5 Dariya News

मुख्यमंत्री ‘हिम सेवा’ से होगा शिकायतों का त्वरित निदान: जेसी शर्मा

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धर्मशाला 06-Aug-2019

मुख्यमंत्री ‘हिम सेवा’ हेल्पलाइन जन सामान्य की समस्याओं के निवारण के लिए एक वरदान साबित होगी। प्रदेश के लोगों की आवश्यकताओं एवं शिकायतों के निवारण के लिए ‘हिम सेवा’ सरकार की एक बड़ी पहल है। इसकी सहायता से जन-साधारण की समस्याओं का समाधान घर-द्वार पर ही होना संभव होगा। साथ ही लोगों की त्वरित फीडबैक से शासन व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी तथा अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से भी आम जनता को अब निजात मिलेगी। हिम सेवा के माध्यम से लोगों की समस्या अब सीधा संबंधित विभाग तक घर बैठे पहुंचेगी तथा साथ ही संबंधित विभाग से समयबद्ध कार्यवाही होगी। अपनी शिकायत दर्ज कराने के बाद, शिकायतकर्ता घर बैठे पता लगा सकते हैं कि उनकी शिकायत किस स्तर तक पहंुची अथवा उस पर क्या कार्यवाही की जा रही है।प्रधान सचिव आईटी जेसी शर्मा ने मंगलवार को धर्मशाला मंडलीय क्षेत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री ‘हिम सेवा’ हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली समझाने के लिए राजकीय महाविद्यालय के त्रिगर्त सभागार मे आयोजित कार्यशाला में यह विचार व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ‘हिम सेवा’ हेल्पलाइन में लोग शिकायत, सूचना और सुझाव दे सकेंगे। इसके जरिए लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा पाएंगे, जिसका निर्धारित समयसीमा में समाधान तय किया जाएगा। इसमें सभी सरकारी योजनाओं की सूचना मिलेगी तथा साथ ही लाभार्थी आवेदन भी कर पाएंगे। इससे शासन व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए जनता से सुझाव व फीडबैक मिल सकेगी।उन्होंने हिम सेवा प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया सीएम हेल्पलाइन प्रदेश में वर्तमान में जन शिकायत निवारण की स्थापित व्यवस्थाओं की जगह नहीं लेगी, बल्कि उन सभी को एक धारा में जोड़ेने का काम करेगी। जल्द ही मुख्यमंत्री चार अंकों का एक हेल्पलाईन नंबर जारी करेंगे, जिस पर कॉल कर लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। लोगों की कॉल सुनने के लिए शिमला में पूरी व्यवस्था के साथ एक कॉल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें एक समय में एकसाथ 60 कॉल सुनीं जा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि दर्ज शिकायत तुरंत संबंधित विभाग व अधिकारी को भेजी जाएगी, जिसका तय समय में समाधन करना होगा। शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी को एसएमएस के जरिए पंजीकरण की जानकारी देने के साथ एक-दूसरे का मोबाईल नंबर भी साझा किया जाएगा। अधिकारी पोर्टल पर शिकायत देख पाएंगे तथा  समाधान के बाद पोर्टल पर निपटारा दर्ज करेंगे। इसके उपरांत कॉल सेंटर से निवारण को लेकर संतुष्टि जाननेे लिए शिकायतकर्ता को कॉल की जाएगी। उनके संतेाष जताने पर ही शिकायत समाप्त होगी, अन्यथा अगले स्तर के अधिकारी को कार्यवाही के लिए भेज दी जाएगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के तहत 4 स्तरों पर शिकायत के मामलों पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें खंड स्तर, जिला स्तर, विभागाध्यक्ष स्तर तथा राज्य स्तर शामिल हैं। हेल्पलाइन की निगरानी मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। यह हेल्पलाइन प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक कार्यशील रहेगी। निर्धारित समय में समस्या का निदान न होने पर इसे अगले स्तर पर कार्यवाही के लिए भेज दिया जाएगा।इस मौके उन्होंने हेल्पलाइन को लेकर विभिन्न अधिकारियों के सवालों का उत्तर देकर जिज्ञासाओं का समाधान किया।कार्यशाला में सूचना प्रौद्योगिक विभाग के सहायक निदेशक अनिल सेमवाल ने ‘हिम सेवा’ की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी।मुख्यमंत्री के आईटी मैनेजर किशोर शर्मा ने कहा हिम सेवा मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की जन हितैषी सोच का प्रतिफल है। उन्होंने सभी अधिकारियों से मुख्यमंत्री के इस प्रयास को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।इस अवसर पर मंडलायुक्त संजीव भटनागर, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, डीआईजी संतोष पटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।