5 Dariya News

स्कूली बच्चों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़ों की दवाई : मनमोहन शर्मा

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शिमला 30-Oct-2018

मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मनमोहन शर्मा ने आज यहां बताया कि बच्चों के पेट में कीड़ों से निजात पाने के लिए 1 नवम्बर 2018 को राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाई खिलाई जाएगी। किसी कारण अगर बच्चा दवाई खाने से वंचित रह जाता है तो 15 नवंबर को दवाई दोबारा छुटे हुए बच्चों को नजदीकी आंगनवाडी केंद्र अथवा स्कूल में खिलाने को कहा गया है। पेट में कीड़े स्कूल विद्यार्थीयों के लिए गंभीर बीमारी है। विश्वभर में 150 करोड बच्चे इसकी चपेट में है। बच्चों के पेट में ये कीड़े मिटट्ी में पडे़ कीड़ों के अण्डों से पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के पेट में कीडे़ होते हैं, वह खुले में शौच करते हैं, तो शौच में कई लाखों कीड़ों के अण्डे निकलते हैं जो मिट्टी में मिल जाते हैं। बिना धोई सब्जी या फल खाने से अथवा दूषित पानी पीने से या मिट्टी में खेलते वक्त गन्दे हाथ मुहं में डालने से, शौच जाने के बाद हाथ न धोने से और बिना धुले हाथों से खाना खाने से यह अण्डे शरीर में पेट के द्वारा पहुंच जाते हैं। कुछ कीड़ों के लारवा मिट्टी में पनपते हैं और नंगे पैर चलने से शरीर की त्वचा से खून में मिल जाते हैं।

मनमोहन शर्मा ने कहा कि पेट में कीड़े होने से शरीर में ताकत व खून की कमी होनी शुरु हो जाती है क्योंकि यह हमारे खून को चूसते हैं और साथ ही भोजन के जरुरी तत्व को निगल जाते है। थकावट के साथ-साथ भूख में कमी, कमजोरी और दस्त इत्यादि की शिकायत रहती है। पढ़ाई व काम में मन नहीं लगना, पेट में दर्द रहना, और तन-मन की वृद्धि न होना इनके अन्य लक्षण हैं। पेट में कीड़ों के गुच्छे कई बार आंत को रोक देते हैं। जिस कारण ऑपरेशन करने की नौबत भी आ जाती है। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों का इलाज संभव है।  एक वर्ष की आयु से 19 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को साल में दो बार कीडे़ की दवाई जरुर खानी चाहिए। इसके अलावा बार-बार हाथ धोना, नंगे पैर न घूमना, खुले में शौच न करना, साफ पानी पीना और सफाई पर ध्यान देना इसके बचाव के अन्य उपाय हैं। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया है कि वह विद्यार्थियों को अच्छी एवम् तंदरुस्त सेहत के लिए जागरुकता व जानकारी प्रदान करें। उन्हें सफाई व हाथ धोने का महत्व समझाएं और छः माह में एक बार सरकार द्वारा प्रोत्साहित कृमि मुक्त दिवस के दौरान पेट के कीड़ों की दवाई खाने के लिए प्रोत्साहित करें।