पंजाब सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय मदद 2 लाख तक करने का एलान
खेलों के क्षेत्र में नाम कमाने वाले निर्माण श्रमिकों के बच्चों को भी दी जायेगी नकद वित्तीय सहायता
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चंडीगढ़ 20-Jul-2018
बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्करज़ वैल्लफेयर बोर्ड की एडवायजऱी कमेटी की एक विशेष मीटिंग आज कमेटी के चेयरमैन बलबीर सिंह सिद्धू श्रम मंत्री पंजाब के नेतृत्व में हुई। इस मीटिंग में यह अहम फ़ैसला लिया गया कि निर्माण श्रमिकों को कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता एक लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए तक की जायेगी।यह जानकारी देते हुए श्रम मंत्री पंजाब स बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि आज की मीटिंग का मुख्य मनोरथ बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वैल्लफेयर बोर्ड की वित्तीय सहूलतों में विस्तार करने के साथ-साथ बोर्ड द्वारा प्राप्त किये जा रहे सैस्स में और विस्तार करना था जिससे जरूरतमंद निर्माण श्रमिकों को समय पर अलग -अलग कल्याण स्कीमों अधीन वित्तीय सहायता दी जा सके।उन्होंने बताया कि आज की मीटिंग में मुख्य तौर पर निर्माण श्रमिकों के लिए कैंसर, दिल और गुर्दो की बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली एक लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता को बढ़ाकर दो लाख रुपए तक करने का फ़ैसला लिया गया। इसके साथ ही एडवाइजरी कमेटी ने निर्माण श्रमिकों के मैडीकल क्लेम बिलों को पास करवाने के लिए लेबर इंस्पेक्टरों को अंतिम तौर पर जवाबदेह बनाया है।उन्होंने बताया कि इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण फ़ैसला लेते हुए एडवाइजरी कमेटी ने निर्माण श्रमिकों की बच्चियों के विवाह पर दी जाने वाली शगुन राशि में 31 हज़ार रुपए से बढ़ा कर 51 हज़ार रुपए तक का शगुन दिए जाने को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।श्री सिद्धू ने बताया कि कमेटी ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला भी लिया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कि जिला, राज्य या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में नाम कमाते हैं उनके लिए नगद वित्तीय सहायता बोर्ड द्वारा दी जाएगी।
इसके साथ ही एडवाइजरी कमेटी ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दी जाने वाली वज़ीफ़ा स्कीम में संशोधन करने का फ़ैसला भी लिया। जिस अधीन अब 85 प्रतिशत की बजाय 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वज़ीफ़ा स्कीम अधीन 11 हज़ार रुपए सीधे तौर पर दिए जाएंगे।कमेटी द्वारा यह फ़ैसला भी लिया गया कि बोर्ड गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और अन्य उच्च शैक्षिक अदारों में पढ़ाई करने के लिए फीस पैटर्न का अध्ययन करेगा और इसके मुताबिक ही निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मैचिंग अनुदान बोर्ड द्वारा दिया जाएगा।श्रम मंत्री ने आगे बताया कि बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वैल्लफेयर बोर्ड द्वारा पंजाब में चार कौशल डिवैल्पमैंट सैंटर बनाए जा रहे हैं । उन्होंने बताया कि मोहाली में बनने वाले कौशल डिवैल्पमैंट सैंटर के निर्माण का काम 85 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस सैंटर का बाकी रहता काम डीएलएफ जैसे अन्य अदारों की मदद से कॉर्पोरेट सोशल रिसपोंसीबिल्टिी ( सी.एस.आर) फंड अधीन पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इन सेंटरों में निर्माण श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए लुहार का काम, प्लम्बर, वैल्डर, और इलेक्ट्रानिक आदि ट्रेडों के लिए शिक्षा दी जायेगी। श्रम मंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिकों को ऑनलाईन रजिस्टर्ड करने के लिए श्रम विभाग की तरफ से विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिंंम अधीन पिछले साल 1,40000 श्रमिकों को रजिस्टर्ड किया। उन्होंने श्री संजय कुमार प्रमुख सचिव श्रम विभाग को आदेश दिए कि ऑनलाईन रिजस्टरेशन करवाने के लिए गाँव से ब्लाक स्तर पर कैंप लगा के श्रमिकों को रजिस्टर्ड किया जाये। इस मीटिंग में विधायक पठानकोट श्री अनिल विज, श्री किशोर कुमार, भारत सरकार के नुमायंदे, श्री संजय कुमार प्रमुख सचिव श्रम विभाग, श्री विमल कुमार सेतिया श्रम कमिशनर, श्री हरकेश कुमार शर्मा मछली कलाँ राजनैतिक सचिव (स. बलबीर सिंह सिद्धू) और इसके इलावा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वैल्लफेयर बोर्ड के अन्य मैंबर विशेष तौर उपस्थित थे।