सरकार वुलर संरक्षण के लिए बाहरी धन की खोज कर रही है
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जम्मू 08-Nov-2019
वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने शुक्रवार को कहा कि वुलर झील का संरक्षण और प्रबंधन सरकार की प्राथमिकता है और इस उद्देश्य के लिए बाहरी धन की खोज की जा रही है।उन्होंने एक समीक्षा बैठक के दौरान ये विचार रखे जिसमें संरक्षण और प्रबंधन के विभिन्न घटकों के तहत काम के दायरे पर चर्चा की गई।बैठक में, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जम्मू व कश्मीर ईरा अवनी लवासा, पीसीसीएफ डॉ. मोहित गेरा, निदेशक सामाजिक वानिकी सिद्धार्थ कुमार, सीसीएफ सेंट्रल टी. रबी कुमार, विशेष सचिव, (तकनीकी) परवीन कुमार रावत, और निदेशक योजना, वन परवेज अहमद हांडू तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, यूनेस्को द्वारा रामसर साइट के रूप में नामित इस अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण वेटलैंड के कुशल संरक्षण और प्रबंधन के लिए जेएंडके ईरा के सीईओ के साथ बाहरी वित्त पोषण की संभावना पर चर्चा की गई।बैठक में कहा गया कि जम्मू व कश्मीर ईरा वन विभाग को इन बाहरी वित्त पोषण एजेंसियों द्वारा स्वीकृत टेम्प्लेट के अनुसार विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी के माध्यम से तैयार व्यापक डीपीआर प्राप्त करने में सहायता करेगा। जेएंडके ईरा विश्व बैंक, एडीबी और जेआईसीए जैसी फंडिंग एजेंसियों के साथ संपर्क में भी रहेगा ताकि सरकार को इस महत्वपूर्ण परियोजना में उनकी रुचि का पता चल सके।बैठक में यह बताया गया कि विभाग झील के गंभीर रूप से सिल्टड क्षेत्र के 3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समाधान कर रहा है। यह भी कहा गया कि झील क्षेत्र के कुल 130 वर्ग किलोमीटर में से 27 वर्ग किलोमीटर में विलो पेड़ों को उखाड़ने, सिल्टड क्षेत्र की ड्रेजिंग जैसे हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है ताकि झील के प्राचीन गौरव को बहाल किया जा सके।