केवल किसान वर्ग ही नहीं भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान है : अशोक अरोड़ा
5 Dariya News
चंडीगढ़ 04-Jul-2018
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने केंद्र व प्रदेश की सरकार पर किसान हितैषी होने का ढ़ोंग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते हैं वहीं किसानों को सरकार द्वारा तय लागत मूल्य भी नहीं दे रही। उन्होंन कहा कि किसानों को लागत मूल्य पर 50 फीसदी समर्थन मूल्य देना तो दूर की बात है उन्हें धान की फसल पर स्वयं द्वारा आंकलित लागत मूल्य से 1100 रुपए कम देने का काम किया है जो भाजपा के किसान विरोधी चहरे को दिखाता है। अशोक अरोड़ा ने मांग की कि सरकार किसानों को लागत मूल्य पर 50 फीसदी लाभ दे ताकि किसानों को कर्ज का बोझ न उठाना पड़े।इनेलो नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने साल 2016-17 में धान पर 2281 रुपए लागत मूल्य देने की सिफारिश की थी। लेकिन भाजपा सरकार ने किसान को मात्र 1470 से 1510 रुपए देने का काम किया जो लागत से लगभग 600 रुपए कम है। इसी तर्ज पर ही साल 2017-18 में राज्य ने धान पर 2860 रुपए लागत मूल्य बताया था पर किसान को केवल 1550 रुपए ही मिला। लगात से 1100 रुपए की पूर्ति किसान कैसे करेगा, भाजपा किसानों को इसका जवाब दें। उन्होंने यह भी कहा कि यह चौथी बार है जब सरकार धान की खरीद कर रही है लेकिन हर बार सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर भी प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपए नमी के नाम पर कटौती की गई।अरोड़ा ने यह भी कहा कि साल 2018-19 में किसानों को पर जीएसटी की मार पड़ी है। इस दौरान टै्रक्टर के पुर्जों, कीटनाशकों व खाद पर जीएसटी की वजह से और बिजली व डीजल के दामों में भारी वृद्धि के कारण लागत मूल्य में भारी वृद्धि हुई है। सरकार को चाहिए तो यह था कि वह किसानों का लागत मूल्य ईमानदारी से तय करते हुए उस पर 50 फीसदी लाभ देकर 4500 रुपए प्रति क्विंटल धान का रेट तय करती लेकिन किसानों का शोषण की मानसिकता वाली भाजपा ने केवल 200 रुपए समर्थन मूल्य की ही बढ़ोतरी की है जो सरकार के लिए शर्म की बात है। इनेलो प्रदेश सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करती है।
इनेलो नेता ने यह भी कहा कि पानी की कमी के चलते हरियाणा का अधिकतर हिस्सा डार्क जोन व क्रिटिक्ल जोन में आता है जिसके कारण किसानों के ट्यूबल के बोर काम करना बंद कर गए हैं लेकिन सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते सरकार डार्कजोन की आड़ में नए बोर की अनुमति नहीं देती। इनेलो मांग करती है कि खट्टर सरकार नए ट्यूबल कनैक्शन और नए बोर लगाने की प्रमिशन किसानों को तुरंत प्रभाव से दे।इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि केवल किसान वर्ग ही नहीं भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान है चाहे युवा हो जिसे भाजपा ने रोजगार के नाम पर लूटा, चाहे कर्मचारी वर्ग हो जिसको उसने पंजाब के समान वेतन देने का झूठा वादा किया था। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है और प्रदेश अपराधियों की आरामगाह बना हुआ है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री राहगिरी करते घूम रहे हंै। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने चार साल उत्सवों में निकाल दिए और अब गिल्ली-डंडा और सडक़ों पर ठुमकने का काम कर रहे हैं। भाजपा के इन्हीं प्रोपगेंडों की वजह से राज्य 1 लाख 61 हजार का कर्जाई हुआ है। हरियाणा में विकास नाम की कोई चीज नहीं है जो सरकार की हर मोर्चे पर विफलता दर्शाता है।हाईकोर्ट द्वारा हटाए गए कर्मचारियों को बहाल करने की मांग करते हुए अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री को विधानसभा का सत्र बुलाकर हटाए गए कर्मचारियों को पक्का करे। उन्होंने चुनावी सरगर्मी पर राय व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि इनेलो चाहती है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ हों ताकि जनता पर अतिरिक्त भार न पड़े। इसमें धन व समय दोनों की बचत है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अगर जल्द ही चुनाव करवाता है तो इनेलो-बसपा गठबंधन हर हाल में तैयार है और अगामी चुनाव कभी भी हों प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनना तय है। पे्रसवार्ता में पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, विधायक जसविंदर संधू, रणबीर गंगवा, वेद नारंग, रामचंद कम्बोज, आरएस चौधरी, बीडी ढालिया व प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।