5 Dariya News

दुष्यंत ने लोकसभा में की गेस्ट टीचर्स को पक्का व कम्प्यूटर टीचर की नियमित भर्ती की मांग

नौकरी खोने की तलवार लटक रही हो तो शिक्षक कैसे पढ़ा पाएंगे बच्चों को शिक्षकों के 52 हजार पद खाली पड़े हैं

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नई दिल्ली 19-Jul-2018

बरसों से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स और कम्प्यूटर टीचर्स की नियमित भर्ती का मुद्दा सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में गूंजा। इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यत चौटाला ने गेस्ट टीचर्स और कंप्यूटर टीचर्स का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से इन्हें पक्का करने की मांग की। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जब शिक्षकों पर नौकरी से हटने की तलवार लटक रही हो तो वह बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे दे सकते हैं?इनेलो सांसद ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार वित्तीय संशोधन बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हरियाणा सहित देश के कई अन्य राज्यों में अतिथि अध्यापक व शिक्षामित्र बरसों से कार्यरत हैं परन्तु इनकी नौकरी पर सुप्रीम कोर्ट की तलवार लटक रही है। यदि किसी शिक्षक पर नौकरी खोने का डर हो तो भला व अपने शिक्षण कार्य से कैसे न्याय कर पाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि गेस्ट टीचर्स की नियमित करने के लिए वह क्या कदम उठा रही है।इनेलो सांसद ने कहा कि हरियाणा में 52 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने बिल संशोधन के तहत देश में पांचवी व आठवीं कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करने के फैसला का स्वागत तो किया परन्तु उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करने प्रणाली और तौर तरीकों को लेकर सवाल खड़े किए। 

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और बिना शिक्षकों के सरकारी स्कूलों में बच्चे ड्राप आउट हो जाने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि खेद की बात है कि जो गेस्ट टीचर्स स्कूलों में लगे हैं उनको नियमित करने के लिए सरकार विचार नहीं कर रही है।युवा सांसद दुष्यंत ने लोकसभा में गांव काबरेल के सरकारी स्कूल का हवाला देते कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते वहां पढऩे वाली सभी छात्राएं बोर्ड की परीक्षा में फेल हो गई। सांसद ने कहा कि दसवीं की कक्षा में सभी छात्राएं इसलिए फेल हो गई क्यों कि उपरोक्त स्कूल में विभिन्न विषयों के शिक्षक स्कूल में थे ही नहीं। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि केंद्र सरकार इन खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती के लिए क्या जरूरी कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की कमी के चलते पिछले पांच वर्षों में पांच लाख 87 हजार से अधिक बच्चों की कमी हो गई है।इनेलो सांसद ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने विभिन्न स्कीमों के तहत कम्प्यूटर तो सरकारी स्कूलों में भेज दिए परन्तु इनके लिए कम्प्यूटर टीचर नहीं है और न ही सरकारी स्कूलों में बिजली की व्यवस्था है। इनेलो सांसद ने कहा कि आइटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार स्कूलों में कम्प्यूटर टीचर्स की नियमित भर्ती करे।