सलाहकार के. विजय. कुमार ने आतिथ्य एवं सत्कार विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की
विकास गतिविधियों पर आवंटित धन का पूरा उपयोग सुनिष्चित करने, तोशाखाना में रखे गये लेखों को डिजिटल रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया
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श्रीनगर 08-Aug-2018
राज्यपाल के सलाहकार के. विजय. कुमार ने आज आयोजित एक बैठक में आतिथ्य एवं सत्कार विभाग के कामकाज की समीक्षा की। योजना एवं निगरानी विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल, आतिथ्य एवं सत्कार निदेशक खालिद मजीद द्राबू, संयुक्त निदेशक कश्मीर, जम्मू तथा विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने विभाग की जानकारी दी तथा राज्य में और इसके बाहर एचएमटी विभाग द्वारा शुरू की जा रही प्रमुख गतिविधियों के बारे में सूचित किया। बैठक के दौरान एचएमटी निदेशक ने राज्य में तथा राज्य के बाहर विभाग के संगठनात्मक ढांचे, कार्यात्मक परिदृष्य, वित्तीय स्थिति, सम्पतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह सूचित किया गया कि राज्य में इन प्रतिश्ठित व्यक्तियों को रिसेप्शन, परिवाहन और आवास प्रदान करने के सम्बंध में वीवीआईपी, उच्च प्रतिश्ठित व्यक्तियों और अन्य राज्य मेहमानों को सौजन्य बढाने के लिए एचएंडपी विभाग बहुत महत्वपूर्ण विंग रहा है। विभाग गुणवत्ता आतिथ्य एवं सत्कार प्रदान करने के लिए मिशन के साथ काम कर रहा है। बैठक में विभाग द्वारा प्राप्त किये गये राजस्व और ढांचे के उन्नयन पर किये गये व्यय के बारे में जानकारी दी गई। यह बताया गया कि वर्श 2017-18 में 172.83 लाख रु का राजस्व जबकि मई के ंअंत तक 45 लाख रु का राजस्व प्राप्त किया गया है।
सलाहकार को वर्श 2018-19 के लिए प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई जिनमें अकाद अनंतनाग, हरवन में वीआईपी हट का निर्माण, ढाचीगाम में वीआईपी हट का उन्नयन, गेस्ट हाउस जम्मू का उन्नयन, सर्किट हाउस जम्मू में अतिरिक्त ब्लाक का निर्माण, जम्मू में गेस्ट हाउस के नये ब्लाक का निर्माण तथा अन्य कार्य शामिल है। राज्य के बाहर विभाग की सम्पति के सम्बंध में बैठक में निवासी आयोग के नियंत्रण में नई दिल्ली तथा मुम्बई, चडीगढ तथा अमृतसर सहित अन्य शहरों में सम्पतियों की जानकारी दी गई। बैठक को वर्तमान वर्श के दौरान चालू तथा लिये गये कार्यों के बारे में भी सूचित किया गया। विभाग से जुडे विभिन्न मुद्दों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई और तदानुसार निर्णय लिये गये। कैपेक्स के तहत आवंटित धनराशि का उपयोग न करने का संज्ञान लेते हुए उन्होंने वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए विकास गतिविधियों पर इसका उपयोग करने पर बल दिया। विभाग को दी गई दूसरी जिम्मेदारी के बारे में सलाहकार को बताते हुए सूचित किया गया कि विभाग तोशाखाना संगठन की देखभाल कर रहा है जो महाराजा के समय के कीमती लेखों को संरक्षित कर रहा है और साथ ही साथ तोशाखाना में संग्रहित सभी वस्तुओं की उचित सूची बना रहा है। सलाहकार ने लेखों का ब्यौरा मांगा और तोशाखाना में रखे मूल्यवान लेखों को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के लिए कहा।