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श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व : मुख्यमंत्री ने संत समाज से विशाल समागम की सफलता के लिए कीमती सुझाव मांगे

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सुल्तानपुर लोधी 10-Sep-2018

आगामी वर्ष साहिब श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर विश्व स्तरीय समागम की सफलता के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज संत समाज से इस समागम के लिए कीमती विचारों, सुझावों और सहयोग की माँग की। आज यहां संत समाज के प्रतिनिधिों के साथ विचार-विमर्श करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह मान वाली बात है कि यह समागम उनकी सरकार के दौरान आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इन समागमों को बहुत ही बढिय़ा ढंग से मनाने को यकीनी बनाऐगी और उन्होंने इस संबंधी केंद्र सरकार से भी सहयोग की माँग की है। मुख्यमंत्री ने संत समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वह अपने कीमती सुझाव और विचार पेश करें जिससे समागमों की रूप-रेखा को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने बताया कि समागमों संबंधी नक्शा तैयार करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा और पी.डबल्यू.डी मंत्री विजय इंद्र सिंगला पर आधारित एक कमेटी का गठन किया। उन्होंने बताया कि ‘प्रकाश पर्व’ से सम्बन्धित प्रोग्राम पूरा साल आयोजित किये जाएंगे, जिनके द्वारा गुरू जी के जीवन, विचारधारा और कामों संबंधी बताया जायेगा, जोकि आज भी सांसारिक स्तर पर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज द्वारा दिए गए सुझाओं को कमेटी द्वारा बनाऐ नक्शाा को अंतिम रूप देने से पहले उसमें शामिल किया जायेगा। उन्होंने बाबा सरबजोत सिंह बेदी को विनती की कि संत समाज के नुमायंदों की एक कमेटी गठित की जाये, जोकि समागमों संबंधी प्रोग्रामों को अंतिम रूप देे और यथावत लागू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी के साथ लगातार संबंध रखे।

मुख्यमंत्री ने पंजाब और देश के दूसरे सूबों से पहुँचे संत समाज के सदस्यों को बताया कि पंजाब सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व गुरू जी के जीवन के साथ नज़दीक से जुड़ी ऐतिहासिक स्थानों सुलतानपुर लोधी, डेरा बाबा नानक और बटाला में मनाने का फ़ैसला किया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सुझाव पर प्रधानमंत्री ने समागमों संबंधी एक 36 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी का गठन किया है जोकि केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में काम करेगी, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री पंजाब, सांस्कृतिक मामलों के मंत्री और सांस्कृतिक मामलों के प्रमुख सचिव शामिल हैं। उन्होंनेे बताया कि सूबा सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से भी समागमों की रूप-रेखा संबंधी परामर्श लिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व 12 नवंबर 2019 को मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार ऐतिहासिक स्थानों पर विकास कामों की शुरुआत इस साल नवंबर के दूसरे हफ़्ते में की जायेगी। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार ने शताब्दी समागमों के लिए केंद्र सरकार से 2145 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की माँग की है। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार का अमृतसर में श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरफेथ स्टडीज़ और गुरदासपुर में 500 करोड़ रुपए की लागत से 500 बैड वाला एक सुपर स्पैशलटी अस्पताल स्थापित करने, सुलतानपुर लोधी में 200 करोड़ रुपए की लागत से विरासती गाँव ‘गाँव बाबे नानक का’ बनाया जाएँ और अन्य विकास कार्य करवाए जाने का प्रस्ताव है। गुरू नानक देव जी के नाम पर सडक़ों के नाम रखने संबंधी मुख्यमंत्री ने बताया कि सूबा सरकार ने इस सम्बन्ध में पहले ही गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के उप कुलपति के नेतृत्व अधीन एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें इतिहास विभाग और शिरोमणि कमेटी के प्रतिनिधियों को मैंबर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कमेटी सरकार को ऐतिहासिक महत्ता वाली सडक़ों संबंधी सुझाव देगी। 

इस मौके पर लाखों की तादाद में आने वाली संगत की आवक को ध्यान में रखते हुए उनको हर संभव सुविधा और उनके रहन-सहन के लिए उचित प्रबंध करने के लिए वचनबद्धता प्रकटाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार पहले ही भारत सरकार के रेल मंत्रालय के साथ संपर्क में है जिससे इस मौके पर विशेष रेल गाड़ीयाँ चलाईं जा सकें। उन्होंने कहा कि इसके अलावा श्री गुरू नानक देव जी के जीवन और फलसफे का संदेश देने के लिए पंजाब सरकार एक कोफी टेबल बुक भी छपाएगी जिससे मानवता को उनका संदेश उचित ढंग से पहुँचाया जा सके। उन्होंने बाबा सरबजोत सिंह बेदी को विनती की कि वह संत समाज की कमेटी का गठन करें जोकि सूबा सरकार की कार्यकारी कमेटी के साथ सीधा संपर्क बनाएं जिससे इस समागम की उचित रूप -रेखा तैयार कर सकें।इससे पहले बाबा नरिन्दर सिंह जी लंगर वालों ने विचार-विमर्श की शुरुआत करते हुए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित रहन-सहन, पार्किंग, पानी और अन्य प्रबंध बढिय़ा ढंग से करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस समागम के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाना चाहिए और साथ हीसाथ देश विदेश से आने वाली संगत की सुविधा के लिए विशेष हैल्प डैस्क स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने फिलौर, नूरमहल, नकोदर, सुलतानपुर लोधी, गोइन्दवाल साहिब और तरन तारन को जोड़ती सडक़ को नेशनल हाईवे घोषित कराने के लिए यत्न किये जाने चाहिएं। अपने विचार प्रकट करते हुए बाबा सरबजोत सिंह बेदी ने कहा कि 550 वें प्रकाश पर्व को एक मिसाली ढंग से मनाया जाना चाहिए जिससे श्री गुरु नानक देव जी का मानवता के प्रति संदेश विदेश के कोने-कोने तक पहुँचाया जा सके।बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिए गए संदेश ‘पवनु गुरू पानी पिता माता धरती महतु’ को समुची मानवता तक पहुँचाया जाये जिससे वातावरण का संरक्षण और भी बेहतर ढंग के साथ हो सके। इस मौके पर बाबा हरी सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री को यकीन दिलाया कि संत समाज इस शुभ मौके को और भी बढ़ी ढंग से मनाने में किसी तरह की कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ेगा और पंजाब सरकार को इसके लिए हर तरीके का सहयोग दिया जायेगा। 

इस मौके दूसरो के अलावा स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, लोक निर्माण मंत्री विजय इंद्र सिंगला, विधायक नवतेज सिंह चीमा और दविदंर सिंह घुबाया, पूर्व मंत्री जोगिन्द्र सिंह मान, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह, डिप्टी कमिशनर कपूरथला मुहम्मद तैय्यब, आई.जी नौनेहाल सिंह, एस. एस. पी कपूरथला सतीन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव कैप्टन सन्दीप संधू, ओ.एस. डी गुरप्रीत सिंह सोनू ढेसी, संत गुरमीत सिंह, बाबा संतोख सिंह कार सेवा बीड़ साहिब, संत गुरमेल सिंह नानकसर जगराओंं, संत मक्खण सिंह भाई मनी सिंह टकसाल अमृतसर, बाबा अवतार सिंह दल बाबा बिधि चंद, बाबा गज्जन सिंह तरना दल, बाबा जोगिन्द्र सिंह बूढ़ा दल, बाबा गुरदेव सिंह हरी वेलां वाले, श्री महंत बाबा ग्यानदेव सिंह कनखल, बाबा तेजा सिंह खुडडा वाले, बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा वाले, बाबा लखबीर सिंह रतवाड़ा साहिब वाले, बाबा हरी सिंह रंधावा, भाई अमरजीत सिंह, संत भुपिन्दर सिंह जरग, संत बलविन्दर सिंह राड़ा साहब, संत संतन नंद, बाबा राम सिंह, संत भोला सिंह, संत छोटा सिंह, संत प्यारा सिंह, संत सेवा सिंह, संत कश्मीर सिंह, संत सरूप सिंह, संत अवतार सिंह बद्धनी कलाँ, संत जसदेव सिंह, संत जैवइन्दर सिंह, संत दर्शन सिंह, संत बलबीर सिंह लंबे, भाई गुरइकबाल सिंह, संत जसवंत सिंह, ज्ञानी प्रताप सिंह झठ्ठीयांं, संत दरबारा सिंह, संत बलदेव सिंह, संत प्रितपाल सिंह, ज्ञानी बलवंत सिंह नन्दगड़, महंत बाबा काहन सिंह गोन्याना मंडी, संत दीदार सिंह, बाबा फौजा सिंह, संत जगजीत सिंह हरखोवाल, संत जगतार सिंह, संत सुख्खा सिंह, संत गुरचरन सिंह, महात्मा मुनि जी, संत अनभोल सिंह, बाबा प्रताप सिंह, बाबा अमरीक सिंह, संत गुरचरन सिंह सुरसिंह वाले, संत सुरिन्दर सिंह सुभाने वाले, बाबा राम दास और बाबा चरण दास गोपाल नगर वाले और अन्य संत-महापुरुष उपस्थित थे।