मुख्यमंत्री द्वारा कृषि को बचाने के लिए किसानों को एकत्र होने का निमंत्रण
फसली विविधता को किसानों की सभी समस्याओं का रामबाण कहा
5 दरिया न्यूज
लुधियाना 01-Feb-2014
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज किसानों को न्यौता दिया कि कृषि के मौजूदा संकट के सामने के लिए उनका एक मंच पर एकत्र होना अनिवार्य है। यहां गुरू अंगद देव यूनीवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एवं एनिमल साईसिज में किसान स्कूल ऑफ साईंटिस्ट होम का उद्घाटन करने के पश्चात प्रॉग्रेसिव किसानों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने अफसोस व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने कृषि को गैर मुनाफेवंद बना दिया है, जिस कारण किसानों को इस संकट भरे वातावरण में उभारने के लिए सांझ डालनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि लगातार कृषि में इस्तेमाल होने वाली खादें, दवाईयों एवं अन्य समान में बढ़ौतरी एवं न्यून्तम समर्थन मूल्य इस बढ़ौतरी अनुसार ना होने के कारण किसानों का मुनाफा कम होता जा रहा है, जिस का परिणाम उसपर बढ़ते वित्तिय बोझ के रूप में सामने आ रहा है। इस स्थिति में किसानों को सहायक कृषि गतिविधियों/व्यवसायों की तरफ प्रेरित होने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उनकी कमज़ोर आर्थिक स्थिति सुधरेगी वहीं कृषि आधारित राज्य की अर्थव्यवस्था को भी प्रौत्साहन मिलेगा। सहायक कृषि गतिविधियों द्वारा कृषि विविधता अपनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने इसको किसानों के सभी दुखों का रामबाण करार दिया। गुरू अंगद देव यूनीवर्सिटी लुधियाना को किसानों को इस तरफ अह्म दिशा दिखाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने यूनीवर्सिटी की प्रसार सेवाओं को मज़बूत करने के लिए भी कहा।
उन्होंने कहा कि यूनीवर्सिटी के वैज्ञानिक गांवों में जायें और किसानों को डेयरी, सूअर पालन, मतस्य पालन, मधुमक्खी पालन एवं अन्य कृषि सहायक व्यवसायों के लाभ बताकर अपनाने के लिए प्रेरित करें, जिससे मायुस किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री ने भूमिहीन किसानों विशेष तौर पर कमज़ोर वर्ग से संबंधित, को भी डेयरी व्यवसाय से जोडऩे की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं को डेयरी व्यवसाय में उत्साहित करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी की योजना चलाई गई है। मुख्यमंत्री ने यूनीवर्सिटी को 10 गांवों चुनकर उनको कृषि और पशुपालन में मॉडल गांव के तौर पर उभारने का न्यौता भी दिया ताकि यह गांव शेष गांवों क ो भी दिशा दे सके। बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा किसानों के कृषि औजारों को खरीदने पर आते भारी खर्चे के मद्देनज़र कृषि सेवा केद्रों द्वारा मंहगे औजार मुहैया करवाने के लिए कृषि औजारों पर दी जाती सब्सिडी 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को इन खेती सेवा केंद्रों द्वारा मंहगे औजार किराये पर मुहैया करवाये जाते हैं एवं उनको इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने और क हा कि पंजाब सरकार डेयरी को उत्साहित करने की अच्छी नस्ल की भैंसों एवं गायें मुहैया करवाने के लिए समयबद्ध कार्य योजना बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि रिवायती नस्ल की गायों एवं भैंसों की नस्ल को संभालने के लिए यूनीवर्सिटी को अह्म भूमिका निभानी चाहिए। स. बादल ने गुरू अंगद देव यूनीवर्सिटी और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा फसली विविधता में डाले योगदान के लिए सराहना भी की। बादल ने इससे पूर्व विश्व विद्यालय में लगी प्रदर्शनी के स्टॉल भी देखे और प्रॉग्रेसिव किसानों/पशुपालकों के साथ उनके प्रोजेक्टों संबंधी बात भी की। मुख्यमंत्री के साथ विधायक मनप्रीत सिंह इयाली, पूर्व एम पी अमरीक सिंह आहलीवाल, विशेष प्रधान सचिव/मुख्यमंत्री गुरकीरत कृपाल सिंह, पी ए यू के वी सी डॉ. बी एस ढिल्लों और गुरू अंगद देव यूनीवर्सिटी के वी सी डॉ. वी के तनेजा भी उपस्थित थे।