विधायकों की प्राथमिकताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा : जय राम ठाकुर
मुख्यमंत्री ने किन्नौर व कांगड़ा जिलों के विधायकों के साथ बैठक की अध्यक्षता की
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शिमला 29-Dec-2018
राज्य सरकार प्रदेश के योजनाबद्ध विकास के लिए विधायक प्राथमिकता की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करेगी और विभिन्न विकासात्मक कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां कांगड़ा तथा किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ विधायकों की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल सन्तोषजनक रहा है, क्योंकि सरकार राज्य के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सफल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राज्य सरकार के विकासात्मक प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों का सन्तुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ की गई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछले एक वर्ष के दौरान केन्द्र से 9689 करोड़ रुपये की छः प्रमुख बाह्य सहायता परियोजनाएं प्राप्त करने में सफल रही है, जो राज्य में विकास की गति में तेजी लाने में मद्द करेंगी।जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार का पहला ही निर्णय वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को लेकर था, जिसमें पेंशन प्राप्त करने की आयु सीमा को बिना किसी आय सीमा के 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया गया, जिससे 1.30 लाख वृद्धजन लाभान्वित हुए। राज्य के लोगों की विकासात्मक जरूरतों तथा आकांक्षाओं की जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने एक वर्ष की इस छोटी सी अवधि के दौरान राज्य के 63 निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वाबलम्बन योजना युवाओं को स्वरोजगार के उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 80 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू की गई है, जिसमें 40 लाख रुपये तक प्लांट एवं मशीनरी के निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिड़ी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें तीन वर्षों के लिए ब्याज में पांच प्रतिशत सब्सिड़ी भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, सरकार ने 75 करोड़ रुपये के प्रावधान सहित मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना भी शुरू की है, जिसके अन्तर्गत दुकान/रेस्तरां, यात्रा संचालक, साहसिक खेलें, पारम्परिक हस्तशिल्प को शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि जन मंच आम आदमी को उनकी शिकायतों का घरद्धार के समीप तुरन्त समाधान के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी तक 65 निर्वाचन क्षेत्रों में 76 जन मंच आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 20 हजार से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत लाभार्थियों को 32,134 नए गैस कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को उनके घरद्धार के समीप बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। हिम केयर योजना उन परिवारों के लिए शुरू की गई है, जो आयुष्मान भारत अथवा अन्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजनाओं में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत अस्पताल में दाखिल होने पर पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार का प्रावधान है।
जिला किन्नौर
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने सुझाव दिया कि जनजातीय उप-योजना के लिए आवंटित धन राशि का उपयोग पूरी तरह जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ का मामला उठाया और कहा कि नौतोड़ के मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने जिले में खदानों की नीलामी के मामले को भी उठाया ताकि अवैध खनन को रोका जा सके।
जिला कांगड़ा
नूरपूर के विधायक राकेश पठानिया ने उनके क्षेत्र में चैकडैम के निर्माण के लिए आग्रह किया और कहा कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों के दुरूपयोग की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अवैध खनन को रोकने के लिए हिमाचल तथा पंजाब की सीमाओं की सरहदबंदी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने फिना सिंह सिंचाई योजना को शीघ्र पूरा करने की मांग की।इन्दौरा की विधायक रीता देवी ने जिले में मुख्यमंत्री द्वारा उनके प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन का आग्रह किया। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर भी बल दिया।जवाली के विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि सूखाहार चैनल को शीघ्र अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह 3000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित करने के लिए नगरोटा सूरियां अस्पताल के नए भवन का निर्माण किया जाना चाहिए।देहरा के विधायक होशियार सिंह ने समयबद्ध वन स्वीकृतियां तथा डीपीआर तैयार करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा न होने से विकासात्मक प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मसरूर मन्दिर को धरोहर स्थल घोषित करने के लिए उपयुक्त अधिकारियों से मामला उठाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पौंग बांध विस्थापितों को प्रदान की गई भूमि को नियमित किया जाना चाहिए।जयसिंहपुर के विधायक रविन्द्र कुमार ने उनके निर्वाचन क्षेत्र में ब्यास नदी के तटीकरण के लिए आग्रह किया और साथ ही दर्जन भर नालों में चैक डैम के निर्माण का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अच्छी पाठशालाओं की सुविधा का अभाव है और मुख्यमंत्री से उनके क्षेत्र में आवासीय विद्यालय खोलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्सिड़ी पर कांटेदार तार प्रदान की जानी चाहिए ताकि उनकी फसलों को जंगली जानवरों तथा बेसहारा पशुओं से बचाया जा सके।नगरोटा बगवां के विधायक अरूण कुमार ने उनके निर्वाचन क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण सड़कों के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने श्रमशक्ति व उपकरण प्रदान कर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांड़ा के सुदृढ़ीकरण के लिए भी आग्रह किया।
कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने कांगड़ा अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए उनके क्षेत्र में शिक्षण तथा स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए।पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि पालमपुर क्षेत्र की सड़कें इस वर्ष मानसून के दौरान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिन्हें सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा शीघ्र ठीक करने की आवश्यकता है। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा लोक निर्माण विभागों के मण्डल तथा उप-मण्डलों के युक्तिकरण के लिए भी आग्रह किया। उन्होंने पालमपुर में पर्यटन सूचना केन्द्र खोलने की भी मांग की।बैजनाथ के विधायक मुलख राज प्रेमी ने उनके निर्वाचन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने बैजनाथ में नए बस अड्डे के निर्माण तथा बैजनाथ अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए आग्रह किया।राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने उनके क्षेत्र में चन्दन की लकड़ी की तस्करी को रोकने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खैर की बिक्री राज्य की आय का सबसे बड़ा साधन हो सकता है, जिसके लिए सरकार द्वारा मामला संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जाना चाहिए।अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल कुमार खाची ने बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए कहा कि विधायकों के सुझाव व प्राथमिकताओं को उनके संबंधित क्षेत्रों में विकास प्रक्रिया की योजना तैयार करते समय शामिल किया जाएगा।खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, मनोज कुमार तथा आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव, विभागाध्यक्ष, किन्नौर तथा कांगड़ा जिलों के उपायुक्तों ने बैठक में भाग लिया।