स्थानीय निकायों ने किया स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के फंडिंग पैटर्न में बदलाव का आग्रह
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शिमला 25-Sep-2018
15वें वित्त आयोग द्वारा आज शिमला में विभिन्न राजनीतिक दलों, पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श आरम्भ किया गया। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी राज्य तथा कम आय व बहुत अधिक ऋण होने इत्यादि मुद्दों पर 15वें वित्त आयोग द्वारा विशेष विचार की आवश्यकता है। यह बात राजनीतिक दलों, भाजपा, कांग्रेस और सीपीआई (एम) द्वारा बैठक में कही गई। रेलवे में बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क सुविधा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ-साथ सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। इससे युवाओं के लिए उद्योगों और रोजगार सृजन के लिए अधिक निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी। उत्तर पूर्वी राज्यों की तर्ज पर औद्योगिक पैकेज की मांग भी की गई। राजनीतिक दलों ने राजस्व घाटे के अनुदान को जारी रखने की मांग की और जीएसटी से होने वाली राजस्व हानि का समाधान निकालने की भी मांग की। राजनीतिक दलों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार बीबीएमबी मामले में हिमाचल के हिस्से की भी मांग की। बिजली उत्पादन पर एक पैसा प्रति यूनिट सेस पर भी चर्चा की गई।स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान स्थानीय निकायों को निधि हस्तांतरित करने के तौर-तरीकों जैसे नीति संबंधित मुद्दों पर विशेष बल दिया गया। प्रनिधिनियों ने वित्त आयोग से निधि प्रदान व हस्तांतरण करने में राज्य की पहाड़ी पृष्ठभूमि, पर्यटकों के आवागमन तथा कठिन मौसमी परिस्थितियों जैसे विशेष मुद्दों पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने नगर निकायों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में पेजयल आपूर्ति, स्वच्छता तथा आपदा नियंत्रण जैसी नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए विशेष निधि का भी आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने ज़िला परिषदों व पंचायत समितियों को दिए जाने वाली निधि की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने आय बढ़ाने के अवसरों व माध्यमों में वृद्धि करने के लिए इको टूरिज़्म, सड़क सुविधा तथा अन्य सुविधाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता का आग्रह किया।उन्होंने वित्त आयोग से स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए फंडिंग पैटर्न में परिवर्तन का आग्रह किया। आयोग ने यह भी जानने की कोशिश की कि स्थानीय निकाय अपने राजस्व बढ़ाने के अवसरों व माध्यमों को किस प्रकार सृजित कर सकती है। 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री एन.के. सिंह, आयोग के सदस्य श्री शक्तिकांत दास, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. अशोक लहिरी, डॉ. रमेश चन्द, सचिव श्री अरविन्द मेहता तथा आयोग के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।