और लगभग 150 कलाकारों में शामिल रहे-सूजन बराढ़, राहुल खन्ना, सवेरी श्री गौड़, काकोली गौड़ आदि। ये सभी कलाकार अस्मिता थिएटर दिल्ली की ओर से आए थे जिन्होंने भावपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। यह नाटक इस बात का प्रतीक है कि किसी भी समस्या का हल सुपर पॉवर के लहिजे में हथियारों से नहीं हो सकता बल्कि महान संतों और व्यक्तियों के आदर्शों को मद्देनजर रख कर ही किया जा सकता है। श्री महेश भट्ट ने इस संदर्भ में कहा कि कनैक्टिविटी वाली इस सदी में भी हम डिस्कनैक्टेड रह रहे हैं और हमें मिलजुल कर सभी समस्याओं का हल खोजना चाहिए। 

उन्होंने यह भी कहा कि आज के युवा वर्ग को किसी मार्गदर्शन की जरूरत नहीं वे स्वयं समझदार हैं और उन्हें भी आगे आकर मानवीय समस्याओं के प्रति हल खोजने चाहिए।इससे पहले, कैंपस में बॉलीवुड के टॉप व्यक्ति विशेष का स्वागत करते हुए, एलपीयू के चांसलर श्री अशोक मित्तल ने कहा-'यह हमारे लिए गर्व की बात है कि बॉलीवुड के दिगगज महेश भट्ट जी और अन्य शीर्ष अभिनेताओं ने एलपीयू के लिए मंचन किया जिसे बहुत ही सराहा गया है। जर्नलिज़्म की एक छात्रा तन्नु ने बताया कि इस प्ले से हमें बहुत सी नाटक मंचन के बारे बारीकियों का भी पता चला जो हमारे कोर्स में बहुत सहायक हो सकती हैं।राजनीतिक कृत्यों में से एक, नाटक में खाड़ी युद्ध व तथ्यों की खोज और अमेरिकी हस्तक्षेप की बात है। प्ले ने एलपीयू के युवा दर्शकों और स्टाफ सद्सयों को अत्यंत आकर्षित किया। यह प्ले आम लोगों को प्रभावित करने वाले विश्व शांति और राजनीतिक आदेशों से निपटने के लिए भावनाओं की खोज करने के बारे में है। वास्तव में यह नाटक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के लिए एक अद्धुत अनुभव रहा।ऐतिहासिक रूप से, नाटक की मौलिकता को बरकरार रखा गया, जिसमें दुनिया ने (2008) में देखा कि इराकी पत्रकार अल-जैदी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति पर जूता फेंका था, और दो साल बाद इस घटना का महेश भट्ट के प्ले में इसका इमेज नजर आया। इस प्रकार, अल-जैदी के कार्यों, के लिए और इसे जीवन जैसा बनाने के लिए, स्क्रिप्ट अल-जैदी की किताब पर आधारित है। नाटक के संभावित भाग जूता फेंकने की घटना को मुख्य चरित्र द्वारा गिरफ्तारी, यातना और अपमान के साथ निपटाया गया। इराक युद्ध की कवरेज, आतंकवादियों द्वारा अपहरण, अदालत के मामलों और जीवन परिवर्तन जैसी कहानियां भी इसमें शामिल रहीं।