नवीन ने लम्बित परियोजनाओं पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की
1241.65 करोड़ रुपये की लागत वालीं 306 परियोजनाओं को वितापोशण के लिए स्वीकृति मिली
5 Dariya News
जम्मू 02-Mar-2019
उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) जो आज प्रमुख सचिव उद्योग और वाणिज्य नवीन के. चौधरी की अध्यक्षता में हुई, ने 1241.65 करोड़ रुपये के निवेश वाली 306 परियोजनाओं को नए सिरे से वित्त पोषण के लिए स्वीकृति दी।एचपीसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए राज्यपाल के प्रशासन द्वारा गठित की गई, जिसने अपनी सात बैठकों में अब तक जम्मू और कश्मीर बुनियादी ढाँचा विकास निगम के माध्यम से वित्त पोषण के लिए 6565.13 करोड़ रुपये के संचयी निवेश के साथ 2512 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।योजना, विकास और निगरानी विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल, आयुक्त सचिव पीडब्ल्यूडी खुर्शीद अहमद शाह, मंडल आयुक्त जम्मू संजीव वर्मा, कार्यकारी निदेशक जेकेआईडीएफसी नाज़िम ज़िया खान, महानिदेशक युवा सेवा और खेल डॉ सलीम-उर-रहमान, सचिव जम्मू-कष्मीर राज्य खेल परिशद नसीम चौधरी और अन्य संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।एचपीसी की 7वीं बैठक में वित्त पोषण के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में आज कृषि उत्पादन विभाग की 2.35 करोड़ रुपये की लागत वाली एक परियोजना, पशु एवं भेड़पालन विभाग की 7 करोड़ रुपये की लागत वालीं 44 परियोजनाएं, संपदा विभाग की 25.37 करोड़ रुपये की लागत वालीं 4 परियोजनाएं, गृह विभाग की 16.24 करोड़ रुपये की लागत वालीं 3 परियोजनाएँ, बागवानी विभाग की 30.35 करोड़ रुपये की लागत वालीं 7 परियोजनाएं, उद्योग और वाणिज्य विभाग की 110 करोड़ रुपये की लागत वालीं 3 परियोजनाएँ, लद्दाख मामले विभाग की 200 करोड़ रुपये की लागत वाली 1 परियोजना, लोक निर्माण विभाग की 72.85 करोड़ रुपये की लागत वालीं 16 परियोजनाएं, पीएचई विभाग की 704.17 करोड़ रुपये की लागत वालीं 224 परियोजनाएं, पर्यटन विभाग की 0.97 करोड़ रुपये की लागत वाली 1 परियोजना और युवा सेवा और खेल विभाग की 72.31 करोड़ रुपये की लागत वालीं 2 परियोजनाएं षामिल हैं।बैठक में बोलते हुए नवीन ने कहा कि जेकेआईडीएफसी के माध्यम से वित्त पोषित सभी परियोजनाएं जियो-टैग की जाएंगी और प्रत्येक परियोजना की तस्वीरें संबंधित विभागों द्वारा उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक जांच के उद्देश्य से अपलोड की जाएंगी।उन्होंने कहा कि प्रक्रियागत अंतरालों के कारण आज की बैठक में जिन परियोजनाओं पर विचार नहीं किया जा सकता था, उन्हें अगली बैठक में लिया जाएगा, बशर्ते कि सभी औपचारिकताएं संबंधित प्रशासनिक विभागों द्वारा पूरी की जाएं।