5 Dariya News

नोबेल पुरस्कार विजेताओं द्वारा एलपीयू में चिल्डर्न साईंस कांग्रेस का शुभारंभ

नोबेल पुरस्कार विजेता डंकन हालडेन ने विशेष तौर पर स्कूली लड़कियों से मैथेमैटिक्स व फिजिक्स जैसे विषयों को पढ़ाई के लिए चुनने के लिए कहा

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जालन्धर 04-Jan-2019

लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी में जारी 106वीं इंडियन साईंस कांग्रेस के दूसरे दिन नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने अहम भूमिका निभाते हुए तीन दिवसीय चिल्डर्न साईंस कांग्रेस का शुभारंभ किया। साईंस कांग्रेस के एक अहम हिस्से के रूप मे चिल्डर्न साईंस कांग्रेस (राष्ट्रीय किशोर वैज्ञानिक स मेलन का शुभारंभ इजाराईल के नोबेल पुरस्कार विजेता अवराम हर्षको तथा अमरीका के नोबेल पुरस्कार विजेता फ्रैडरिक डंकन हालडेन ने किया। स मेलन का शुभारंभ करते हुए श्री हर्षको ने स्कूली विद्यार्थियो को विज्ञान युक्त भारत का भविष्य बताया और विश्वास से कहा कि एक ना एक दिन इनमें से बहुत से विद्यार्थी महत्वपूर्ण खोज करेंगे जो मानवता के लिए सही सिद्ध होंगे और हो सकता है उनमें से कई नोबेल पुरस्कार भी प्राप्त कर सकें।प्रो डंकन हालडेन ने कहा कि जब किसी को किसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो रिसर्च की उत्पत्ति होती है। स्कूली विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा-'साईंस विशेष तौर पर फिजिकस व मैथेमैटिक्स कठिन समझे जाते विषय हैं। लेकिन इनके प्रति हमारे अध्यापक ही हम में उत्साह पैदा कर सकते हैं। हमारे अध्यापक विशेष तरीके से कार्य करते हैं और हम उनका अनुकरण करते हैं। आप  सभी मैथेमैटिक्स को पढ़ें क्योंकि यह सभी कवांटिटेटिव स्रोतों का आधार है। मैं अपने प्राथमिक स्कूल के दिनों में कैमिस्ट्री विषय को पसंद करता था लेकिन मेरे अध्यापकों ने मेरे अंदर इससे ज्यादा फिजिक्स व मैथेमैटिक्स के प्रति लगाव देखा। आप सभी साईंस विषय का चयन मानवता की भलाई और सभी के जीवन में सुधार लाने के लिए करें ना कि किसी नोबेल पुरस्कार की लालसा में।नोबेल पुरस्कार विजेता डंकन हालडेन ने विशेष तौर पर स्कूली लड़कियों से मैथेमैटिक्स व फिजिक्स जैसे विषयों को पढ़ाई के लिए चुनने के लिए कहा।इससे पहले आईएससीए के जनरल प्रैजीडैंट मनोज कुमार चक्रबरती ने डिपार्टमैंट ऑफ साईंस एंड टैकनोलॉजी का धन्यवाद किया जो विगत कई वर्षों से स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित करती है। उन्होंने कहा अब यह महसूस किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को साईंस एंड टैकनोलॉजी को अपना करियर बनाना चाहिए। 

आने वाले 25 वर्षों में भारत की जनसं या 17 से लेकर 28 आयु वर्ग के युवाओं द्वारा जानी जाएगी और उनकी साईंस के प्रति देन से देश को अन्य राष्ट्रों से प्रतियोगिता करने में सहायता मिलेगी।एलपीयू के चांसलर श्री अशोक मित्तल ने सभी स्कली विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण इवैंट का भाग बनने पर बधाई दी और उनके गुणवत्तापूर्ण प्रॉजैक्टस के लिए भरपूर प्रशंसा भी की। उन्होंने स्कूलों के प्रिंसीपलों, अध्यापकों व माता-पिताओं से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों में साईंस के प्रति रूचि पैदा करें। डिपार्टमैंट ऑफ साईंस एंड टैकनोलॉजी के एनसीएसटीसी की हैड डॉ निशा मैंदीरत्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि वे साईंस कांग्रेस के विभिन्न आयोजनों में अपनी रूचि के अनुसार भाग लें ताकि वे साईंस को भली-भांति समझ सकें और इस दौरान आयोजन में उपस्थित महान वैज्ञानिकों से वार्तालाप भी करें।साईंस कांग्रेस का लक्ष्य पूरा करते हुए एलपीयू कैंपस में चल रही प्राईड ऑफ इंडिया एक्सपो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके 6 बड़े पंडाल 15000 से अधिक स्केयर मीटर में फैले हुए हैं जहां 150 से अधिक टॉप संगठनों ने अपनी प्रमुख तकनीकों, वैज्ञानिक उत्पादों, सेवाओं, प्राप्तियों और  नवीनताओं का खुल कर प्रदर्शन किया है। 20,000 स्कूली विद्यार्थी 200 से अधिक स्कूलों से अपने अध्यापकों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों के साथ इसको देखने के लिए निरंतर उमड़ रहे हैं।एक्सपो के साथ-साथ डीएसटी, एनसीईआरटी तथा पंजाब कौंसिल फॉर साईंस एंड टैकनोलॉजी द्वारा स्कूली विद्यार्थियों के सिलैक्ट किए गए 120 नवीनतम प्रॉजैक्टस भी प्रदर्शित किए गए हैं जिनका स्वयं विद्यार्थी ही देखने वालों के लिए उल्लेख कर रहे हैं। स्कूली विद्यार्थियों के प्रॉजैक्टस जैसे कि अंडेमान व निकोबार के बच्चों द्वारा कोरल समूह व रोजी-रोटी को दर्शाते; असम के विद्यार्थियों द्वारा नारियल के खोलों तथा सुपारी के तनों से पानी में से रासायनिक पदार्थ निकालने के तरीके; गुजरात से केले के छिलकों से फर्टीलाईजार बनाना तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट आदि सभी को  अत्यंत लुभा रहे हैं। वास्तव में चिल्डर्न साईंस कांग्रेस इंडियन साईंस कांग्रेस का एक अहम हिस्सा है जिसका लक्ष्य उभरते हुए वैज्ञानिक तैयार करना है।