सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने जेकेबोस के कामकाज की समीक्षा की
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जम्मू 18-Dec-2018
राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने आज एक बैठक का आयोजन कर जम्मू व कश्मीर राज्य स्कूली शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। चेयरपर्सन जेकेबोस प्रो. वीना पंडिता, सचिव स्कूली शिक्षा अजीत कुमार साहु, निदेशक स्कूली शिक्षा जम्मू अनुराधा गुप्ता, सचिव जेकेबोस रियाज अहमद, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा तुफेल मटटु, अकादमिक समिति के सदस्य, बोर्ड के सदस्यों के अलावा बोर्ड के संयुक्त सचिव तथा स्कूली शिक्षा विभाग और जेकेबोस के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। बैठक में जेकेबोस, पाठयक्रम तथा नई विकसित पुस्तकों की संख्या, एनसीईआरटी विशलेशन के प्रकाश में संशोधित पाठय पुस्तकों की संख्या, संशोधित पाठयपुस्तक (2017 और 2018) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
बैठक में सूचित किया गया कि जेकेबोस ने कक्षा एक से वैकल्पिक विशय के रूप में डोगरी, गोजरी, पंजाबी, पहाड़ी, कश्मीरी और भोटी जैसी क्षेत्रीय भाशाएं शुरू की हैं। इसके अलावा जेकेबोस ने ़2 चरण पर बायो-टेक्नॉलोजी, सूचना अभ्यासों, कम्पयूटर विज्ञान, बायो-कैमिस्ट्री, फंक्षनल इंगलिश, एप्लायड गणित, उद्यमियता, टूर ट्रैवल और होटल मैनेजमैंट, माईक्रो बायोलॉजी आदि जैसे विभिन्न फ्रंटलाईन विशय शुरू किये हैं। इन विशयों की शुरूआत शिक्षा प्रणाली में विविधिकरण की वजह से है। सलाहकार ने क्षेत्रीय भाशाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए प्राथमिक स्तर पर मातृभाशा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बल दिया। उन्होंने कहा कि मातृभाशा शिक्षा प्रदान करने के लिए सबसे अच्छी भाशा है।
उन्होंने क्षेत्रीय भाशा पुस्तकों में विज्ञान अवधारणा और सामान्य विशयों को शामिल करने के लिए भी कहा। बोर्ड द्वारा उत्पादित सामग्री की समीक्षा करते हुए सलाहकार ने कहा कि तैयार और प्रकाशित पुस्तकें एक छात्र को नवीनतम बाजार के रुझानों से जोड़ने में सक्षम होनी चाहिए। उन्होंने सम्बंधितों को पाठयपुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में सूचित किया गया कि वर्तमान जम्मू व कश्मीर स्कूली शिक्षा बोर्ड अपने पाठयक्रम के संदर्भ में एनसीईआरटी के पैटर्न को अपनाता है। बैठक के दौरान सलाहकार ने कहा कि विशयों की नई श्रंृखला शुरू करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बोर्ड से कक्षा 9 में कम्पयूटर विज्ञान को अनिवार्य विशय बनाने के लिए कहा।