दादूपुर-नलवी व मेवात कैनाल के निर्माण न करवाने के विरोध में इनेलो का प्रदेशव्यापी बंद 18 अगस्त की बजाय 8 सितंबर को होगा : अभय सिंह चौटाला
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चंडीगढ़ 20-Aug-2018
प्रदेश सरकार द्वारा एसवाईएल, दादूपुर-नलवी व मेवात कैनाल के निर्माण न करवाने के विरोध में इनेलो का प्रदेशव्यापी बंद जो 18 अगस्त को होना था, वह अब 8 सितंबर को होगा। यह जानकारी नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला प्रैसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन उपरांत उनके सम्मान के तौर पर 18 अगस्त के बंद को स्थगित किया गया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक एसवाईएल का निर्माण नहीं होता और दादुपूर-नलवी नहर के डी-नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया जाता तब तक इनेलो पार्टी न तो चैन से बैठेगी और न ही सरकार को बैठने देगी।नेता विपक्ष ने यह भी कहा कि हर साल ‘सम्मान दिवस’ के रूप में मनाए जाने वाला जननायक चौधरी देवीलाल का जन्मदिवस समारोह इस साल 25 सितम्बर को गोहाना में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंद के अलावा प्रदेशवासियों को सम्मान दिवस के लिए भी घर-घर जाकर इनेलो नेता निमंत्रण देंगे। सम्मान दिवस के दिन ही सरकार द्वारा छात्र संघ चुनाव कराने की प्रस्तावित योजना को नेता विपक्ष ने इनसो को इन चुनावों से दूर रखने की साजिश बताया।बाढ़ प्रभावित केरल को केंद्र की ओर से दिए गए मुआवज को नेता विपक्ष ने पीडि़तों के साथ भद्दा मजाक बताते हुए केंद्र सरकार पर राहत के नाम पर लीपा-पोती करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए पार्टी की तरफ से एक राहत कोष बनाने की घोषणा करते हुए यह भी कहा कि इनेलो पार्टी के सभी सांसद और विधायक एक महीने का वेतन और राहत सामग्री केरल भेजेंगे। इनेलो की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय दल केरल भेजा जाएगा।
इससे पूर्व अशोक अरोड़ा की अध्यक्षता में इनेलो-बसपा की संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक भी हुई जिसमें नेता विपक्ष की उपस्थिति में प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांग की गई कि उच्च न्यायालय के फैैसले से प्रभावित कर्मचारियों को नियमित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाने की बजाए सरकार विधानसभा में बिल पास करके कर्मचारियों को राहत दे। उन्होंने यह भी कहा कि एसपीएल के मामले पर सरकार इनेलो के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। इनेलो इस तरह के किसी भी निर्णय का समर्थन नहीं करती तो कर्मचारियों के हित में न हो।इसके अतिरिक्त बैठक में दो और प्रस्ताव पारित किए गए जिनमें व्यापारियों की समस्या से जुड़े मुद्दों को रखा गया। संयुक्त दलों ने सरकार से मांग की कि ई-ट्रेडिंग व डायरेक्ट पेमेंट प्रणाली को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के साथ-साथ जीएसटी के दो ही स्लैब हों और अधिकतम कर की दर को घटा कर 18 प्रतिशत रखा जाए। अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार व्यापारियों की अनदेखी कर उन्हें जीएसटी और नए-नए कानून बनाकर परेशान करने का काम कर रही है।प्रदेश में बिगडती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त कार्यकारिणी सरकार से मांग की कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों को रोकने एवं कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए तुरंत उचित कदम उठाए और सरकार दलितों, महिलाओं, व्यापारियों व आम आदमी की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करे।मीटिंग में प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, बसपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र प्रजापति, रामपाल माजरा, पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान, गोपीचंद गहलोत, राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी बांगड़, सांसद चरणजीत रोडी व रामकुमार कश्यप, आरएस चौधरी, दिग्विजय सिंह चौटाला, विधायक परमेंद्र ढुल, हरिचंद मिड्ढा, पिरथी नम्बरदार सहित सभी इनेलो विधायक, एमएस मलिक, बीडी ढालिया, शीला भ्यान सहित अनेक गठबंधन नेता मौजूद थे।