राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने चालू श्री अमरनाथजी यात्रा की प्रगति एवं सुरक्षा की समीक्षा की
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श्रीनगर 27-Jul-2018
श्री अमरनाथजी श्राईन बोर्ड के अध्यक्ष राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने आज राजभवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में चालू श्री अमरनाथजी यात्रा की समीक्षा की। राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार, मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रहमण्यम, जम्मू व कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एस.पी. वैद, जीओसी 15 कोर लै. जनरल ए.के. भटट, जीओसी विकटर फोर्स मेजर जनरल जे.पी. माथयुस, राज्यपाल के प्रमुख सचिव तथा श्री अमरनाथजी श्राईन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरूला, प्रमुख सचिव गृह आर.के. गोयल, मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान, आईजी सीआरपीएफ (ऑपरेशन) कश्मीर जुल्फीकार हसन, एडीजीपी सीआईडी जेएंडके ए.जी.मीर, एडीजीपी सुरक्षा एवं होम गोर्ड मुनीर अहमद खान, आईजीपी कश्मीर एस.पी. पाणी, आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर सैक्टर रवि दीप सिंह साही, डीआईजी सीआरपीएफ श्रीनगर एस.एस. गुलेरिया तथा श्री अमरनाथजी श्राईन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भूपिन्द्र कुमार बैठक में उपस्थित थे।श्री अमरनाथजी श्राईन बोर्ड के सीईओ उमंग नरूला ने सूचित किया कि 26 जुलाई 2018 की शाम 249220 तीर्थ यात्रियों ने पवित्र गुफा में पूजा की तथा तीर्थ यात्रियों का दैनिक औसत आगमन गिरावट दिखा रहा है।
आने वाले दिनों में यात्रा में आने वाली गिरावट के संदर्भ में बैठक ने यात्रियों की गिरती संख्या के साथ साथ लंगर संगठनों से सम्बंधित सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की। बैठक में घाटी में प्रवेश तथा बालटाल और चंदनवाडी के मार्गों पर सुरक्षा वातावरण तथा किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की स्थिति पर चर्चा की गई। मंडलायुक्त कश्मीर ने बैठक को सूचित किया कि वह सभी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी कर रहे हैं, जिसमें चिकित्सा सेवाएं, जल एवं बिजली आपूर्ति आदि के प्रावधान शामिल हैं तथा सभी उभरते मुददों को तत्काल आधार पर संभाला जा रहा है। सीईओ ने बताया कि यात्रियों को समय समय पर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के उददेश्य से दोनों यात्रा मार्गों पर कुल 71 चिकित्सा शिविर स्थापित किये गये हैं, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा क्षेत्र में 5 आधार अस्पताल, 12 चिकित्सा सहायता केन्द्र, 14 आपातकालीन सहायता केन्द्र तथा भारतीय प्रणाली औशधियों के 7 चिकित्सा शिविर स्थापित किये हैं, सेना ने 6 चिकित्सा शिविर, बीएसएफ ने 9, सीआरपीएफ ने 10, एसएसबी ने 2, जेके पुलिस ने 2 तथा एनजीओ ने 4 चिकित्सा शिविर स्थापित किये हैं, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मार्गों के महत्वपूर्ण स्थलों पर 15 आक्सीजन बूथ स्थापित किये हैं।
विषेश चिकित्सा उपचार प्रदान करने हेतु एम्स, सीजीएचएस, जेआईपीएमईआर, एलएचएमसी, पीजीआईएमईआर तथा डॉ. आरएमएल अस्पताल सहित विभिन्न प्रतिश्ठित अस्पतालों से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा डॉक्टर तथा पैरामेडिक्स को भी तैनात किया गया है। सूचित किया गया कि इसके अलावा यात्रा क्षेत्र में विभिन्न चिकित्सा शिविरों में 180289 यात्रियों/सेवा प्रदाताओं को ओपीडी सुविधा तथा 25012 यात्रियों/सेवा प्रदाताओं को रोगी उपचार प्रदान किया जा रहा है। यात्रा क्षेत्र में अब तक 3014 एक्स-रे, 3707 ईसीजी तथा 11555 लैब टैस्ट किये गये हैं। इसके अलावा 115 रोगियों को ईलाज एचएपीओ बैग में किया गया है और 122 रोगियों को यात्रा क्षेत्र में हृदय सम्बंधी समस्याओं के लिए चिकित्सा देखभाल मिली है। 598 मामलों को तृतीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए श्रीनगर में विषेश उपचार के लिए भेजा गया है। राज्यपाल ने बताया कि वह 31 जुलाई को आने वाली तीर्थ यात्रियों की संख्या की समीक्षा करेंगे और मौजूदा प्रबंधों के परिवर्तन/तर्कसंगतता की आवश्यकता पर विचार करेंगे। इस संदर्भ में एसएएसबी के सीईओ को जम्मू से कश्मीर तक तीर्थ यात्रियों की दैनिक चौकसी के लिए उपायुक्त जम्मू और अन्य अधिकारियों के साथ तत्काल परामर्श करने के निर्देश दिये गये।