कैप्टन सरकार की सरबत सेहत बीमा योजना पर लगाए गए इल्ज़ाम अकाली दल की बौखलाहट और तथ्य रहित : बलबीर सिंह सिद्धू
बीमा योजना के अंतर्गत 1396 सेहत पैकेजों में केवल 124 इलाज सेवाएं सरकारी अस्पतालों में सूचीबद्ध
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चंडीगढ़ 22-Aug-2019
कैप्टन सरकार की सरबत सेहत बीमा योजना पर लगाए गए सभी इल्ज़ामों को अकाली दल की बौखलाहट और बे बुनियाद बताते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की 76 फीसदी आबादी को कवर करने वाली सरबत सेहत बीमा योजना अधीन 1396 इलाज सेवाएं मुहैया करवा रही है जिससे पंजाब देश के अग्रणी राज्यों की कतार में आ गया है।सेहत मंत्री ने बताया कि पंजाब यूनिवर्सल सेहत बीमा योजना के अंतर्गत 1396 सेहत सेवाओं में केवल 124 बीमारियों के इलाज को ही सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध करवाने का फ़ैसला लिया है। जहाँ इस फ़ैसले से सरकारी अस्पतालों की आय में विस्तार होगा वहीं सरकारी अस्पताल में सेहत सुविधा न मिलने की सूरत में मरीज़ को सूचीबद्ध प्राईवेट अस्पताल में रैफर करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पहली नजऱ में अकाली दल के बयान से जाहिर होता है कि वह प्राईवेट अस्पतालों में मिलने वाली महँगी इलाज सेवाओं की वकालत कर रहे हैं और सरकारी अस्पतालों पर ताला लगाकर इनके स्वायत्तता को ख़त्म करना चाहते हैं। अकाली दल के नेता डा. दलजीत सिंह चीमा को सरकारी अस्पतालों पर इल्ज़ाम लगाने से पहले यह सोचना चाहिए था कि वह आप ख़ुद इस पेशे से जुड़े हुए हैं और बतौर डॉक्टर क्या वह सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे माहिर मैडीकल अफसरों की काबीलियत और कारगुज़ारी पर सवाल भी खड़ा कर रहे हैं?सेहत मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की दार्शनिक और प्रगतिशील सोच स्वरूप ही राज्य सरकार ने विशेष तौर पर सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक फ़ैसले लिए हैं जिससे अकाली दल में अपने भविष्य को लेकर डर का माहौल पैदा हो गया है और इस फ़ैसले से अकाली दल के पास इल्ज़ाम लगाने के लिए कोई और एजेंडा भी नहीं रहा है।
स. बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि ज़्यादातर पड़ोसी राज्यों और दक्षिणी राज्यों की तरफ से भी इसी नीति को अपनाया गया है जहाँ सेहत बीमा प्रोग्राम पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में लगभग 146 सेहत सेवाओं, तामिलनाडु में 681, महाराष्ट्र में 460, मध्य प्रदेश में 472, केरला में 235, गुजरात में 200 और करनाटक में 443 इलाज सेवाओं को सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रोग्राम अधीन सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त इलाज सेवाएं पहले ही मुहैया करवाई जा रही हैं जिनको निजी अस्पतालों में तबदील नहीं किया जा सकता और यह 124 सेहत सेवाओं को सरकारी अस्पतालों में यकीनी तौर पर मुहैया करवाना लाजि़मी हो जाता है। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि यह 124 सेहत सेवाएं दूसरी श्रेणी की हैं जोकि सरकारी अस्पतालों में मौजूद हैं। तीसरी श्रेणी की महँगी सर्जरियों और अन्य सेहत सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आम लोग किसी भी सूचीबद्ध प्राईवेट अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकते हैं। यहाँ यह भी ज़रूरी बन जाता है कि राज्य सरकार की तरफ से सरकारी अस्पतालों को प्राईवेट क्षेत्र के अस्पतालों के बराबर समर्थ बनाने के लिए हर संभव यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन सेहत सुविधाओं (पैकेज) को आरक्षित रखा गया है जिनका बीमा योजना के अंतर्गत ज़्यादा दुरुपयोग होने का ख़तरा है। बड़े स्तर पर होने वाली सर्जरियों जैसे कि सभी दिल की सर्जरियां, आग से जलने के मामले, कैंसर का इलाज और अन्य गंभीर सर्जरियां, डायलैसिस आदि भी सरकारी और प्राईवेट दोनों अस्पतालों के लिए खुले तौर पर रखा गया है।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने शिरोमणि अकाली दल की तरफ से उठाए गए एक और मामले का जवाब देते हुए कहा कि बीमा योजना के अंतर्गत राज्य के हर पिछड़े, ग्रामीण और दूर-दराज के लोगों को उनके घर पर ही सेहत सुविधाएं प्रदान करने के मंतव्य से केवल 250 सूचीबद्ध सरकारी अस्पताल ही नहीं बल्कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का हर पक्ष से मजबूतीकरण किया जा रहा है जोकि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार का सबसे पहला सैद्धांतिक लक्ष्य भी है।
उन्होंने 46 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए प्रति परिवार इलाज सेवाएं मुहैया करवाने वाली सरबत बीमा योजना के अन्य पक्षों को उजागर करते हुए बताया कि यह इस योजना का पहला पड़ाव है और जिसके लागू होने से ज़रूरतमन्द नागरिकों में सेहत सुविधाओं और सुरक्षा के प्रति सार्थक माहौल बना है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहलकदमी का मंतव्य नागरिकों को महँगी और अति ज़रूरी इलाज सेवाएं लेने के लिए समर्थ बनाना है और सबसे महत्वपूर्ण उनको इस योग्य बनाना है कि सेहत सभी लोगों का प्रारंभिक अधिकार है, न कि सिफऱ् अमीर वर्ग का जो पैसा ख़र्च करके प्राईवेट अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरबत सेहत बीमा योजना के अंतर्गत आरक्षित रखी गई योजनाओं को सुचारू ढंग से चलाने के लिए सरकारी अस्पतालों में माहिर और तजुर्बेकार डॉक्टर भी हैं और स्वास्थ्य विभाग, पंजाब के पास अपेक्षित बुनियादी ढांचा भी है।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार की तरफ से चलाई गई स्कीम अधीन एक परिवार के लाभपात्रीयों को केवल 50 हज़ार रुपए तक का सीमित स्तर का इलाज मुहैया करवाया जाता था और पिछले समय में सरकारी अस्पतालों की दयनीय और बुरे हालातों के कारण ही प्राईवेट अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई जिस कारण सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का माली नुक्सान भी हुआ और अंत में बीमा कंपनियों का प्रीमियम न देने के कारण वह बीमा योजना फेल साबित हुई। उन्होंने कहा कि पिछली लागू सभी योजनाओं की कमियों को ध्यान में रखकर ही इस विलक्षण सरबत सेहत बीमा योजना को लागू किया गया है जिसका मंतव्य सरकारी अस्पतालों को मिलने वाली मुफ़्त और सस्ती सेहत सुविधाओं को बंद करना नहीं बल्कि ऑपरेशन और सजऱ्री जैसे महंगे इलाज के लिए प्राईवेट अस्पतालों को सूचीबद्ध करके आम लोगों तक पहुँचाना है। जिस पर निगरानी रखने के लिए जिला और राज्य स्तर पर विशेष प्रणाली भी बनाई गई है।