सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने अधिकारियों से जम्मू कश्मीर को शीघ्र ही पानी की कमी से मुक्त बनाने के लिए जलापूर्ति योजनाओं को बढ़ाने के लिए कहा
राज्य में पेयजल परिदृष्य, बाढ़ सुरक्षा कदमों की समीक्षा की
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श्रीनगर 17-Oct-2018
राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने आज पानी की कमी की समस्याओं को दूर करने तथा शीघ्र से शीघ्र राज्य को पेयजल की कमी से मुक्त बनाने के लिए मौजूदा जलापूर्ति योजना में वृद्धि लाने हेतु कई कदम उठाने के लिए बल दिया। मंत्री ने यह बात पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कही। सचिव पीएचई, आईएडंएफसी फारूक अहमद शाह, मुख्य अभियंता पीएचई जम्मू अशोक गंडोत्रा, मुख्य अभियंता पीएचई अब्दुल वाहिद, निदेशक वित्त आजाद अहमद वानी, निदेशक योजना एम.वाई. भटट, अधीक्षक अभियंता तथा विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। सलाहकार ने हर घर को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के जल संसाधनों को काम में लाने हेतु निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से सभी योजनाओं को यथाशीघ्र पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि विभाग नई योजनाओं के तहत आवश्यकता के आधार पर कुछ अटकी हुईं परियोजनाओं को प्राथमिकता दे सकता है ताकि इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई जा सके। अधिकारियों ने सलाहकार को सूचित कि विभाग ने वित्त विभाग को 786.86 करोड़ रु. की बकाया राशि के साथ 448 जलापूर्ति परियोजनाएं अग्रेशित की हैं, जिनमें से 558.49 करोड़ रु. की बकाया राशि के साथ 221 परियोजनाओं की उच्च अधिकार समिति द्वारा सिफारिश की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि श्रीनगर शहर में जलापूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए 148.37 करोड़ की लागत से पेयजल आपूर्ति की वृद्धि हेतु जेएनएनयूआरएम के तहत डब्ल्युएसएस तंगनार को लिया गया है, जबकि जम्मू शहर को 240 एमएलडी का अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु चिनाब दरिया से जम्मू शहर के लिए जलापूर्ति की वृद्धि हेतु 826 करोड़ निर्धारित किये गये हैं। बैठक में सोपोर, बारामुला, अनंतनाग, पुंछ, राजौरी, सांबा तथा अन्य सहित प्रमुख कस्बों के जलापूर्ति परिदृश्य पर भी चर्चा की गई। बैठक में सुचित किया गया कि पीएचई, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण तथा पीएमडीपी सहित विभिन्न हिस्सों के तहत राज्य क्षेत्र में 1939.29 करोड़ रु. का आवंटन स्वीकार किया गया है और इसमें से विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 प्रतिशत की राशि खर्च हुई है। बैठक में विभाग द्वारा शुरू किये जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि हर स्थान पर सभी बाढ़ सुरक्षा सम्बंधित कार्यों को प्राथमिकता से लिया जाएगा और इन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। बैठक को सूचित किया गया कि चरण 1 में शरीफाबाद, नैदखाई, पदशाही बाग, रामबाग तथा बेमिना सहित कई स्थलों पर गाद निकालने और बाढ़ सुरक्षा सम्बंधित कार्य निश्पादित किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त बेमिना से नैदखाई तक 82 करोड़ रु. की लागत से फल्ड स्पिल चैनल की रि-सैक्षनिंग शुरू की जा रही है।